भारत ने रविवार को वडोदरा में मेहमान न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए तीन मैचों की सीरीज के पहले डे-नाइट मुकाबले में मेहमानों को 4 विकेट हराकर 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. एक मुश्किल विकेट पर जीत के लिए 301 रनों का पीछा करते हुए भारत ने सतर्क शुरुआत की थी, लेकिन रोहित शर्मा (19) जल्द ही आउट हो गए, लेकिन यहां से पूर्व कप्तान विराट कोहली (93) और शुभमन गिल (53) ने दूसरे विकेट के लिए 118 रनों की साझेदारी करके मैच का परिणाम लगभग सुनिश्चित कर दिया. लेकिन जब सबकुछ सही जा रहा था , तब चालीस ओवर के आस-पास भारत ने दस से भी कम रन के भीतर तीन विकेट गंवाए, तो करोड़ों भारतीय फैंस के चेहरे पर तनाव पसर गया. लेकिन इस तनाव को नंबर सात पर खेलने आए हर्षित राणा (29 रन, 23 गेंद, 2 चौके, 1 छक्का) ने हटाने का बहुत उम्दा प्रयास किया. जहां केएल राहुल ने एक छोर पर निहायत ही जरूरी जिम्मेदारी और संयम (नाबाद 29 रन, 21 गेंद, 2 चौके, 1 छक्के) का परिचय दिया, दूसरे छोर पर राणा ने दबाव हटाने का काम किया. इन दोनों ने छठे विकेट के लिए बहुमूल्य 37 रन की साझेदारी की. और इस कोशिश को वॉशिगंटन सुदंर (नाबाद 7 रन) ने केएल राहुल के साथ मिलकर 1 ओवर पहले ही सार्थक कर दिया.
न्यूजीलैंड की पारी:
कॉनवे और निकोल्स ने बखूबी किया काम
कप्तान गिल ने टॉस जीतकर पहले बॉलिग चुनी तो सोचा भी नहीं होगा कि ऐसी शुरुआत मिलेगी. लेकिन वडोदरा की इस पिच का स्वभाव ठीक वैसा ही निकला, जो कीवियों को पसंद आता है. मतलब गेंद थोड़ा रुक कर आ रही थी. स्ट्रोक खेलना मुश्किल था. बॉल का इतंजार करना था. खेलने के लिए भी, शॉट लगाने के लिए भी. और कुछ ऐसा ही किया डेवोन कॉनवे और हेरनी निकोल्स ने. कॉनवे और निकोल् ने भारत को पावरप्ले में कोई सफलता नहीं लेने दी और 21 ओवर तक बिना विकेट गंवाए टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया.
2. दोनों ओपनरों ने ली भारतीयों बॉलरों के संयम की परीक्षा
कॉनवे और निकोल्स ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि भारत के पूरे बॉलिंग प्लान की कड़ी परीक्षा ली. दोनों बल्लेबाज़ों ने शुरुआत में जोखिम से बचते हुए स्ट्राइक रोटेट की और ढीली गेंदों पर सटीक प्रहार किया. कॉनवे ने कवर और मिड‑विकेट के बीच गैप तलाशे, निकल्स ने कट और पुल जैसे स्ट्रोक्स से रन गति बनाए रखी. स्पिनर आते ही रिवर्स स्वीप और सिंगल‑डबल पर फोकस दिखा . और पहले 20 ओवर में न्यूज़ीलैंड का रन रेट लगातार 5 से ऊपर बना रहा. कुल मिलाकर इन्होंने 21.4 ओवरों में 117 रन की साझेदारी करके इस पिच पर वह स्कोर खड़ा कर दिया, जहां से न्यूजीलैंड बॉलर मेजबानों के खिलाफ पूरे जोश और उत्साह के साथ लड़ने के बारे में सोच सकते थे. कॉनवे ने 67 गेंदों पर 6 चौकों, 1 छ्कके से 56 और निकोल्स ने 69 गेंदों पर 8 चौकों से 62 रन बनाए.
3. हर्षित राणा ने कराई वापसी
मैच का रुख उस समय बदला जब हर्षित राणा ने लगातार दो बड़े विकेट निकाले. और वह भी दो ओवरों के ही अतंराल पर. पहले राणा ने हेनरी निकल्स को आउट कर 117 रन की साझेदारी तोड़ी, तो फिर अगले ही स्पैल में डेवोन कॉनवे को बोल्ड कर दिया. न्यूज़ीलैंड का स्कोर 126/2 हुआ और इससे उसकी रन गति पर ब्रेक लग गया. मैच में वापसी के लिहाज से राणा का यह ओवर मुकाबले में भारत की व वापसी कराने वाला साबित हुआ. राणा थोड़े महंगे तो जरूर रहे. उन्होंने 10 ओवर में 65 रन दिए, लेकिन 2 अहम विकेट भी लिए.
4. डारेल मिशेल बन गए फिर मुसीबत
इस कीवी बल्लेबाज को टीम इंडिया के बॉलर कुछ ज्यादा ही पसंद आते हैं. वैसे मिशेल एक आक्रामक बल्लेबाज हैं, लेकिन यहां वडोदरा की धीमी पिच से अच्छा तालमेल बैठाया कि वह टी20 विश्व कप के लिए भी अच्छी तरह से तैयार हैं. ओपनरों के आउट होने के बाद न्यूज़ीलैंड का मिडिल ऑर्डर लड़खड़ाया, लेकिन डारेल मिशेल एक छोर पर परेशानी का सबब बन गए. और वह अपने काम को अंजाम देकर ही आउट हुए. प्रसिद्ध कृष्ण ने छुटकारा तो दिलाया, लेकिन वह 71 गेंदों पर 5 चौकों और 3 छक्के जड़कर न्यूजीलैंड के लिए बड़ा स्कोर सुनिश्चित कर चुके थे
5. कीवी टीम ने छू ही लिया 300 का आंकड़ा
मिशेल आउट हुए, तो लगा कि कीवी टीम 300 के आंकड़े को नहीं छू पाएगी. लेकिन नंबर-9 बल्लेबाज क्रिस्टियन क्लार्क ने आखिर में 17 गेंदों पर 3 चौकों से नाबाद 24 रन बनाकर भारत के नियमित अंतराल पर विकेट चटकाने को थोड़ा सा फीका करते हुए अपनी टीम को कोटे के ओवरों में 8 विकेट पर 300 का स्कोर दिला दिया. भारत के लिए सिराज, राणा और प्रसिद्ध कृष्णा ने दो-दो और कुलदीप यादव ने 1 विकेट लिया.
यह भी पढ़ें:
विराट बने नंबर‑2, इस गणित से जानें क्यों सचिन का रिकॉर्ड तोड़ना है असंभव
विराट कोहली ने यह बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा, गांगुली पीछे, फैंस बोले, इन 3 का बचना मुश्किल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं