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इंग्लैंड में खराब प्रदर्शन की मार, यह सपोर्ट स्टॉफ 'बलि का बकरा' बनने को तैयार? पहले भी रहे कई बड़े उदाहरण

इंग्लैंड में हुए सूपड़ा साफ के बाद BCCI ने टीम की समीक्षा का ऐलान कर दिया है. और जो खबरें आ रही हैं, वह बहुत ही ज्यादा चौंकाने वाली हैं

इंग्लैंड में खराब प्रदर्शन की मार, यह सपोर्ट  स्टॉफ 'बलि का बकरा' बनने को तैयार? पहले भी रहे कई बड़े उदाहरण
गंभीर एंड कंपनी BCCI के निशाने पर है
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करीब चार महीने पहले ही विश्व चैंपियन बनी टीम इंडिया का हाल इंग्लैंड में ऐसा होगा, किसी ने भी कल्पना नहीं की थी. और आयरलैंड के खिलाफ दो किसी दूर-दूर तक नहीं, लेकिन तथ्य सामने है. पहले आयरिश टीम ने 2-0 से धोया और फिर अंग्रेजों ने 4-0 से. इस प्रदर्शन के बाद फैंस और पूर्व क्रिकेटरों के बीच हाहाकार मचा हुआ है, तो वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने विदेशी धरती पर हुए सूपड़ा साफ की समीक्षा की बात कह दी है. वास्तव में, बोर्ड के आला अधिकारी गंभीर एंड कंपनी से बहुत ही ज्यादा खफा हैं. और जो खबरें मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से आ रही हैं, उससे लगता है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि चली आ रही "पुरानी प्रथा" के जरिए ही फैंस और पूर्व क्रिकेटरों का गुस्सा शांत करने की रस्म अदायगी कर ली जाएगी? 

मॉर्कल और डोशेट हटना चाहते हैं!

साल 2024 में तीन साल के लिए नियुक्त किए गए गंभीर को जो सहायक मांगे. गंभीर ने वही सपोर्ट स्टॉफ चुना, जिन्होंने उनके साथ मिलकर केकेआर को चैंपियन बनाया था. शुरुआती ना नुकुर के बाद BCCI ने गंभीर के सपोर्ट स्टॉफ के साथियों के रूप में अभिषेक नायर,  रियान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच के रूप में मॉर्न मॉर्कल को हरी झंडी दिखा दी . लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि ये दोनों ही अपना अनुबंध आगे न बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.  और इस विषय पर BCCI की इन दोनों के साथ बातचीत जारी है. 

दोनों को आ रही ये समस्या

एक अग्रणी अखबार के अनुसार डोशेट अपनी भूमिका को जारी रखने को लेकर आश्वस्त नहीं है. और इस बात को लेकर उन्होंने बोर्ड को सूचित कर दिया है. डोशेट ने बता दिया है कि उन्हें पूरे साल लगातार यात्रा करने को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तो वहीं बॉलिंग कोच मॉर्कल अपने विकल्प तौल रहे हैं. बोर्ड मुद्दे का हल निकालने के लिए दोनों से ही संवाद की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर इनकी समस्या वास्तविक है या वजह कुछ और है? एकदम से ऐसी क्या वजह पैदा हो गई कि दोनों का मन खिन्न हो गया? रिपोर्ट यह भी है कि अगर दोनों के साथ रास्ता नहीं निकलता है, तो BCCI हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बॉलिंग कोच नियुक्त किए गए लक्ष्मीपति बालाजी को टीम के साथ जोड़ सकता है. 

इस सपोर्ट स्टॉफ के सदस्य पर गिरेगी गाज?

इंग्लैंड दौरे में जिस बात ने सबसे ज्यादा निराश फैंस को किया वह भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग रही. और खबरें ऐसी हैं कि लगातार गिरते प्रदर्शन के बाद फील्डिंग कोच टी दिलीप की छुट्टी हो  सकती है. सूत्रों के अनुसार, 'बीसीसीआई लगातार गिरते फील्डिंग स्तर से खुश नहीं है. पिछले साल अभिषेक नायर को हटाए जाने के बाद टी दिलीप अपनी नौकरी बचा पाने में सफल रहे थे.'  ऐसे में साफ है कि BCCI इंग्लैंड में मिली विफलता के लिए टी दिलीप को बलि का बकरा बनाने जा रहा है, लेकिन क्या इस फैसले से 'तमाम चीजें' दुरुस्त हो जाएंगी?

भारतीय क्रिकेट में लंबा है स्पोर्ट स्टॉफ के 'बलि के बकरे' का इतिहास

साफ है कि यह प्रथा सालों से भारतीय क्रिकेट में चली आ रही कि जब भी भारतीय टीम औंधे मुंह गिरती है, तो BCCI वास्तविक कारणों का निदान करने के लिए किसी एक की 'बलि' ले लेता है. इस बाबत उदाहरणों की भरमार है.  साल 2019 विश्व कप में भारत के खराब प्रदर्शन के बाद सहायक कोच संजय बांगड़ को नंबर-4 बल्लेबाज तैयार न कर पाने की सजा मिली. यूं तो टीम ने कई विकल्प आजमाए थे, तो वहीं इसी संस्करण में अंबाती रायुडु का बड़ा विवाद भी हुआ. और जब भारत सेमीफाइनल में हारा, तो फिर BCCI ने समीक्षा करते हुए बांगड़ को बर्खास्त कर दिया, वहीं बाकी स्टॉफ को नहीं छुआ गया. 

साल 2014 में जो डावेस और ट्रेवर पेनी

बीसीसीआई ने साल 2012 में एरिक सिमंस की जो डावेस को टीम इंडिया का बॉलिंग कोच  नियुक्त किया था.  वह मुख्य कोच डंकन फ्लेयर के कार्यकाल के दौरान सपोर्ट स्टॉफ का हिस्सा थे. लेकिन साल 2011 और 2012 में डंकन फ्लेचर के कार्यकाल में टीम इंडिया लगातार 8 टेस्ट मैच हारी. धोनी की कप्तानी में भारत को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी जमीं पर 4-0 के अंतर से पीटा. गावस्कर के बहुत ज्यादा दबाब बनाने के बावजूद बीसीसीआई ने फ्लेचर को तो कागजों पर बरकरार रखा, लेकिन दोनों सहायक बॉलिंग कोच जो डावेस और फील्डिंग कोच ट्रेवर पेनी की छुट्टी कर दी


अभिषेक नायर का मामला तो अभी भी ताजा है

अभिषेक नायर हेड कोच गौतम गंभीर का दायां हाथ बनकर टीम इंडिया से जुड़े थे,  लेकिन उनके साथ एक नहीं, कई बातें घटीं. कुछ तो पहली बार देखने में आई. नायर के समय भारत न्यूजीलैंड से घर में 3-0 से हारा, तो ऑस्ट्रेलिया में 3-1 से हार मिली. वहीं, कुछ सीनियर खिलाड़ी अभिषेक नायर के बहुत ज्यादा तकनीकी हस्तक्षेप और ड्रेसिंग रूम में भूमिका से खुश नहीं थे. वहीं, मीडिया में लीक हुईं कुछ खबरों के लिए भी नायर निशाने पर आ गए. नतीजा यह रहा कि नायर को एक साल के बाद ही टीम इंडिया से बर्खास्त कर दिया गया.  

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