- नामीबियाई टीम को भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 93 रन से हार का सामना करना पड़ा
- कप्तान गेरहार्ड इरासमस ने बताया कि ओवर छह से दस के बीच मैच टीम के हाथ से निकल गया
- इरासमस ने अरुण जेटली स्टेडियम की पिच में कोई बदलाव नहीं बताया और भारत के गेंदबाजों की गुणवत्ता सराही
नामीबियाई टीम को भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबले को 93 रन से गंवाना पड़ा. टूर्नामेंट में लगातार दूसरी हार के बाद नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरासमस ने बताया कि 6 से 10 ओवरों के बीच टीम के हाथ से मैच निकल गया. कप्तान गेरहार्ड इरासमस ने अरुण जेटली स्टेडियम की पिच को लेकर कहा, 'मुझे नहीं लगता कि पिच में कोई बदलाव था. असल में भारत के गेंदबाजों की गुणवत्ता सामने आई, खासकर मिडिल ओवर्स में. ओवर 6 से 10 के बीच का फेज ही निर्णायक साबित हुआ, और वहीं मैच हमारे हाथ से निकल गया.'
भारत के खिलाफ करारी हार के बाद कप्तान इरासमस ने कहा, 'मुझे लगा कि मैदान काफी छोटा है. दूसरी पारी में थोड़ी ओस पड़ने से स्पिनर्स के लिए गेंदबाजी मुश्किल हो सकती थी. इसलिए 26 ओवरों के बाद लगा कि हम मुकाबले में बने हुए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से वरुण के उस स्पेल ने हमारी रन-चेज की कमर तोड़ दी.'
जेजे स्मट्स ने भले ही 4 ओवरों में 50 रन देकर 1 विकेट निकाला, लेकिन अंतिम ओवर में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 3 रन दिए. इस दौरान भारत ने 2 विकेट भी गंवाए। स्मट्स की तारीफ में कप्तान ने कहा, 'मुझे लगता है कि उनका डेथ ओवर्स का स्पेल भी अहम रहा. वह पावरप्ले के बाद वापस आए, कुछ रन जरूर गए, लेकिन यही वह तरह की विशेषज्ञता है जो हम अपनी टीम में चाहते हैं. हमारे लिए हमेशा चुनौती यही रही है कि पारी की शुरुआत और अंत, दोनों को बड़ी टीमों के स्तर तक कैसे ले जाएं.'
चेन्नई की परिस्थितियां शायद हमारे अनुकूल थीं. मुझे लगता है कि अभी भी बहुत कुछ बाकी है. हम इस वक्त 100 प्रतिशत पर नहीं दे रहे हैं. इस दौरे में हम उस स्तर तक पहुंचना चाहेंगे. हमारी बल्लेबाजी में काफी क्षमता है, लेकिन हम उतनी गेंदें सही जगह नहीं खेल पा रहे हैं कि एक मजबूत आधार बना सकें और उस क्षमता को दिखा सकें.
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