
पुणे:
कप्तान वीरेंद्र सहवाग की विस्फोटक पारी की बदौलत दिल्ली डेयरडेविल्स टीम ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के अंतर्गत मंगलवार को सुब्रत रॉय सहारा स्टेडियम में खेले गए लीग मैच में मेजबान पुणे वॉरियर्स टीम को आठ विकेट से पराजित कर दिया।
वॉरियर्स की ओर से रखे गए 147 रनों के लक्ष्य को दिल्ली ने 24 गेंदें शेष रहते दो विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। दिल्ली की जीत के हीरो उसके कप्तान सहवाग रहे जिन्होंने सिर्फ 48 गेंदों पर 87 रन ठोंक डाले।
लक्ष्य का पीछा करने के लिए सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स की पारी की शुरुआत की। तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर 22 रन के कुल योग पर जयवर्धने के रूप में दिल्ली को पहला झटका लगा। जयवर्धने 18 रन बनाकर रन आउट हुए। उन्होंने 14 गेंदों का सामना किया और तीन चौके लगाए।
इसके बाद बल्लेबाजी करने आए केविन पीटरसन ने सहवाग का अच्छा साथ निभाया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 89 रनों की साझेदारी की और टीम को जीत की ओर बढ़ाया। पीटरसन 27 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने इस पारी के दौरान एक चौके और दो छक्के लगाए।
पीटरसन के बाद सहवाग का साथ देने उतरे रॉस टेलर अंत तक उनके साथ रहे और टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। टेलर ने 13 गेंदों पर नौ रन बनाए। सहवाग भी नाबाद लौटे।
पुणे की ओर से राहुल शर्मा ने दिल्ली का एकमात्र विकेट लिया। जयवर्धने रन आउट हुए थे।
वॉरियर्स टीम ने इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए दो विकेट के नुकसान पर 146 रन बनाए थे। एक समय महज आठ गेंदों के भीतर एक रन के कुल योग पर अपने दो शीर्ष बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद मनीष पांडेय और रोबिन उथप्पा ने पारी को सम्भाला और एक सम्मानजनक स्कोर पर पहुंचाया। दोनों बल्लेबाज अंत तक नाट आउट रहे।
पांडेय के 80 और उथप्पा के 60 रनों की बदौलत वॉरियर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में दो विकेट के नुकसान पर 146 रन बनाए।
पांडेय ने 56 गेंदों पर सात चौके और तीन छक्कों की मदद से 80 रनों की पारी खेली तो उथप्पा ने 58 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 60 रन बनाए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए अब तक 145 रनों की साझेदारी हुई।
कप्तान सौरव गांगुली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और इसके बाद उन्होंने जेसी राइडर के साथ मनीष पांडेय को पारी की शुरुआत करने भेजा। राइडर इरफान पठान की दूसरी ही गेंद पर बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। वह खाता भी नहीं खेल सके। उस समय टीम का भी खाता नहीं खुला था।
राइडर की जगह बल्लेबाजी करने आए गांगुली भी दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर चलते बने। उस समय टीम का कुल स्कोर एक रन था। गांगुली ने चार गेंदों पर एक रन बनाए। मोर्ने मोर्कल की गेंद पर शाहबाज नदीम ने उनका कैच लपका।
डेयरडेविल्स ने अब तक कुल सात मैच खेले हैं, जिनमें से पांच में उसे जीत मिली है जबकि दो में हार झेलनी पड़ी है। 10 अंकों के साथ वह पदक तालिका में शीर्ष पर बरकरार है।
डेयरडेविल्स को सात अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने हराया था। इसके बाद वह लगातार चार मैचों तक अजेय रही लेकिन पांचवीं जीत के प्रयास में उसे पुणे के खिलाफ मुंह की खानी पड़ी थी। आज का मैच जीतकर उसने पुणे से मिली पिछली हार का हिसाब भी चुकता कर लिया।
