महेंद्र सिंह धोनी के IPL2026 में खेलने को लेकर लगातार चर्चाएं तेज हो रही हैं लेकिन मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स के प्रदर्शन ने अब इस सवाल को और पेचीदा बना दिया है. CSK ने लगातार दो मुकाबले जीते हैं, यानी टीम जीत की पटरी पर लौटती दिख रही है. शनिवार को CSK अपना छठा मुकाबला खेलने उतर रही है, जिसमें धोनी के खेलने की संभावना उनकी फिटनेस पर निर्भर है, पर कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने जीत रही टीम के प्लेइंग इलेवन में पिछले मुकाबले के दौरान कोई बदलाव नहीं किया. ऐसे में अगर धोनी फिट भी होते हैं तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विनिंग कॉम्बिनेशन में छेड़छाड़ कर धोनी की टीम में वापसी होगी? या उनका किरदार बदलेगा. वो विकेट के पीछे नहीं बल्कि बल्ले के साथ आखिरी ओवरों में इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर धूम मचाते दिखेंगे?
A beautiful, everyday reminder of the things we just love to see! 💛
— IndianPremierLeague (@IPL) April 18, 2026
Just MS Dhoni doing his thing in the nets 🏏#TATAIPL | #KhelBindaas | #SRHvCSK | @ChennaiIPL | @msdhoni pic.twitter.com/pKLBKvTHSR
धोनी की वापसी की संभावना कितनी मजबूत
धोनी नेट्स पर लगातार दिख रहे हैं. पर टीम मैनेजमेंट ने अब तक धोनी की फिटनेस और रोल को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है. हालांकि फ्रेंचाइजी के भीतर यह माना जा रहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो धोनी को बतौर फिनिशर या मेंटर प्लेयर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उनकी सीधी प्लेइंग इलेवन में एंट्री तय नहीं दिखती.
यहीं पर इम्पैक्ट प्लेयर का ऑप्शन सबसे मजबूत नजर आता है. धोनी को एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में उतारा जा सकता है जो सिर्फ आखिरी ओवरों में आए और मैच का रुख पलट दे, ठीक वैसे ही जैसा वो सालों से करते आए हैं और एक बेहतरीन फिनिशर के तौर पर अपनी पहचान बनाई है.
44 साल की उम्र होने के बावजूद पिछले आईपीएल में 11 गेंदों पर नाबाद 26 रन, 12 गेंदों पर 27 रन, 16 गेंदों पर नाबाद 30 रन और 4 गेंदों पर 11 रन जैसी पारियां उनके बल्ले से निकली हैं.
सूत्रों के मुताबिक धोनी पूरी तरह फिट हैं, लेकिन टीम संतुलन और कॉम्बिनेशन को देखते हुए फैसला लिया जाएगा. इसका मतलब साफ है कि वापसी की संभावना बनी हुई है, लेकिन यह पूरी तरह टीम के प्रदर्शन पर निर्भर है.
No one like MS Dhoni! ❤️
— Star Sports (@StarSportsIndia) May 21, 2019
Don't we all agree with @RaviShastriOfc?
How important will the finisher's role be in India's quest for #CricketKaCrown? ICC #CWC19 begins on May 30, LIVE on Star Sports! #AreYouIn pic.twitter.com/eWSiER4l1A
क्यों अब भी सबसे खतरनाक फिनिशर हैं धोनी?
धोनी का नाम आते ही मैदान में शांत दिमाग से फैसले लेते और आखिरी ओवरों में दमदार छक्के से मैच पलटने वाले कैप्टन कूल आंखों के सामने आ जाते हैं.
आईपीएल में 5000 से अधिक रन, ज्यादातर मिडिल और लोअर ऑर्डर में आकर.
डेथ ओवर्स (16-20) में स्ट्राइक रेट 180 से भी अधिक. IPL में 100 बार नॉट आउट पवेलियन लौटने का रिकॉर्ड. यानी टीम को अक्सर मैच में जीत दिलाकर लौटने की आदत.
264 छक्के, जिनमें से अधिकतर आखिरी ओवरों में जमाए गए हैं. 20वें ओवर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में सबसे ऊपर.

