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This Article is From Nov 22, 2019

नर्सिंग होम में चल रहा था भ्रूण के लिंग की जांच का गोरखधंधा, छापा मारा तो खुला राज

दिल्ली के पश्चिमी जनकपुरी इलाके में साई नर्सिंग होम पर दिल्ली और हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा

नर्सिंग होम में चल रहा था भ्रूण के लिंग की जांच का गोरखधंधा, छापा मारा तो खुला राज
दिल्ली के जनकपुरी का साई नर्सिंग होम, जहां छापा मारा गया.
  • एक महिला को कस्टमर बनाकर नर्सिंग होम में भेजा गया
  • 35 हजार रुपये लिए और जांच करके बता दिया कि लड़की है
  • नर्सिंग होम की एजेंट ने बताया 250 भ्रूण की जांच करा चुकी है
नई दिल्ली:

दिल्ली और हरियाणा के स्वास्थ्य विभागों की टीम ने मिलकर दिल्ली के पश्चिमी जनकपुरी इलाके में एक बड़े नर्सिंग होम पर छापा मारा. यहां भ्रूण के लिंग की जांच करने का गोरखधंधा चल रहा था. जांच में पता चला कि यहां सैकड़ों भ्रूणों के लिंग की जांच हो चुकी है. यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था. इस गोरखधंधे का पर्दाफाश करने के लिए जाल बिछाया गया और छापा मारने के साथ स्टिंग करके आरोपियों को पकड़ लिया गया. नर्सिंग होम अंशु अरोड़ा का है.

जानकारी के मुताबिक दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग को हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य विभाग की टीम से पता चला कि दिल्ली के जनकपुरी में स्थित एक बड़े अस्पताल साईं नर्सिंग होम में भ्रूण के लिंग की जांच करने का गोरखधंधा चल रहा है. इसके बाद एक गर्भवती महिला को कस्टमर बनाया गया. इसके बाद दिल्ली के कराला गांव की रहने वाली कितावो नाम की महिला से संपर्क किया गया. कितावो इस नर्सिंग होम में ऐसी महिलाओं को लाती थी जिन्हें भ्रूण के लिंग की जांच करानी होती थी.

कितावो ने बताया कि भ्रूण के लिंग की जांच हो जाएगी लेकिन इसके लिए 35000 रुपये देने होंगे. टीम ने सौदा तय कर लिया और फिर नकली कस्टमर को कितावो जनकपुरी के साईं नर्सिंग होम लेकर गई. छापेमारी करने वाली टीम नर्सिंग होम के बाहर ही खड़ी हो गई. नर्सिंग होम में डॉक्टर अंशु अरोड़ा ने महिला का अल्ट्रासाउंड किया और बताया  कि उसके गर्भ में बेटी है. इसके बाद बाहर खड़ी टीम ने छापा मारकर डॉक्टर अंशु और एजेंट कितावो को पकड़ लिया. नर्सिंग होम में मौजूद दस्तावेज और अल्ट्रासाउंड मशीन को जब्त कर लिया गया.

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नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है. पुलिस ने पीएनडीटी एक्ट और पीसी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है. पूछताछ में कितावो ने बताया कि अभी तक वह इस नर्सिंग होम में 250 महिला ग्राहकों को ला चुकी है जिनके भ्रूण के लिंग की जांच हुई है. एक ग्राहक से डॉक्टर अंशु 35 हज़ार रुपये लेता था जिसमें से कितावो को 2000 रुपये मिलते थे.

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अब पता लगाया जा रहा है कि इस नर्सिंग होम में ऐसी कुल कितनी जांचें हुई हैं और इस गोरखधंधे में कितने और लोग शामिल हैं. इस पूरे ऑपरेशन का मोबाइल से स्टिंग भी किया गया है. जांच टीम के मुताबिक नर्सिंग होम अंशु अरोड़ा का है.

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मुकेश सिंह सेंगर
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