इंग्लैंड के पूर्व कप्तान सर जेफ्री बॉयकॉट ने बताया है कि स्टार दाएं हाथ के बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने उनसे संपर्क नहीं किया, जबकि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में ब्रूक की एकाग्रता (Concentration) को बेहतर बनाने में मदद करने की पेशकश की थी. ब्रूक में सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसे महान बल्लेबाजों को टक्कर देने की क्षमता है.
बॉयकॉट ने 'जेफ्री बॉयकॉट: एन एक्स्ट्राऑर्डिनरी इनिंग्स' पॉडकास्ट के हालिया एपिसोड में कहा, 'पिछले साल उनके चाचा मेरे पास आए और बोले, 'क्या आप उनसे बात करेंगे?' उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं उनके बारे में क्या सोचता हूं. मैंने उन्हें बिल्कुल यही बात बताई. उन्होंने कहा, 'सच में?' मैंने कहा, 'हां.' मैंने कहा कि इतनी क्षमता बहुत कम लोगों में होती है, यह खास है.'
'मैंने नंबर दिया, लेकिन कभी जवाब नहीं मिला'
उन्होंने आगे कहा, 'उन्होंने पूछा, 'क्या आप उनसे बात करेंगे?' मैंने कहा, 'मेरे लिए उनके पास जाना ठीक नहीं रहेगा. हो सकता है कि वह मुझे भगा दें.' लेकिन अगर वह मुझसे पूछते, तो मैं जरूर मदद करता. मैं क्यों नहीं करता? मैंने उन्हें अपना नंबर दिया, लेकिन कभी कोई जवाब नहीं मिला.'
'प्रतिभा का फायदा नहीं उठा पा रहे ब्रूक'
ब्रूक दुनिया के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज़ हैं, लेकिन एक साल से ज्यादा समय से इस फॉर्मेट में शतक नहीं लगा पाए हैं. बॉयकॉट ने कहा, 'वह अपनी प्रतिभा का पूरा फ़ायदा नहीं उठा पा रहे हैं. मैंने पहले भी कहा है और फिर कहूंगा, मैंने बहुत सारे खिलाड़ी देखे हैं.'
इंग्लैंड के लिए 108 टेस्ट और 36 वनडे खेलने वाले बॉयकॉट ने कहा, 'मैंने लंबे समय से किसी में ऐसी प्रतिभा नहीं देखी है जैसी उनमें है. जबरदस्त प्रतिभा. टाइमिंग, शॉट खेलने का तरीका, वह लंबे हैं, उनकी पहुंच (reach) अच्छी है, लेकिन उनकी सोच अविश्वसनीय है.'
हेडिंग्ले में पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट में ब्रूक ने 91 रन बनाए थे, और लॉर्ड्स में चल रहे मैच में 15 रन बनाए. बॉयकॉट ने कहा, 'अगर वह इसी तरह खेलते रहे, तो उनका करियर ठीक-ठाक रहेगा, लेकिन अगर वह बेहतर सोचें, तो उनमें लारा और तेंदुलकर के स्तर तक पहुंचने की क्षमता है. और यह बहुत खास बात है. उस स्तर तक पहुंचना बहुत बड़ी बात है.'
'वह बेवकूफी भरी जगहों पर कैच आउट होता रहेगा'
'उनके ऊपर बहुत कम लोग हैं, सिवाय ब्रैडमैन के, और वह खास हैं, लेकिन वह वनडे क्रिकेट में भी हर गेंद पर शॉट खेलने की कोशिश करते हैं.' बॉयकॉट ने कहा, 'वह गेंद को ठीक से देखता नहीं है, बस पहली ही गेंद पर ज़ोरदार शॉट मारने की कोशिश करता है. वह बस मिड-ऑफ़, मिड-ऑन और ऐसी ही बेवकूफी भरी जगहों पर कैच आउट होता रहेगा.'
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