पुणे ने अब तक आठ मैच खेले हैं और इनमें से चार मैचों में जीत दर्ज कर उसने आठ अंक हासिल किए हैं। उसे चार में हार का सामना करना पड़ा है। आज की हार के बाद अंक तालिका में वह बेहतर रन रेट के आधार पर चौथे स्थान पर है।
वॉरियर्स की ओर से रखे गए 147 रनों के लक्ष्य को दिल्ली ने 24 गेंदें शेष रहते दो विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। दिल्ली की जीत के हीरो उसके कप्तान सहवाग रहे जिन्होंने सिर्फ 48 गेंदों पर 87 रन ठोंक डाले।
लक्ष्य का पीछा करने के लिए सहवाग और माहेला जयवर्धने ने डेयरडेविल्स की पारी की शुरुआत की। तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर 22 रन के कुल योग पर जयवर्धने के रूप में दिल्ली को पहला झटका लगा। जयवर्धने 18 रन बनाकर रन आउट हुए। उन्होंने 14 गेंदों का सामना किया और तीन चौके लगाए।
इसके बाद बल्लेबाजी करने आए केविन पीटरसन ने सहवाग का अच्छा साथ निभाया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 89 रनों की साझेदारी की और टीम को जीत की ओर बढ़ाया। पीटरसन 27 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने इस पारी के दौरान एक चौके और दो छक्के लगाए।
पीटरसन के बाद सहवाग का साथ देने उतरे रॉस टेलर अंत तक उनके साथ रहे और टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। टेलर ने 13 गेंदों पर नौ रन बनाए। सहवाग भी नाबाद लौटे।
पुणे की ओर से राहुल शर्मा ने दिल्ली का एकमात्र विकेट लिया। जयवर्धने रन आउट हुए थे।
वॉरियर्स टीम ने इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए दो विकेट के नुकसान पर 146 रन बनाए थे। एक समय महज आठ गेंदों के भीतर एक रन के कुल योग पर अपने दो शीर्ष बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद मनीष पांडेय और रोबिन उथप्पा ने पारी को सम्भाला और एक सम्मानजनक स्कोर पर पहुंचाया। दोनों बल्लेबाज अंत तक नाट आउट रहे।
पांडेय के 80 और उथप्पा के 60 रनों की बदौलत वॉरियर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में दो विकेट के नुकसान पर 146 रन बनाए।
पांडेय ने 56 गेंदों पर सात चौके और तीन छक्कों की मदद से 80 रनों की पारी खेली तो उथप्पा ने 58 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 60 रन बनाए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए अब तक 145 रनों की साझेदारी हुई।
कप्तान सौरव गांगुली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और इसके बाद उन्होंने जेसी राइडर के साथ मनीष पांडेय को पारी की शुरुआत करने भेजा। राइडर इरफान पठान की दूसरी ही गेंद पर बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। वह खाता भी नहीं खेल सके। उस समय टीम का भी खाता नहीं खुला था।
राइडर की जगह बल्लेबाजी करने आए गांगुली भी दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर चलते बने। उस समय टीम का कुल स्कोर एक रन था। गांगुली ने चार गेंदों पर एक रन बनाए। मोर्ने मोर्कल की गेंद पर शाहबाज नदीम ने उनका कैच लपका।
डेयरडेविल्स ने अब तक कुल सात मैच खेले हैं, जिनमें से पांच में उसे जीत मिली है जबकि दो में हार झेलनी पड़ी है। 10 अंकों के साथ वह पदक तालिका में शीर्ष पर बरकरार है।
डेयरडेविल्स को सात अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने हराया था। इसके बाद वह लगातार चार मैचों तक अजेय रही लेकिन पांचवीं जीत के प्रयास में उसे पुणे के खिलाफ मुंह की खानी पड़ी थी। आज का मैच जीतकर उसने पुणे से मिली पिछली हार का हिसाब भी चुकता कर लिया।
पुणे ने अब तक आठ मैच खेले हैं और इनमें से चार मैचों में जीत दर्ज कर उसने आठ अंक हासिल किए हैं। उसे चार में हार का सामना करना पड़ा है। आज की हार के बाद अंक तालिका में वह बेहतर रन रेट के आधार पर चौथे स्थान पर है।
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