
ब्रेंडन मैक्कलम ने न्यूजीलैंड क्रिकेट को नई ऊंचाई दी थी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
न्यूजीलैंड टीम इन दिनों भारत दौरे पर है और उसने पहले टेस्ट में टीम इंडिया के सामने शानदार खेल भी दिखाया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कीवी टीम को लड़ने का जज्बा विस्फोटक बल्लेबाज रहे ब्रेंडन मैक्कलम ने दिया. इतना ही नहीं उन्होंने न्यूजीलैंड क्रिकेट का चेहरा ही बदल दिया. आज (27 सितंबर, 1981) उनका जन्मदिन है. मैक्कलम अपनी तूफानी पारियों के लिए जाने जाते रहे. आमतौर पर अंतिम टेस्ट में बड़े बल्लेबाज नहीं चल पाते, लेकिन मैक्क्लम ने तो जाते-जाते टेस्ट इतिहास का सबसे तेज शतक लगाकर एक और धमाका कर दिया था और क्रिकेट फैन्स के दिल में एक और अमिट छाप छोड़ दी थी. उनकी विस्फोटक पारियां हमेशा यादों में रहेंगी. यदि आप क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में मैक्कलम के रिकॉर्ड को देखेंगे, तो आपको उनकी बादशाहत का पता चलेगा. हम आपको उनके अंतिम इंटरनेशनल मैच से पहले के उन आंकड़ों से रूबरू कराने जा रहे हैं, जो उन्हें एक शानदार बल्लेबाज के रूप में स्थापित करते हैं.
अंतिम टेस्ट की कहानी
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने अंतिम टेस्ट में ब्रेंडन मैक्कलम जब बल्लेबाज़ी करने उतरे तो उनकी टीम 32 रन पर 3 विकेट गंवाकर बेहद मुश्किल स्थिति में थी. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने सीमिंग कंडीशन्स में कीवी टीम को पहले बल्लेबाज़ी करने का न्योता दिया था. मैक्कलम को 32 और 39 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला. 32 रन पर पैटिंसन ने उनका मुश्किल कैच छोड़ा, तो 39 केस्कोर पर पैटिंसन की ही गेंद पर मिचेल मार्श ने उनका कैच तो पकड़ लिया, लेकिन अंपायर ने उसे नो बॉल करार दिया. फिर क्याथा उन्होंने 54 गेंदों में ही शतक जड़कर सर विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया और टेस्ट में सबसे तेज शतक बनाने वालेबल्लेबाजों में नंबर वन पर पहुंच गए. रिचर्ड्स ने 56 गेंदों पर शतक बनाया था. मैक्कलम 79 गेंदों में 145 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें 21 चौके और 6 छक्के शामिल थे. उन्होंने 34 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया, फिर अगली 20 गेंदों में उन्होंने 50 से 100 का फ़ासला तय कर इतिहास रच दिया. जब वे आउट हुए तब स्कोर 253 रन पर पांच विकेट था और वो अपनी टीम को मुसीबत से निकाल चुके थे. पूरी टीम 370 रन बनाकर आउट हो गई. हालांकि वह टीम को जीत नहीं दिला सके.
302 - रचा इतिहास! न्यूजीलैंड के टेस्ट इतिहास में कोई भी बल्लेबाज 300 का आंकड़ा नहीं छू सका था. इस मामले में मार्टिन क्रोसबसे आगे थे और उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 299 था, जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ बनाया था. इसके बाद एक नया सितारामैक्कलम के रूप में उभरा, जिसने 18 फरवरी, 2014 को 302 रन की पारी खेलकर इतिहास रच दिया. यह उपलब्धि उन्होंने भारत के खिलाफ वेलिंगटन टेस्ट में हासिल की थी. इतना ही नहीं मैक्कलम ने अपनी इस पारी से टीम को संकट से उबारते हुए मैच ड्रॉ करादिया और न्यूजीलैंड को 12 साल में पहली बार टेस्ट सीरीज जिता दी.
116 - टी-20 के दूसरे शतकवीर! हालांकि वर्तमान दौर के टी-20 क्रिकेट को देखते हुए यह स्कोर छोटा कहा जा सकता है, लेकिनअपने समय में यह एक बड़ी और धमाकेदार पारी थी. साल 2007 से 2010 के बीच में क्रिस गेल एकमात्र ऐसे क्रिकेटर थे, जिसनेइस फॉर्मेट में शतक जड़ा था. 28 फरवरी, 2010 को क्राइस्टचर्च में मैक्कुलम ने इस सूची में अपना नाम दर्ज करवा दिया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस पारी में उन्होंने जबर्दस्त मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए मैदान के चारों ओर धमाकेदार शॉट लगाकर दर्शकों कोरोमांचित कर दिया था. इनमें से कुछ तो अविश्वसनीय शॉट थे, जिनमें 155 किमी की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले शॉन टेट की गेंदों पर स्कूप शॉट से लगाए गए दो छक्के अत्यंत दर्शनीय थे. मैक्कलम ने 116 रन की यह पारी 56 गेंदों में खेली थी, जिसमें 12 चौके और8 छक्के शामिल थे.
1164 - स्वर्णिम साल! मैक्कलम के लिए साल 2014 स्वर्णिम रहा, जब उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में 72.75 के औसत से 1164 रन ठोकदिए. इस दौरान उन्होंने न केवल विपक्षी गेंदबाजों की जमकर पिटाई की, बल्कि कप्तान के रूप में आगे से नेतृत्व करते हुए टीम कोकई बार मुश्किलों से बाहर भी निकाला. आप 224, 302, 202 और 195 के उनके स्कोर को देखकर उनके प्रदर्शन का अंदाजा लगासकते हैं. ऑकलैंड में भारत के खिलाफ 224 रन की पारी खेलकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई, इसके बाद वेलिंगटन में अगले हीमैच में 302 रन की पारी से मैच ड्रॉ कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इतिहास रचा.
158 - IPL को दी धमाकेदार शुरुआत! आईपीएल ने वर्ल्ड क्रिकेट को काफी हद तक बदल दिया और इसका कुछ श्रेय मैक्कलम कोभी जाता है. अप्रैल, 2008 में टूर्नामेंट के पहले ही मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए मैक्कलम ने 73 गेंदों में158 रन की धमाकेदार पारी से भारतीय दर्शकों को अपना फैन बना लिया. उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के गेंदबाजों की जमकर खबर ली. इस पारी में 10 चौके और 13 छक्के शामिल रहे. उनकी इस पारी से आईपीएल का शानदार आगाज हुआ, जिसने इसकी बड़ीसफलता में अहम भूमिका निभाई. 2013 तक उनकी यह पारी आईपीएल की टॉप पारी रही. 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की ओरसे क्रिस गेल ने सहारा पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 66 गेंदों में 175 रन जड़ दिए.
100 - कभी नहीं रुके! मैक्कलम जैसे खिलाड़ी के लिए यह संख्या कई मायनों में खास है. वे एकमात्र ऐसे क्रिकेटर हैं, जिसने लगातार 100 टेस्ट खेले हैं. एडम गिलक्रिस्ट के बाद वे ऐसे दूसरे क्रिकेटर हैं, जिसने टेस्ट में 100 छक्के लगाए हैं. वे एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं, जिसने वनडे में 200 और टेस्ट में 100 छक्के उड़ाए हैं. पावर-हिटिंग के मामले में वर्तमान दौर में उनका कोई मुकाबला नहीं है.
अंतिम टेस्ट की कहानी
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने अंतिम टेस्ट में ब्रेंडन मैक्कलम जब बल्लेबाज़ी करने उतरे तो उनकी टीम 32 रन पर 3 विकेट गंवाकर बेहद मुश्किल स्थिति में थी. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने सीमिंग कंडीशन्स में कीवी टीम को पहले बल्लेबाज़ी करने का न्योता दिया था. मैक्कलम को 32 और 39 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला. 32 रन पर पैटिंसन ने उनका मुश्किल कैच छोड़ा, तो 39 केस्कोर पर पैटिंसन की ही गेंद पर मिचेल मार्श ने उनका कैच तो पकड़ लिया, लेकिन अंपायर ने उसे नो बॉल करार दिया. फिर क्याथा उन्होंने 54 गेंदों में ही शतक जड़कर सर विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया और टेस्ट में सबसे तेज शतक बनाने वालेबल्लेबाजों में नंबर वन पर पहुंच गए. रिचर्ड्स ने 56 गेंदों पर शतक बनाया था. मैक्कलम 79 गेंदों में 145 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें 21 चौके और 6 छक्के शामिल थे. उन्होंने 34 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया, फिर अगली 20 गेंदों में उन्होंने 50 से 100 का फ़ासला तय कर इतिहास रच दिया. जब वे आउट हुए तब स्कोर 253 रन पर पांच विकेट था और वो अपनी टीम को मुसीबत से निकाल चुके थे. पूरी टीम 370 रन बनाकर आउट हो गई. हालांकि वह टीम को जीत नहीं दिला सके.
