आईपीएल टिकटों की कालाबाजारी का वाकया सामने आने के बाद दिल्ली क्रिकेट संघ DDCA में अफरातफरी है. कई अधिकारी बेहद नाराज हैं. कई अधिकारी खुलकर कह रहे हैं कि अब कॉम्प्लिमेंट्री पास/टिकट का सिस्टम ही बंद हो जाना चाहिए. दो दिनों पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक आइपीएल मैच के दौरान टिकटों व काम्प्लीमेंट्री पास की कालाबाजारी करने वाले एक गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. ये लोग दिल्ली बनाम कोलकाता मैच से पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के साथ लगे पेट्रोल पंप के बाहर सरेआम कॉम्प्लिमेंट्री पास और टिकटों को मोटी रकम में बेचते पकड़े गए. पुलिस का मानना है कि काम्प्लीमेंट्री पास बिना डीडीसीए के अधिकारियों की मिलीभगत से बाहर नहीं आ सकता है.
कहां से आते हैं पास/टिकट और कैसे होता है टिकट ब्लैक?
डीडीसीए के डायरेक्टर श्याम शर्मा बताते हैं कि डीडीसीएक को आईपीएल फ़्रेंचाइजी से स्टेट असोसिएशन पार्टनर के तौर पर 6000 कॉम्प्लिमेंट्री पास मिलते हैं जिनमें से डीडीसीए के 4200 मेंबर्स को 1-1 कॉम्प्लिमेंट्री पास दे दिया जाता है. बाक़ी के पास/टिकट जिनमें 1600 से लेकर 65,000 तक की टिकटें होती हैं वो डीडीसीए के एपेक्स काउंसिल के चुने हुए अधिकारियों के पास चले जाते हैं. ये अधिकारी अपने रिश्तेदारों या दोस्तों को पास देते हैं.
इसके अलावा विभिन्न डिपार्टमेंट जैसे कि एमसीडी, एक्साइज़ डिपार्मेंट, लाइसेंसिंग डिपार्टमैंट, दिल्ली पुलिस और फ़ायर डिपार्टमेंट के पास भी कॉम्प्लिमेंट्री पास/टिकट दिये जाते हैं. इसलिए ये पता कर पाना थोड़ा मुश्किल है कि ब्लैकियों ने ये कॉम्प्लिमेंट्री पास या टिकट किस सोर्स से हासिल किये और फिर बाज़ार में महंगे दामों पर बेच दिये.
Not For Sale पास 20,000 रुपये तक में बेचे
दिल्ली पुलिस डीडीसीए के अधिकारियों को नोटिस भेजकर उनसे पूछताछ करने वाली है. दिल्ली पुलिस को ये भी जानकारी मिली है कि अरुण जेटली स्टेडियम के एक कमरे में भी कॉम्प्लिमेंट्री टिकटों की हेराफेरी शुरू होती थी. पुलिस आरोपियों से ये भी जानने की कोशिश कर रही है कि ब्लैकियों के साथ डीडीसीए का कौन सा अधिकारी मिला हुआ है और वो कब से ये सब धंधा कर रहे हैं. फिलहाल ये जानकारी सामने आई है कि ये लोग महंगे दामों पर बिक्री: 'Not For Sale- नॉट फॉर सेल' वाले कॉम्प्लिमेंट्री पास को 20 हजार रुपये प्रति पास की दर से बेच रहे थे. ये लोग जनरल टिकटों को भी दोगुने या और भी ज़्यादा कीमतों पर बेच देते थे. खबरों के मुताबिक इन आरोपियों के पास 54 कॉम्प्लिमेंट्री पास और टिकटें मिलीं जो बेहद महंगी कीमतों पर बेची जा रही थीं.
हवाई जहाज से जाते थे IPL के अलग-अलग स्टेडियम
हैरान करने वाली बात ये है कि ये गिरोह दूसरे सभी जगहों पर हवाई जहाज से जाकर भी आईपीएल के प्रीमियम टिकटों को बेच देते थे. इनमें से कई खुद को अधिकारी या उनसे जुड़े लोग बताकर टिकटों को ब्लैक किया करते थे. टिकट ब्लैक करने के गिरफ़्त आरोपी गुफरान उर्फ़ साजिद (36 साल, जामियानगर का निवासी) पर 2011 में नंद नगरी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है, जबकि, मो. फैसल (38 साल, सीलमपुर का निवासी) पर भजनपुरा और पंजाब के सास नगर में चोरी, धोखाधड़ी और जुआ के तहत मामले दर्ज किया गया है. तीसरे आरोपी मुकीम (35 साल का मोरोदाबाद का निवासी) पर फरीदाबाद में ऑटो एक्सपो के दौरान टिकट ब्लैक करने का मामला दर्ज है.
कॉम्प्लिमेंट्री टिकट का सिस्टम बंद कर देना चाहिए: DDCA डायरेक्टर
DDCA के डायरेक्टर श्याम शर्मा ने कहा, 'एपेक्स काउंसिल (DDCA के चुने हुए अधिकारी) के मेंबर्स को जो 50-50 या 100-100 पास के बंडल मिलते हैं. इन्हें तुरंत बंद कर देना चाहिए.' वो कहते हैं कि डीडीसीए के मेंबर्स जिनको सिर्फ़ 1 कॉम्प्लिमेंट्री टिकट मिलती है उनको दो-दो टिकट देने चाहिए. इससे मेंबर्स अपने परिवार के दो सदस्यों के साथ इकट्ठा मैच देखने जा सकेंगे. इससे भी ब्लैक टिकट का सिस्टम कम हो सकता है या कंट्रेल किया जा सकता है.
श्याम शर्मा कहते हैं, 'हर मैच में डीडीसीए से जुड़े मेंबर्स और अधिकारियों को तकरीबन 6000 टिकट या पास मिलते हैं. हम अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को ये टिकट देते हैं. लेकिन कोई इसे बाहर जाकर बेच देगा, ये तो बहुत शर्मनाक बात है. इसे रोकना बहुत मुश्किल है. मुझे लगता है ये सिस्टम बंद ही कर देना बेहतर होगा. डीडीसीए के एपेक्स काउंसिल में मैं ये मुद्दा उठा चुका हूं, जिसमें प्रेसीडेंट रोहन जेटली और डायरेक्टर आनंद वर्मा और मंजीत सिंह ने भी इसपर सहमति जताईन है कि सभी मेंबर्स को 2-2 टिकट मिलनी ही चाहिए और एपेक्स काउंसिल के फ़्री पासेस या बंडल का सिस्टम खत्म होना चाहिए.'
पिछले एक हफ़्ते के अंदर आईपीएल में हनी-ट्रैप का डर, सोशल मीडिया पर रीलबाज़ी, ‘गर्लफ़्रेंड-कल्चर' के बाद अब ये ब्लैक टिकट का समला सामने आया है. इससे पहले कि आईपीएल की छवि को और धक्का लगे बड़े स्तर पर कार्रवाई की जरूरत नजर आने लगी है.
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