Aakash Chopra on Harsha Bhogle controversy: कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में श्रीलंका और भारत के बीच खेले गए जा रहे दूसरे टेस्ट के शुरुआती दिन पहले सेशन में यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) की हरकत से सभी का स्वाद कड़वा हो हो गया था! क्रिकेट एक बार को बैकफुट पर जाते दिखी. घटना के समय ही साफ हो गया था कि जायसवाल बचेंगे नहीं. सोमवार को आईसीसी (ICC) का 'अजीब फैसला' भी सामने आया. पैटर्न बॉडी ने दोनों खिलाड़ियों जायसवाल और असिथा फर्नांडो पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना ठोक दिया. साथ ही दोनों को एक-एक डिमेरिट अंक दिया गया. इस घटना से पहले पिछले 24 महीनों में दोनों में से किसी भी खिलाड़ी ने कोई अपराध नहीं किया था. लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया पर हर्षा भोगले को सोशल मीडिया पर जायसवाल के जवाब ने चर्चा बटोर ली.
अब पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर हुई घटना पर एक सूक्ष्म दृष्टिकोण प्रस्तुत किया उन्होंने हर्षा भोगले की इस पुरानी सोच का समर्थन किया कि जायसवाल को वहां से चले जाना चाहिए था. वहीं यह सवाल भी उठाया कि क्या लगातार उकसाने पर प्रतिक्रिया देने के लिए भारतीय बल्लेबाज को दोषी ठहराया जा सकता है. चोपड़ा ने ध्यान दिलाया कि जारी टेस्ट सीरीज में जायसवाल को कई बार छींटाकशी (बैंटर) और विवादित सेंड ऑफ का सामना करना पड़ा है. इनमें से कुछ मर्यादा की सीमा लांघ गए थे और सुझाव दिया कि दोनों दृष्टिकोणों में सच्चाई है.
Yashasvi Jaiswal to Harsha Bhogle on yesterday's incident. pic.twitter.com/pFVNIIaA7u
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) August 24, 2026
आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'हर्षा भोगले क्रिकेट के पुराने सिद्धांतों को मानते हैं. उनका मानना था कि यशस्वी जायसवाल, असिथा फर्नांडो के बहुत करीब चले गए और उस तरह के माहौल में सही कदम यही होता कि वे चुपचाप वहां से चले जाते. लेकिन जायसवाल ने प्रतिक्रिया देने का विकल्प चुना. अब मैं सोच रहा हूं कि सही कौन है? क्या दोनों ही सही हो सकते हैं?
उन्होंने आगे कहा, 'जायसवाल को निशाना बनाकर लगातार छींटाकशी की जा रही है और कई बार सेंड-ऑफ दिया जा रहा है, जो कभी-कभी सीमा लांघ जाता है और निचले स्तर पर चला जाता है. हालांकि, जायसवाल ऐसे खिलाड़ी हैं जो करारा जवाब देना और चुनौती स्वीकार करना पसंद करते हैं.' चोपड़ा ने इस बात पर भी जोर दिया कि युवा खिलाड़ी विवादों से कैसे निपटते हैं, इसमें एक पीढ़ीगत बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि जायसवाल जैसे खिलाड़ी किसी मुद्दे को शांत होने देने के बजाय तुरंत जवाब देना पसंद करते हैं.
आकाश चोपड़ा ने कहा,'चीजों को करने का यह एक नया तरीका है. वरना, मैं कहता कि यशस्वी को भी जाने दो, उन्हें छोड़ दो, और कुछ दिनों के बाद मामला खत्म हो जाएगा. लेकिन हमारी युवा पीढ़ी, यह नई पीढ़ी कहती है, 'मैं इंतजार क्यों करूं? अगर आपने मेरे बारे में कुछ कहा है, तो मैं अभी आज ही साबित करूंगा कि यह सही है या गलत. मैं आपको दिखाऊंगा' वास्तव में दुनिया और कंटेंट तक पहुंचने का यह नया तरीका है.'
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