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Devdutt Padikkal Century: सचिन-सहवाग क्लब में देवदत्त पडिक्कल की एंट्री, 9 साल बाद किसी भारतीय ने किया कमाल

Sri Lanka vs India, 2nd Test: कोलंबो टेस्ट के पहले दिन देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक जड़ दिया. बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दबाव के बीच संयम दिखाया और श्रीलंका के गेंदबाजों को निराश करते हुए भारत की पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.

Devdutt Padikkal Century: सचिन-सहवाग क्लब में देवदत्त पडिक्कल की एंट्री, 9 साल बाद किसी भारतीय ने किया कमाल
Devdutt Padikkal
X (formerly Twitter)

Sri Lanka vs India, 2nd Test: भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला कोलंबो के सिंहली क्रिकेट क्लब स्टेडियम में खेला जा रहा है. कोलंबो टेस्ट के पहले दिन देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक जड़ दिया. बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दबाव के बीच संयम दिखाया और श्रीलंका के गेंदबाजों को निराश करते हुए भारत की पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.

पडिक्कल ने प्रभात जयसूर्या की गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया और इसके साथ ही गॉल में खेली गई 167 रन की पारी के बाद टेस्ट क्रिकेट में दूसरा शतक दर्ज किया. दिलचस्प बात यह है कि उन्हें पारी की शुरुआत में दो जीवनदान मिले थे, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया. देवदत्त पडिक्कल ने कोलंबो टेस्ट में शानदार शतक जड़कर एक खास भारतीय क्लब में जगह बना ली है. यह श्रीलंका दौरे की मौजूदा टेस्ट सीरीज में उनका दूसरा शतक है.

चुनिंदा बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल

इसके साथ ही वह श्रीलंका में एक ही टेस्ट सीरीज में दो शतक लगाने वाले चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं. इस लिस्ट में विनोद कांबली, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, शिखर धवन और चेतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गजों के नाम भी दर्ज हैं. खास बात यह है कि सिर्फ चार टेस्ट मैचों के करियर में उनके नाम अब दो शतक और एक अर्धशतक हो चुके हैं, जो टेस्ट क्रिकेट में उनकी मजबूत शुरुआत को दर्शाता है.

अपने टेस्ट करियर की छह पारियों में, देवदत्त पडिक्कल भारत के लिए नंबर 3 पर खेलते हुए काफी सहज नजर आ रहे हैं. पडिक्कल ने 168 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके लगाए और धैर्य, नियंत्रण और बढ़ते आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की. उन्होंने अपना हेलमेट उतारा और भारतीय ड्रेसिंग रूम से मिल रही स्टैंडिंग ओवेशन का अभिवादन स्वीकार किया. यह पल उस बल्लेबाज के लिए बहुत अहम था जो तेज़ी से अपनी क्षमता को बड़े स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन में बदल रहा है.

90 गेंदों में पूरा किया अर्धशतक

वह 11वें ओवर में 37/1 के स्कोर पर क्रीज़ पर आए और शुरुआत में यशस्वी जायसवाल के साथ 29 रन जोड़े. इसके बाद उन्होंने कप्तान शुभमन गिल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 120 रन जोड़े. इस साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह से भारत की ओर मोड़ दिया. पडिक्कल ने 90 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और चाय के ब्रेक तक 63 रन बनाकर नाबाद रहे. एक बार जम जाने के बाद, उनके शॉट्स और भी शानदार हो गए. ऑफ साइड पर ड्राइव, दमदार पुल और तेज़ कट शॉट्स की मदद से उन्होंने बिना किसी अनावश्यक जोखिम के श्रीलंकाई गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा.

उनका शतक भारत के लिए एक मुश्किल समय में आया. कलाई पर चोट लगने के कारण ऋषभ पंत को 3 रन के स्कोर पर रिटायर हर्ट होना पड़ा, जिसके बाद पडिक्कल को रवींद्र जडेजा के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाना पड़ा. इस जोड़ी ने नाबाद अर्धशतकीय साझेदारी करके पारी को संभाला और यह पक्का किया कि पंत के चोटिल होने के बाद भी भारत की लय न बिगड़े.

इस सीरीज़ में पडिक्कल का प्रदर्शन पहले से ही शानदार रहा है. उन्होंने गॉल में 167 और 44 रन बनाए थे और अब कोलंबो में एक और शतक जड़ा है. चार टेस्ट मैचों और छह पारियों में, उन्होंने 400 से ज़्यादा रन बनाए हैं और उनका औसत 75 से ऊपर रहा है. उनकी छह टेस्ट पारियों में से चार में उन्होंने 50 या उससे ज़्यादा रन बनाए हैं, जिनमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं.

श्रीलंका में एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज

विनोद कांबली- साल 1993- 2 शतक
मोहम्मद अजहरुद्दीन- साल 1997- 2 शतक
सचिन तेंदुलकर- साल 1997- 2 शतक
वीरेंद्र सहवाग- साल 2010- 2 शतक
शिखर धवन- साल 2017- 2 शतक
चेतेश्वर पुजारा- साल 2017- 2 शतक
देवदत्त पडिक्कल- साल 2026- 2 शतक

पडिक्कल के फर्स्ट-क्लास करियर का 11वां शतक

कोलंबो में लगाया गया शतक पडिक्कल के फर्स्ट-क्लास करियर का 11वां शतक भी था. 58 फर्स्ट-क्लास मैचों और 96 पारियों में, उन्होंने 45 से ज़्यादा के औसत से 4,100 से ज़्यादा रन बनाए हैं, साथ ही 21 अर्धशतक भी जड़े हैं.

देवदत्त पडिक्कल की शानदार पारी का अंत 76.2 ओवर में केशारा नुवंथा ने किया. नुवंथा की तेज और फ्लैट गेंद पर पडिक्कल बैकफुट पर चले गए, जबकि उन्हें फ्रंटफुट पर आना चाहिए था. गेंद हल्की सी टर्न हुई, बल्ले का बाहरी किनारा चकमा खा गया और ऑफ स्टंप बिखर गया. इसके साथ ही पडिक्कल की 193 गेंदों में 117 रन की बेहतरीन पारी समाप्त हुई, जिसमें 12 चौके शामिल रहे.

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