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वैभव ने पाने से ज्यादा गंवाया! आखिरी पारी में खराब शॉट, कुछ ऐसे हुआ पहले दलीप ट्रॉफी का समापन

दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ दलीप ट्रॉफी फाइनल की दूसरी पारी के साथ ही वैभव सूर्यवंशी के करियर के पहले दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट का समापन हो गया. निश्चित रूप से वह कहीं ज्यादा हासिल कर सकते थे. बड़ा संदेश दे सकते थे और यहां से सीखने के लिए बहुत कुछ है

वैभव ने पाने से ज्यादा गंवाया! आखिरी पारी में खराब शॉट, कुछ ऐसे हुआ पहले दलीप ट्रॉफी का समापन
vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी फाइनल की दूसरी पारी में नाकाम रहे
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खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट में पूर्व क्षेत्र पहली पारी की विशाल बढ़त के आधार पर ही चैंपियन बन चुका था. ऐसे में अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम में चुने गए खासकर वैभव सूर्यवंशी सहित बाकी टैलेंटेड शिखर मोहन जैसे खिलाड़ियों के लिए मंगलवार का चौथा दिन बिना किसी दबाव के बैटिंग कर बड़ा स्कोर कर सेलेक्टरों को मैसेज भेजना ज्यादा था. खासकर पहली पारी में जमकर विकेट गंवाने वाले पूर्व के उप-कप्तान और सुपर किड सूर्यवंशी  पर नजरें ज्यादा थी कि वह बड़ी पारी खेलकर  टूर्नामेंट का समापन करेंगे, लेकिन अपने करियर के पहले दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट की आखिरी पारी में वैभव बहुत ही घटिया शॉट खेलकर आउट हो गए.  कुल मिलाकर वैभव ने अपने पहले बड़े घरेलू टूर्नामेंट में कमाने से ज्यादा गंवाया ज्यादा. सूर्यवंशी ने अगरकर एंड कंपनी को संदेश तो दिया कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलने की प्रतिभा रखते हैं, लेकिन अगर प्रतिभा रनों में तब्दील नहीं होगी या इसी अंदाज में विकेट गंवाएगी, तो फिर आगे टीम इंडिया के लिए रेड फॉर्मेट में उनके लिए खासी मुश्किलें आएंगी. 

दूसरी पारी में और खराब शॉट

पहली पारी में 44 रन बनाने वाले वैभव को दक्षिण ने प्लान के तहत आउट किया. और ऑफ स्टंप के बाहर से पुल खींचने की कोशिश में सूर्यवंशी 130 किमी/घंटा रफ्तार वाली गेंद पर ही शॉट को हवा में खड़ा कर बैठे. इस तरह उनकी 44 रन में जमने में की गई सारी मेहनत बेकार चली गई. उम्मीद थी कि सूर्यवंशी इससे सबक लेकर आगे बढ़ेंगे, लेकिन स्थिति और खराब हो गई. अपने नैसर्गिक अंदाज से अलग सूर्यवंशी ने शुरुआती गेंदों पर शैली से उलट डेफेंसिव अंदाज दिखाया, लेकिन जल्द ही वह धैर्य खो बैठे. और ऑफ स्पिनर त्रिपुराना विजय की गेंद को आगे बढ़ कर हवाई शॉट खेलने के अंदाज में स्टंप हो गए.

कहीं ज्यादा हासिल कर सकते थे वैभव

वास्तव में अगर कोई बल्लेबाज करियर में मुश्किल दौर में ऐसा शॉट खेल दे, तो उसका करियर वहीं खत्म हो जाए! टीम इंडिया में चयन के लिए यह प्रीमियर टूर्नामेंट है और वैभव को इसकी और हालात को समझना होगा क्योंकि वह अपने पहले दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट से कहीं ज्यादा हासिल करके निकल सकते थे. बैटिंग के और मैच के दौरान वैभव की बॉडी लैंग्वेज इस मंच को वह जरूरी सम्मान देते दिखाई नहीं पड़ी, दो दलीप ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट को मिलनी चाहिए.