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फिनिशर किंग का टैग और मैदान पर इम्पैक्ट बड़ा फैक्टर
धोनी सिर्फ रन नहीं बनाते, मैच खत्म करते हैं. IPL में उनके नाम दर्जनों सफल चेज दर्ज है. आखिरी ओवर में 15 से अधिक रन बना कर टीम को मैच दिलाने के कई यादगार लम्हें दिए. कई बार 200 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बना कर मैच का रुख पलटा.
उनकी सबसे बड़ी ताकत पिच पर मुश्किल समय में संयम बनाए रखना है. दबाव के समय जब कई खिलाड़ी पैनिक कर जाते हैं, धोनी वहीं से अपना गेम बनाते हैं.
भले ही धोनी हर मैच में खेलते नजर न आएं, लेकिन उनका इंपैक्ट ड्रेसिंग रूम और रणनीति में साफ दिखता है. युवा खिलाड़ियों के साथ उनकी बातचीत, मैच के दौरान फैसले और कप्तानी की समझ टीम को लगातार फायदा दे रही है.
जानकार मानते हैं कि धोनी का असर उनके खेलने से अधिक उनकी मौजूदगी में है, यही कारण है कि वो अब तक टीम के साथ बने हुए हैं. साथ ही CSK जिस ट्रांजिशन के दौर से गुजर रही है वहां धोनी की अहमियत है.
धोनी की डेथ ओवर्स की रणनीति, विकेट के पीछे की समझ, दबाव में कूल रहना, जैसी चीजों ने ही CSK को अलग बनाया है.
तो क्या जीतती टीम में धोनी के लिए होगा बदलाव?
क्रिकेट का एक पुराना सिद्धांत है कि जीतती हुई टीम में ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहिए. CSK इस समय अगर लगातार जीत दर्ज करती है तो टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि क्या सिर्फ धोनी को शामिल करने के लिए विनिंग कंबिनेशन तोड़ा जाए. फिलहाल टीम संतुलित दिखती है ऐसे में बदलाव करना जोखिम भरा हो सकता है. खासकर तब जब अभी लगातार दो मैच टीम ने जीते हैं.

ऐसे में रणनीतिक विकल्प क्या हो सकते हैं?
सबसे बड़ा विकल्प है धोनी को इंपैक्ट प्लेयर के रूप में लाना. उन खास परिस्थितियों में इस्तेमाल करना जहां टीम को उनके फिनिशर रोल की सबसे अधिक जरूरत हो. या फिर उन्हें पूरी तरह मेंटर की भूमिका में रखना. ये सभी विकल्प मैनेजमेंट के सामने खुले हैं.
हालांकि यह भी तय है कि अगर टीम किसी मुश्किल दौर में फंसती है या फिनिशिंग में दिक्कत आती है, तो धोनी की फुल टाइम वापसी फिर देखने को जरूर मिलेगी.
फिलहाल CSK को विनिंग कॉम्बिनेशन तोड़ना नहीं चाहिए और धोनी को बतौर इम्पैक्ट प्लेयर उतारना चाहिए. लेकिन जैसे ही टीम को अनुभव और फिनिशिंग की जरूरत महसूस होगी, धोनी का नाम सबसे पहले सामने आएगा.

Photo Credit: BCCI
तो क्या इंपैक्ट प्लेयर बनना ही धोनी के लिए सबसे बड़ा विकल्प है?
क्रिकेट एक्सपर्ट्स लगभग 60-70 फीसद इसी संभावना को मानते हैं. न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर मिशेल जॉन मैक्लेनाघन कहते हैं कि धोनी को बतौर इम्पैक्ट सब्स्टिट्यूट मैच में उतारना चाहिए, खास कर जब टीम चेज कर रही हो. उनका साफ कहना है कि अगर धोनी इंपैक्ट प्लेयर के रूप में आते हैं तो डेथ ओवर में फिनिशर की उपयोगी भूमिका निभाएंगे.
धोनी डेथ ओवर्स यानी 16-20 ओवर के दरम्यान करीब तीन हजार रन बना चुके हैं. यहां पर 184 पारियों के दौरान उनका स्ट्राइक रेट करीब 190 रहता आया है. इस दौरान 186 छक्के और 220 छक्के धोनी के बल्ले से निकले हैं. डेथ ओवर्स में सबसे अधिक रन और सबसे अधिक बाउंड्री जमाने वाले क्रिकेटर धोनी ही हैं.
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