
अहमदाबाद:
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने संकेत दिए हैं कि वह इंग्लैंड के साथ गुरुवार से शुरू हो रहे पहले टेस्ट में शायद ही तीन स्पिनरों के साथ खेलें।
धोनी ने मैच पूर्व संध्या पर कहा, "अगर हमें कानपुर (2008 दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ) जैसा विकेट मिलता है तो हम तीन स्पिनरों के साथ खेलने पर विचार कर सकते हैं। गेंदबाजी आक्रमण में हालात के मुताबिक बदलाव करने की हमेशा सम्भावना बनी रहती है।"
धोनी के इस बयान के बाद टीम में एक साल के बाद वापसी करने वाले स्टार स्पिनर हरभजन सिंह के अंतिम एकादश में स्थान पाने की सम्भावना कम हो जाती है। ऐसे में टीम की स्पिनर कमान रविचंद्रन अश्विन और प्रज्ञान ओझा पर रहेगी।
धोनी ने कहा, "अश्विन और ओझा एक दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं। यह काफी जरूरी है। ओझा एक छोर पर काफी किफायती गेंदबाजी करते हैं और हालात विपक्षी टीम के विपरीत बनाए रखते हैं दूसरी ओर अश्विन आक्रामक खेल दिखाते हैं।"
धोनी ने यह कहने से इनकार कर दिया कि इस शृंखला के माध्यम से भारतीय टीम 2011 में इंग्लैंड के हाथों मिली 0-4 की हार का हिसाब बराबर करना चाहेगी।
धोनी ने कहा, "हम सिर्फ इतना जानते हैं कि जब हम मैदान में जाएंगे तो हमारे हाथ में लाल गेंद होगी और दो टीमें खेल रही होंगी। आप इसे कोई भी नाम दे सकते हैं।"
युवराज को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में धोनी ने कहा, "युवराज के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि वह बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी भी कर सकते हैं और चूंकि हमारी टीम में एक हरफनमौला खिलाड़ी की कमी है लिहाजा उनके जैसा खिलाड़ी काफी उपयोगी साबित होगा। टीम के लिए उनका योगदान काफी अहम है।"
धोनी ने मैच पूर्व संध्या पर कहा, "अगर हमें कानपुर (2008 दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ) जैसा विकेट मिलता है तो हम तीन स्पिनरों के साथ खेलने पर विचार कर सकते हैं। गेंदबाजी आक्रमण में हालात के मुताबिक बदलाव करने की हमेशा सम्भावना बनी रहती है।"
धोनी के इस बयान के बाद टीम में एक साल के बाद वापसी करने वाले स्टार स्पिनर हरभजन सिंह के अंतिम एकादश में स्थान पाने की सम्भावना कम हो जाती है। ऐसे में टीम की स्पिनर कमान रविचंद्रन अश्विन और प्रज्ञान ओझा पर रहेगी।
धोनी ने कहा, "अश्विन और ओझा एक दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं। यह काफी जरूरी है। ओझा एक छोर पर काफी किफायती गेंदबाजी करते हैं और हालात विपक्षी टीम के विपरीत बनाए रखते हैं दूसरी ओर अश्विन आक्रामक खेल दिखाते हैं।"
धोनी ने यह कहने से इनकार कर दिया कि इस शृंखला के माध्यम से भारतीय टीम 2011 में इंग्लैंड के हाथों मिली 0-4 की हार का हिसाब बराबर करना चाहेगी।
धोनी ने कहा, "हम सिर्फ इतना जानते हैं कि जब हम मैदान में जाएंगे तो हमारे हाथ में लाल गेंद होगी और दो टीमें खेल रही होंगी। आप इसे कोई भी नाम दे सकते हैं।"
युवराज को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में धोनी ने कहा, "युवराज के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि वह बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी भी कर सकते हैं और चूंकि हमारी टीम में एक हरफनमौला खिलाड़ी की कमी है लिहाजा उनके जैसा खिलाड़ी काफी उपयोगी साबित होगा। टीम के लिए उनका योगदान काफी अहम है।"
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