यह सही है कि वैभव व्हाइट-बॉल के टी20 फॉर्मेट में लगभग पक्की कर चुके हैं. यह भी सही है कि उनकी उम्र सिर्फ 15 ही साल है, लेकिन दिलीप ट्रॉफी जैसे मंच को उन्हें और संजीदगी से लेना होगा. पांच दिनी मैचों में एक खराब शॉट खेलकर आउट हो जाएं, तो फिर पता भी नहीं होता कि अगली पारी भी आएगी या नहीं!

..इस तरह खत्म हुआ टूर्नामेंट

दलीप ट्रॉफी सीजन की आखिरी पारी के साथ ही वैभव ने टूर्नामेंट के 3 मैचों की 5 पारियों में 38.4 के औसत से 192 रन बनाए. उनके बल्ले से 8, 92,क 40, 44, 8 रन की पारियां खेलीं. पांच पारियों में वैभव ने एक ही बड़ी पारी खेली और यहां वह 8 रन से शतक चूके. जहां वैभव के पास इस टूर्नामेंट में बड़ी पारियां खेलकर टेस्ट क्रिकेट के लिए मजबूती से दावेदारी ठोकने का बेहतरीन मौका था, लेकिन आखिर पारी आते-आते मैसेज यही गया कि वह अच्छी शुरुआत करने के बावजूद रनों को बड़ी पारियों में तब्दील नहीं कर पा रहे हैं. नंबर दो कि वह इस फॉर्मेट में गैरजरूरी स्ट्रोक खेलकर आउट हो रहे हैं. 

F & Q: Frequently Asekd Question

प्र:- 1. दलीप ट्रॉफी के अपने पहले सीजन में वैभव सूर्यवंशी का ओवरऑल प्रदर्शन कैसा रहा?

उत्तर:- वैभव सूर्यवंशी ने अपने करियर के पहले दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट के 3 मैचों की 5 पारियों में 38.4 की औसत से कुल 192 रन बनाए, जिसमें उनके बल्ले से 8, 92, 40, 44 और 8 रन की पारियां निकलीं.

प्र:- 2. दलीप ट्रॉफी की आखिरी पारी में वैभव सूर्यवंशी किस तरह आउट हुए और उन पर क्या टिप्पणी की गई?

उत्तर:- आखिरी पारी में वैभव धैर्य खोकर ऑफ स्पिनर त्रिपुराना विजय की गेंद पर आगे बढ़कर गैरजरूरी हवाई शॉट खेलने के प्रयास में स्टंप आउट हो गए. उनके इस शॉट को बेहद घटिया शॉट करार दिया गया.

प्र:- 3. पहली पारी में वैभव सूर्यवंशी ने कितने रन बनाए और विपक्षी टीम ने उन्हें कैसे आउट किया?

उत्तर:- पहली पारी में वैभव ने 44 रन बनाए। दक्षिण क्षेत्र ने उन्हें एक रणनीति के तहत 130 किमी/घंटा की रफ्तार वाली गेंद पर ऑफ स्टंप के बाहर से पुल शॉट खेलने के लिए उकसाया, जिसे वे हवा में मार बैठे और कैच आउट हो गए.

प्र:- 4. इस टूर्नामेंट के जरिए वैभव सूर्यवंशी ने अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति (सेलेक्टरों) को क्या संदेश दिया?

उत्तर:- वैभव ने यह संदेश तो दिया कि उनके पास टेस्ट क्रिकेट खेलने की प्रतिभा है, लेकिन साथ ही यह भी साफ हुआ कि अगर वे अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में तब्दील नहीं करेंगे और गैरजरूरी शॉट खेलकर विकेट गंवाएंगे, तो रेड बॉल (टेस्ट) फॉर्मेट में उनके लिए मुश्किलें बढ़ेंगी.

प्र:- 5. दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट से वैभव सूर्यवंशी के खेल की दो मुख्य कमजोरियां क्या उजागर हुईं?

उत्तर:- पहला, वे अच्छी शुरुआत और क्रीज पर जमने के बाद भी रनों को बड़ी पारियों (शतक) में तब्दील नहीं कर पा रहे हैं। दूसरा, वे इस लंबे फॉर्मेट में अपना धैर्य खोकर गैरजरूरी और जोखिम भरे स्ट्रोक खेलकर आउट हो रहे हैं.

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