Sadagoppan Ramesh on Team India: टीम इंडिया आज मेजबान ऑयरलैंड से बेल्फास्ट में सीरीज का दूसरा और आखिरी टी20 मैच खेलने जा रही है, लेकिन करोड़ों भारतीयों को पहले मैच में 34 रन से मिली हार का दर्द अभी गया नहीं है. न ही फैंस के मन से और न ही पूर्व क्रिकेटरों के दिल से. पूर्व ओपनर सदागोपन रमेश ने शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में मिली 34 रन की हार के बाद टीम इंडिया के नजरिए की. उन्होंने मेहमान टीम पर आरोप लगाया कि उन्होंने मेजबानों को बहुत हल्के में लिया और इस लापरवाही की उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी. सभी ने देखा कि पहले तो बॉलरों ने आयरिश टीम के उम्मीद से कहीं ज्यादा 183 रन बनवा दिए, तो वहीं बाद में भारतीय बैटिंग भी चरमरा गई. श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अपने निर्धारित 20 ओवर पूरे करने से पहले ही 148 रनों पर सिमट गई. और इसी के साथ ही भारत के माथे पर आयरलैंड से हार का दंश भी लग गया.
'ओवर कॉन्फिडेंस का शिकार हुई टीम इंडिया'
बहरहाल, पूर्व ओपनर रमेश का मानना है कि यह हार अति-आत्मविश्वास का परिणाम थी. उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय टीम ने आयरिश विरोधियों का सम्मान करने के बजाय मानसिक रूप से अपना ध्यान आगामी इंग्लैंड श्रृंखला पर केंद्रित कर लिया था. उन्होंने आयरलैंड की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी योजनाओं को समझदारी से लागू किया, विशेषकर बड़ी बाउंड्री का उपयोग करके और भारतीय बल्लेबाजों को शॉर्ट-पिच गेंदों से परेशान करके. रमेश ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'आयरलैंड बड़ी बाउंड्री का उपयोग करने और शॉर्ट डिलीवरी से भारतीय बल्लेबाजों को परखने के लिए प्रशंसा का पात्र है. यह स्पष्ट था कि भारत ने मैच को हल्के में लिया. उन्हें लगा कि आयरलैंड श्रृंखला एक पिकनिक टूर है और वे आसानी से जीत जाएंगे. वे केवल इंग्लैंड श्रृंखला को लेकर गंभीर थे, लेकिन आयरलैंड ने भारत को यह सबक सिखाया कि यह कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है.' आलोचना जारी रखते हुए, रमेश ने आयरलैंड श्रृंखला को भारत के कार्यक्रम में एक अप्रत्याशित जुड़ाव बताया, लेकिन उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि यह कभी भी इस प्रदर्शन को सही नहीं ठहराया जा सकता
'पहले मैच की हार समझ से परे'
रमेश ने आगे कहा, ' आयरलैंड श्रृंखला तो मूल रूप से निर्धारित भी नहीं थी. यह मुख्य कोर्स (इंग्लैंड) के लिए अचार जैसा था, लेकिन भारत शर्मनाक तरीके से उस 'अचार' (आयरलैंड) के तीखेपन को संभाल नहीं सका. इसके लिए चाहे कोई भी बहाना बनाया जाए, यह टीम इंडिया के लिए एक चौंकाने वाली और भयानक हार है. अति-आत्मविश्वास कभी अच्छा नहीं होता और इसी कारण कल रात भारत की कहानी खत्म हो गई. भारत को आत्मविश्वासी होना चाहिए, लेकिन अति-आत्मविश्वासी नहीं.' रमेश ने कहा, 'हां, कभी-कभी हाथी भी फिसल जाता है. लेकिन आयरलैंड के खिलाफ ऐसा कैसे हो सकता है? यह एक बड़ा झटका है, खासकर उस टीम के लिए जिसका आखिरी टी20 मैच विश्व कप का फाइनल था. विश्व कप में एक महीने की टी20 क्रिकेट खेलने के बाद, सभी भारतीय खिलाड़ियों ने आईपीएल में 3 महीने और खेले. 4 महीने तक लगातार टी20 क्रिकेट खेलने के बाद आयरलैंड से हार जाना समझ से परे है.'
'इंपैक्ट प्लेयर ने कमजोर की फील्डिंग'
पूर्व बल्लेबाज ने हार के पीछे भारत की खराब फील्डिंग को भी एक प्रमुख कारण बताया और इस बात पर जोर दिया कि बार-बार कैच छोड़ने के कारण आयरलैंड 180 से अधिक का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर पाया. उन्होंने तर्क दिया कि आईपीएल में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम ने कुछ खिलाड़ियों को फील्डिंग में अपनी कमियों को छिपाने में सक्षम बनाया है, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संभव नहीं है.
उन्होंने कहा, 'भारत ने बेहद खराब क्रिकेट खेली. वे टी20 विश्व कप से लेकर आईपीएल तक और कल तक कैच छोड़ रहे हैं. ऐसा लगता है कि वे हमेशा ऊंचे कैच छोड़ देते हैं. आईपीएल में आप केवल बल्लेबाजी या गेंदबाजी कर सकते हैं और इम्पैक्ट प्लेयर विकल्प के कारण अपनी फील्डिंग छिपा सकते हैं. लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11 में रहने के लिए आपको एक अच्छा फील्डर होना ही होगा. कई खिलाड़ी आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण केवल बल्लेबाजी करके बच गए.'
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