विज्ञापन

'वह एक काला दिन था', फिर आंदोलन करने वाले हैं सोनम वांगचुक! लद्दाख में निकला कैंडल मार्च

सोनम वांगचुक ने 2025 हिंसा में मारे गए 5 युवाओं की याद में लद्दाख के लेह में कैंडल मार्च निकाला. उन्होंने कहा कि हमने एक छोटे से कैंडल मार्च के साथ शुरुआत की है.

'वह एक काला दिन था', फिर आंदोलन करने वाले हैं सोनम वांगचुक! लद्दाख में निकला कैंडल मार्च
सोनम वांगचुक ने पिछले साल प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा की याद में कैंडल मार्ट निकाला. (Photo: IANS)
  • एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने पिछले साल 24 सितंबर की घटना को याद करते हुए कैंडल मार्च किया.
  • सोनम वांगचुक ने इशारा किया कि लद्दाख से दलाई लामा के जाने के बाद हम बड़े स्तर पर कार्यक्रम करेंगे.
  • सितंबर 2025 में राज्य दर्जा और छठी अनुसूची के लिए हुए प्रोटेस्ट में हिंसा-पुलिस कार्रवाई से कई मौतें हुई थीं.
लेह:

लद्दाख में पिछले साल 24 सितंबर की घटना को याद करते हुए सोमवार को कैंडल मार्च निकाला गया. 24 सितंबर 2025 को केंद्र शासित प्रदेश में राज्य का दर्जा और संविधान की छठवीं अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर प्रोटेस्ट हो रहा था. इस दौरान हुई झड़पों और पुलिस कार्रवाई में कई लोगों की मौत हो गई थी. उन्हीं की याद में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सोमवार को लेह में कैंडल मार्च निकाला. उन्होंने कहा कि 24 अगस्त से 24 सितंबर तक का वक्त पिछले साल लद्दाख में हुई हिंसक झड़पों में मारे गए लोगों की याद में मनाया जाएगा.

सोमवार को न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सोनम वांगचुक ने अपनी कुछ मांग रखी. उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 की हिंसा की जांच करने वाले आयोग की रिपोर्ट इसी महीने जारी की जाए. 

सोमन वांगचुक ने कहा, "मांगों पर आगे चर्चा करने के लिए लेह एपेक्स बॉडी (LAB), कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) और केंद्र सरकार के बीच सितंबर के पहले हफ्ते में एक अहम बैठक होगी.

'यह पूरा महीना घटनाओं को याद करने के लिए...'

LAB और KDA के साथ मिलकर लद्दाख में विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई करने वाले वांगचुक ने कहा, "24 अगस्त से 24 सितंबर तक का यह पूरा महीना 24 सितंबर 2025 की घटनाओं को याद करने और उन्हें सम्मान देने के लिए मनाया जा रहा है. वह एक काला दिन था. उस दिन हमारे पांच युवा शहीद हो गए थे और कई अन्य लोग घायल, विकलांग या गंभीर रूप से ज़ख्मी हो गए थे."

उन्होंने आगे कहा कि हमने एक छोटे से कैंडल मार्च के साथ शुरुआत की. इसे छोटा इसलिए रखा गया क्योंकि दलाई लामा अभी लद्दाख में हैं. उनके जाने के बाद, हम इस महीने को और भी बड़े स्तर पर मनाएंगे यानी पिछले साल की घटना को याद करेंगे."

पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों को याद करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा, "पिछले एक साल के हालात की बात करें तो लद्दाख छह साल से अपने अधिकारों की मांग कर रहा है, लेकिन देरी और टालमटोल की वजह से लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए 10 सितंबर को भूख हड़ताल शुरू की. 15वें दिन, जब प्रदर्शनकारियों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, तो जनता बहुत परेशान और नाराज हो गई. ऐसे हालात बने या शायद जानबूझकर बनाए गए, जिनकी वजह से कुछ हिंसा हुई. इस मामले की जांच बहुत जरूरी है."

ये भी पढ़ें: कौन हैं सोनम वांगचुक? 9 साल तक नहीं पढ़े फिर पिता से बगावत कर बने मैकेनिकल इंजीनियर, अनोखे अविष्कारों से छाए

जांच आयोग की रिपोर्ट की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि देरी से लोगों का भरोसा कम हो रहा है.

वांगचुक ने कहा, "हम एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाले जांच आयोग के मामले में भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. पूरा एक साल बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है. इस देरी से लोगों का भरोसा कम हो रहा है. हमें उम्मीद है कि जांच आयोग की रिपोर्ट इसी महीने जारी कर दी जाएगी."

उन्होंने आगे कहा, "लद्दाख की मांगों को लेकर 22 मई को हुई चर्चा के बाद से अब तक कोई बैठक नहीं हुई है. हमें उम्मीद है कि वादे के मुताबिक सितंबर के पहले हफ्ते में एक निर्णायक बैठक होगी. वरना, हमें अपनी आवाज और जोरदार तरीके से उठानी होगी, भले ही शांतिपूर्ण ढंग से."

ये भी पढ़ें: राष्ट्रपति का सरकारी अस्पताल में होता है इलाज... सोनम वांगचुक को मेदांता भेजने की मांग पर HC में बोली सरकार

लद्दाख में हुई हिंसा के बाद वांगचुक को जोधपुर जेल में 170 दिनों तक हिरासत में रखा गया और मार्च 2026 में रिहा किया गया. जहां LAB और KDA छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं, वहीं केंद्र ने प्रस्ताव दिया है कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन सात जिलों में से प्रत्येक में एक स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (Autonomous Hill Development Council) का गठन करेगा, जो अनुच्छेद 371 के तहत एक ढांचा प्रदान करेगा. अप्रैल में लद्दाख में जिलों की संख्या दो से बढ़कर सात हो गई. केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बातचीत का अगला दौर सितंबर में होने की उम्मीद है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Sonam Wangchuck, Ladakh, Leh, Ladakh Violent Protests, Candle March
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com