पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने में सफल हुई केप वेर्दे ने शानिवार को इतिहास रच दिया. 5 लाख की आबादी वाले इस देश ने नॉक आउट राउंड का टिकट हासिल कर लिया है. शानिवार को जैसे ही स्पेन ने उरुग्वे को 1-0 से हराया, केप वेर्दे का राउंड ऑफ 32 का टिकट कंफर्म हो गया, जहां उसका सामना विश्व विजेता अर्जेंटीना से होगा. इससे पहले, केप वेर्दे ने ह्यूस्टन में सऊदी अरब के 0-0 से ड्रॉ खेलकर, ग्रुप एच में किसी भी टीम को अपने खिलाफ जीत हासिल नहीं करने दी थी.
अफ्रीका के पश्चिमी तट पर स्थित यह आईलैंड नेशन क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से वर्ल्ड कप के नॉकआउट में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन गया है. लीग राउंड के बाद केप वर्डे ग्रुप एच में दूसरे स्थान पर रहा और अपनी पहली ही कोशिश में वर्ल्ड कप नॉकआउट में जगह बना ली. 56 साल के बुबिस्टा की टीम आठ महीने पहले, पहली बार वर्ल्ड कप के लिए क्वलीफाई करने में सफल हुई थी.
केप वेर्दे ने स्पेन के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलकर अपने अभियान की शुरुआत की थी. केप वेर्दे ने दिखाया था कि उनके डिफेंस में दम हैं. इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे मैच में उरुग्वे के साथ 2-2 से ड्रॉ खेलकर साबित कर दिया कि उनका अटैक भी कम नहीं है. उरुग्वे के खिलाफ ड्रॉ के बाद केप वेर्दे के नॉकआउट में जगह बनाने की उम्मीदें बढ़ गई थीं. शुक्रवार को सऊदी अरब के खिलाफ ड्रॉ के बाद, वे तीन अंकों के साथ बिना कोई मैच हारे ग्रुप H में दूसरे स्थान पर रहे. वे 2010 की विजेता स्पेन से पीछे और दो बार की वर्ल्ड कप चैंपियन उरुग्वे से एक अंक आगे रहे.
केप वर्डे अब 3 जुलाई को मियामी गार्डन्स में राउंड-ऑफ़-32 मुक़ाबले में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से भिड़ेगी. केप वेर्दे की आबादी 5 लाख 25 हजार है, जो दिल्ली के चांदनी चौक की आबादी से भी कम है. केप वेर्दे आबादी के हिसाब से वर्ल्ड कप में पहुंचने वाले छोटे देशों से भी आगे निकल चुके हैं. कुराकाओ और आइसलैंड, आबादी से हिसाब से केप वेर्दे से भी छोटे हैं, लेकिन दोनों ही ग्रुप स्टेज से बाहर हो गए थे. 2002 में सेनेगल के बाद, केप वेर्दे ऐसा पहला देश है, जो अपने डेब्यू वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज के बाद बिना हारे रहा हो.
केप वेर्दे के गोलकीपर वोज़िन्हा साऊदी अरब के खिलाफ मैच में भी गोलपोस्ट के सामने दीवार की तरह खड़े रहे. 40 साल के इस गोलकीपर ने पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में मोहम्मद कानो के हेडर को रोका और फिर 66वें मिनट में जबरदस्त छलांग लगाकर मोहम्मद अबू अल-शमत के शॉट को रोका. इसके बाद 92वें मिनट में उन्होंने अब्दुल्ला अल-हमदान के शॉट को रोका और टीम के ड्रॉ में अहम भूमिका निभाई.
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