
एक तरफ घुसपैठियों को भारतीय नागरिक बनने से रोकने के लिए कड़े कानून बन रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेशियों के पासपोर्ट बनाने का गोरखधंधा चल रहा था. मुंबई की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया है. एक तरफ देश में नागरिकता कानून में संशोधन पर घमासान जारी है दूसरी तरफ सिर्फ 1500 से 2000 रुपये में भारतीय नागरिक बनने का गोरखधंधा जारी है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऐसे ही एक गिरोह का भंडाफोड़ कर पांच लोगों को पकड़ा है जिनमें दो बांग्लादेशी हैं.
24 साल का रेहान रॉबी शुओन बांग्लादेश में सिल्हेट का रहने वाला है लेकिन इसके पास भारतीय पासपोर्ट है. 6 नवंबर को शारजाह के लिए उड़ान भरने की कोशिश में पकड़ा गया. जांच हुई तो पता चला कि रेहान के घर में एक और बांग्लादेशी शख्स मिनाज़ुल हसन भारतीय पासपोर्ट बनवाने की फिराक में था.
बांग्लादेशी युवकों के भारतीय पासपोर्ट देख हैरान पुलिस जब मामले की तह तक गई तो पता चला कि सिर्फ 1500 से 2000 रुपये में फर्जी दस्तावेजों के जरिए असली पासपोर्ट बन रहे थे. मामले में पकड़े गए तीन आरोपियों में निजकुमार विश्वकर्मा सांताक्रुज की देना बैंक में आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसी का प्रतिनिधि है.
कहां तो देश में पीढ़ियों से रहने वाले हजारों भारतीय एनआरसी में नाम नहीं दर्ज करा पाने से परेशान हैं वहीं बांग्लादेशी घुसपैठिए फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर देश पर बोझ बन रहे हैं.
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