
नई दिल्ली:
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को हाल में समाप्त हुई चार टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत के हाथों भले ही मुंह की खानी पड़ी हो लेकिन 3 अप्रैल से शुरू हो रहे इंडियन प्रीमियर लीग में उसके खिलाड़ियों का जलवा पहले की तरह बरकरार रहने की संभावना है। आईपीएल में इस बार लगभग 88 विदेशी खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं जिनमें अकेले 34 क्रिकेटर ऑस्ट्रेलिया के हैं। यह स्थिति तब है जबकि भारत ने हाल में ऑस्ट्रेलिया को चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 4-0 से करारी शिकस्त दी थी।
भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसा देश है जिसका कम से कम एक खिलाड़ी किसी न किसी टीम से जुड़ा हुआ है। आईपीएल को भले ही वैश्विक टूर्नामेंट कहा जाता है लेकिन इसमें मुख्य रूप से पांच देशों के खिलाड़ी ही शिरकत कर रहे हैं। यह भारतीय क्रिकेट बोर्ड का टूर्नामेंट है और इसलिए भारत से लगभग 160 खिलाड़ियों को इसमें शामिल किया गया है।
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया (34), दक्षिण अफ्रीका (15), श्रीलंका और वेस्टइंडीज (दोनों 13) का नंबर आता है। न्यूजीलैंड के केवल छह खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में भाग लेंगे जबकि इंग्लैंड के चार खिलाड़ी इसमें दिखाई देंगे। काउंटी टीमों ने अपने खिलाड़ियों को गर्मियों के पूरे सत्र में उपलब्ध रहने की हिदायत दी थी जिसके कारण उसके क्रिकेटर आईपीएल के लिये उपलब्ध नहीं हो पाए।
न्यूजीलैंड के जेसी राइडर और इंग्लैंड के केविन पीटरसन चोटिल होने के कारण आईपीएल में नहीं खेल पाएंगे।
बांग्लादेश के दो खिलाड़ी साकिब अल हसन और तमीम इकबाल आईपीएल का हिस्सा हैं लेकिन चोटिल होने के कारण इन दोनों के खेलने पर संदेह है। इस बीच बांग्लादेश को जिम्बाब्वे का दौरा भी करना है। एसोसिएट देशों में केवल हालैंड के रेयान टेन डोएशे (कोलकाता नाइटराइडर्स) ही आईपीएल में भाग लेंगे।
दिल्ली डेयरडेविल्स को छोड़कर लगभग हर टीम में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का दबदबा है। डेयरडेविल्स में केवल डेविड वार्नर के रूप में एक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी है। मुंबई इंडियन्स के कप्तान रिकी पोंटिंग हैं तो उसमें सर्वाधिक छह ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी शामिल हैं। इनमें आखिरी नीलामी में दस लाख डॉलर की धनराशि पाने वाले ग्लेन मैक्सवेल पर सब की निगाहें रहेंगी।
मुंबई की तरह किंग्स इलेवन पंजाब की कमान एडम गिलक्रिस्ट के हाथों में है। उनके अलावा चार अन्य ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी पंजाब की टीम का हिस्सा है। राजस्थान रायल्स की टीम में भी शेन वाटसन, ब्रैड हाज, बैड्र हाग और शान टैट सहित पांच ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं। चेन्नई सुपरकिंग्स और पुणे वॉरियर्स में चार-चार, रायल चैलेंजर्स बेंगलूर, केकेआर और हैदराबाद सनराइजर्स में तीन-तीन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं।
आईपीएल में पिछले पांच वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों का बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दबदबा रहा है और इस बार भी उसके खिलाड़ी फिर से अपना जलवा दिखा सकते हैं।
रॉयल चैलेंजर्स ने सर्वाधिक 23 भारतीय खिलाड़ी अपनी टीम में शामिल किए हैं जबकि केकेआर की टीम में फिलहाल 12 भारतीय खिलाड़ी ही हैं। केकेआर ने इस बार सबसे कम 23 खिलाड़ियों को टीम में लिया है लेकिन इसके बावजूद उसकी टीम अनेकता में एकता की मिसाल पेश करती है। केकेआर की टीम में सर्वाधिक नौ देशों के खिलाड़ी शामिल हैं। पुणे में आठ और बेंगलूर की टीम में छह देशों जबकि बाकी टीमों में पांच-पांच देशों के खिलाड़ी शामिल हैं।