302 - रचा इतिहास! न्यूजीलैंड के टेस्ट इतिहास में कोई भी बल्लेबाज 300 का आंकड़ा नहीं छू सका था. इस मामले में मार्टिन क्रोसबसे आगे थे और उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 299 था, जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ बनाया था. इसके बाद एक नया सितारामैक्कलम के रूप में उभरा, जिसने 18 फरवरी, 2014 को 302 रन की पारी खेलकर इतिहास रच दिया. यह उपलब्धि उन्होंने भारत के खिलाफ वेलिंगटन टेस्ट में हासिल की थी. इतना ही नहीं मैक्कलम ने अपनी इस पारी से टीम को संकट से उबारते हुए मैच ड्रॉ करादिया और न्यूजीलैंड को 12 साल में पहली बार टेस्ट सीरीज जिता दी.
116 - टी-20 के दूसरे शतकवीर! हालांकि वर्तमान दौर के टी-20 क्रिकेट को देखते हुए यह स्कोर छोटा कहा जा सकता है, लेकिनअपने समय में यह एक बड़ी और धमाकेदार पारी थी. साल 2007 से 2010 के बीच में क्रिस गेल एकमात्र ऐसे क्रिकेटर थे, जिसनेइस फॉर्मेट में शतक जड़ा था. 28 फरवरी, 2010 को क्राइस्टचर्च में मैक्कुलम ने इस सूची में अपना नाम दर्ज करवा दिया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस पारी में उन्होंने जबर्दस्त मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए मैदान के चारों ओर धमाकेदार शॉट लगाकर दर्शकों कोरोमांचित कर दिया था. इनमें से कुछ तो अविश्वसनीय शॉट थे, जिनमें 155 किमी की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले शॉन टेट की गेंदों पर स्कूप शॉट से लगाए गए दो छक्के अत्यंत दर्शनीय थे. मैक्कलम ने 116 रन की यह पारी 56 गेंदों में खेली थी, जिसमें 12 चौके और8 छक्के शामिल थे.
1164 - स्वर्णिम साल! मैक्कलम के लिए साल 2014 स्वर्णिम रहा, जब उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में 72.75 के औसत से 1164 रन ठोकदिए. इस दौरान उन्होंने न केवल विपक्षी गेंदबाजों की जमकर पिटाई की, बल्कि कप्तान के रूप में आगे से नेतृत्व करते हुए टीम कोकई बार मुश्किलों से बाहर भी निकाला. आप 224, 302, 202 और 195 के उनके स्कोर को देखकर उनके प्रदर्शन का अंदाजा लगासकते हैं. ऑकलैंड में भारत के खिलाफ 224 रन की पारी खेलकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई, इसके बाद वेलिंगटन में अगले हीमैच में 302 रन की पारी से मैच ड्रॉ कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इतिहास रचा.
158 - IPL को दी धमाकेदार शुरुआत! आईपीएल ने वर्ल्ड क्रिकेट को काफी हद तक बदल दिया और इसका कुछ श्रेय मैक्कलम कोभी जाता है. अप्रैल, 2008 में टूर्नामेंट के पहले ही मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए मैक्कलम ने 73 गेंदों में158 रन की धमाकेदार पारी से भारतीय दर्शकों को अपना फैन बना लिया. उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के गेंदबाजों की जमकर खबर ली. इस पारी में 10 चौके और 13 छक्के शामिल रहे. उनकी इस पारी से आईपीएल का शानदार आगाज हुआ, जिसने इसकी बड़ीसफलता में अहम भूमिका निभाई. 2013 तक उनकी यह पारी आईपीएल की टॉप पारी रही. 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की ओरसे क्रिस गेल ने सहारा पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 66 गेंदों में 175 रन जड़ दिए.
100 - कभी नहीं रुके! मैक्कलम जैसे खिलाड़ी के लिए यह संख्या कई मायनों में खास है. वे एकमात्र ऐसे क्रिकेटर हैं, जिसने लगातार 100 टेस्ट खेले हैं. एडम गिलक्रिस्ट के बाद वे ऐसे दूसरे क्रिकेटर हैं, जिसने टेस्ट में 100 छक्के लगाए हैं. वे एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं, जिसने वनडे में 200 और टेस्ट में 100 छक्के उड़ाए हैं. पावर-हिटिंग के मामले में वर्तमान दौर में उनका कोई मुकाबला नहीं है.
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