
चेतेश्वर पुजारा का फाइल फोटो
प्रिटोरिया:
भारत (ए) के कप्तान चेतेश्वर पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया (ए) को हराकर त्रिकोणीय शृंखला जीतने पर खुशी जताई, लेकिन कहा कि महेंद्र सिंह धोनी एंड कंपनी को दिसंबर में होने वाली शृंखला के दौरान इतने सपाट विकेट नहीं मिलेंगे।
पुजारा ने कहा, मुझे नहीं लगता कि जब हम दोबारा यहां आएंगे तो हालात समान होंगे। इस समय यहां विकेट एकदम सपाट है, लेकिन दिसंबर में हालात एकदम अलग होंगे और हमें इसका इल्म है। यह हालात के अनुरूप खुद को ढालने की बात है। भारत (ए) और दक्षिण अफ्रीका (ए) के बीच एक मुकाबले में 800 से अधिक रन बने और पुजारा ने स्वीकार किया कि 400 रन का लक्ष्य भी कोई टीम हासिल कर लेती है तो कोई रणनीति बनाना मुश्किल है।
उन्होंने कहा, मैचों में काफी रन बने और गेंदबाजों के लिए रणनीति पर अमल कर पाना मुश्किल हो गया। जब 400 रन का स्कोर भी हासिल कर लिया जाए तो कप्तान और गेंदबाजों के लिए बड़ी मुश्किल स्थिति हो जाती है। पुजारा ने कहा, लेकिन हमने देखा कि विकेट सपाट है और इस पर रन बनेंगे ही लिहाजा हम अपनी रणनीति पर अडिग रहे।
उन्होंने शिखर धवन समेत सभी बल्लेबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा, एक ईकाई के रूप में हम शृंखला जीतना चाहते थे। कुछ लीग मैच हमारे पक्ष में नहीं गए और वे काफी करीबी थे। ऑस्ट्रेलिया से हम दो मैच हारे, लेकिन हमारे बल्लेबाजों ने एक ईकाई के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया।
पुजारा ने कहा, मुझे नहीं लगता कि जब हम दोबारा यहां आएंगे तो हालात समान होंगे। इस समय यहां विकेट एकदम सपाट है, लेकिन दिसंबर में हालात एकदम अलग होंगे और हमें इसका इल्म है। यह हालात के अनुरूप खुद को ढालने की बात है। भारत (ए) और दक्षिण अफ्रीका (ए) के बीच एक मुकाबले में 800 से अधिक रन बने और पुजारा ने स्वीकार किया कि 400 रन का लक्ष्य भी कोई टीम हासिल कर लेती है तो कोई रणनीति बनाना मुश्किल है।
उन्होंने कहा, मैचों में काफी रन बने और गेंदबाजों के लिए रणनीति पर अमल कर पाना मुश्किल हो गया। जब 400 रन का स्कोर भी हासिल कर लिया जाए तो कप्तान और गेंदबाजों के लिए बड़ी मुश्किल स्थिति हो जाती है। पुजारा ने कहा, लेकिन हमने देखा कि विकेट सपाट है और इस पर रन बनेंगे ही लिहाजा हम अपनी रणनीति पर अडिग रहे।
उन्होंने शिखर धवन समेत सभी बल्लेबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा, एक ईकाई के रूप में हम शृंखला जीतना चाहते थे। कुछ लीग मैच हमारे पक्ष में नहीं गए और वे काफी करीबी थे। ऑस्ट्रेलिया से हम दो मैच हारे, लेकिन हमारे बल्लेबाजों ने एक ईकाई के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया।
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