किंग्स इलेवन पंजाब की टीम में कोई श्रीलंकाई खिलाड़ी नहीं है जबकि मुंबई और राजस्थान रायल्स ने इस बार दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों को तरजीह नहीं दी है।
भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसा देश है जिसका कम से कम एक खिलाड़ी किसी न किसी टीम से जुड़ा हुआ है। आईपीएल को भले ही वैश्विक टूर्नामेंट कहा जाता है लेकिन इसमें मुख्य रूप से पांच देशों के खिलाड़ी ही शिरकत कर रहे हैं। यह भारतीय क्रिकेट बोर्ड का टूर्नामेंट है और इसलिए भारत से लगभग 160 खिलाड़ियों को इसमें शामिल किया गया है।
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया (34), दक्षिण अफ्रीका (15), श्रीलंका और वेस्टइंडीज (दोनों 13) का नंबर आता है। न्यूजीलैंड के केवल छह खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में भाग लेंगे जबकि इंग्लैंड के चार खिलाड़ी इसमें दिखाई देंगे। काउंटी टीमों ने अपने खिलाड़ियों को गर्मियों के पूरे सत्र में उपलब्ध रहने की हिदायत दी थी जिसके कारण उसके क्रिकेटर आईपीएल के लिये उपलब्ध नहीं हो पाए।
न्यूजीलैंड के जेसी राइडर और इंग्लैंड के केविन पीटरसन चोटिल होने के कारण आईपीएल में नहीं खेल पाएंगे।
बांग्लादेश के दो खिलाड़ी साकिब अल हसन और तमीम इकबाल आईपीएल का हिस्सा हैं लेकिन चोटिल होने के कारण इन दोनों के खेलने पर संदेह है। इस बीच बांग्लादेश को जिम्बाब्वे का दौरा भी करना है। एसोसिएट देशों में केवल हालैंड के रेयान टेन डोएशे (कोलकाता नाइटराइडर्स) ही आईपीएल में भाग लेंगे।
दिल्ली डेयरडेविल्स को छोड़कर लगभग हर टीम में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का दबदबा है। डेयरडेविल्स में केवल डेविड वार्नर के रूप में एक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी है। मुंबई इंडियन्स के कप्तान रिकी पोंटिंग हैं तो उसमें सर्वाधिक छह ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी शामिल हैं। इनमें आखिरी नीलामी में दस लाख डॉलर की धनराशि पाने वाले ग्लेन मैक्सवेल पर सब की निगाहें रहेंगी।
मुंबई की तरह किंग्स इलेवन पंजाब की कमान एडम गिलक्रिस्ट के हाथों में है। उनके अलावा चार अन्य ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी पंजाब की टीम का हिस्सा है। राजस्थान रायल्स की टीम में भी शेन वाटसन, ब्रैड हाज, बैड्र हाग और शान टैट सहित पांच ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं। चेन्नई सुपरकिंग्स और पुणे वॉरियर्स में चार-चार, रायल चैलेंजर्स बेंगलूर, केकेआर और हैदराबाद सनराइजर्स में तीन-तीन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं।
आईपीएल में पिछले पांच वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों का बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दबदबा रहा है और इस बार भी उसके खिलाड़ी फिर से अपना जलवा दिखा सकते हैं।
रॉयल चैलेंजर्स ने सर्वाधिक 23 भारतीय खिलाड़ी अपनी टीम में शामिल किए हैं जबकि केकेआर की टीम में फिलहाल 12 भारतीय खिलाड़ी ही हैं। केकेआर ने इस बार सबसे कम 23 खिलाड़ियों को टीम में लिया है लेकिन इसके बावजूद उसकी टीम अनेकता में एकता की मिसाल पेश करती है। केकेआर की टीम में सर्वाधिक नौ देशों के खिलाड़ी शामिल हैं। पुणे में आठ और बेंगलूर की टीम में छह देशों जबकि बाकी टीमों में पांच-पांच देशों के खिलाड़ी शामिल हैं।
किंग्स इलेवन पंजाब की टीम में कोई श्रीलंकाई खिलाड़ी नहीं है जबकि मुंबई और राजस्थान रायल्स ने इस बार दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों को तरजीह नहीं दी है।
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