
मुंबई:
आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के तत्कालीन अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मय्यप्पन तथा राजस्थान रॉयल्स टीम के को-ओनर राज कुंद्रा को क्लीन चिट देने वाली बीसीसीआई की जांच समिति को 'अवैध और असंवैधानिक' बताए जाने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है।
विशेष अनुमति याचिका में बीसीसीआई ने कहा है कि जांच समिति पूरी तरह वैध थी, तथा उसका गठन बोर्ड के नियमों के मुताबिक ही किया गया था। यह भी कहा गया है कि हाईकोर्ट द्वारा यह कहा जाना कि बीसीसीआई ने नियमों का पालन नहीं किया, गलत है। अब बीसीसीआई इस फैसले (बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले) पर स्थगनादेश चाहता है।
उल्लेखनीय है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले माह बीसीसीआई द्वारा गठित की गई जांच समिति को 'अवैध और असंवैधानिक' बताया था, जब हाईकोर्ट के दो रिटायर्ड जजों वाली समिति ने चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में क्लीन चिट दे दी थी, और कहा था कि इन फ्रेंचाइजी और इनके मालिक स्पॉट फिक्सिंग के दोषी नहीं हैं।
इसके बाद पिछले सप्ताह इस फैसले के खिलाफ अपील करने का फैसला आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक में लिया गया था।
विशेष अनुमति याचिका में बीसीसीआई ने कहा है कि जांच समिति पूरी तरह वैध थी, तथा उसका गठन बोर्ड के नियमों के मुताबिक ही किया गया था। यह भी कहा गया है कि हाईकोर्ट द्वारा यह कहा जाना कि बीसीसीआई ने नियमों का पालन नहीं किया, गलत है। अब बीसीसीआई इस फैसले (बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले) पर स्थगनादेश चाहता है।
उल्लेखनीय है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले माह बीसीसीआई द्वारा गठित की गई जांच समिति को 'अवैध और असंवैधानिक' बताया था, जब हाईकोर्ट के दो रिटायर्ड जजों वाली समिति ने चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में क्लीन चिट दे दी थी, और कहा था कि इन फ्रेंचाइजी और इनके मालिक स्पॉट फिक्सिंग के दोषी नहीं हैं।
इसके बाद पिछले सप्ताह इस फैसले के खिलाफ अपील करने का फैसला आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक में लिया गया था।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं