विज्ञापन

WhatsApp Username फीचर पर सरकार गंभीर, Meta को भेज सकती है नोटिस

NDTV ने WhatsApp UserID फीचर का ऐलान होने के बाद इसकी सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर कल मंगलवार, 30 जून को एक रिपोर्ट की थी. और अगले ही दिन आज 1 जुलाई बुधवार को ये खबर आ गई कि केंद्र सरकार WhatsApp User ID फीचर की जांच कराएगी.

WhatsApp Username फीचर पर सरकार गंभीर, Meta को भेज सकती है नोटिस
WhatsApp के Username फीचर की जांच कर सकती है केंद्र सरकार!
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

वॉट्सऐप (WhatsApp) ने मोबाइल नंबर की जगह जो 'यूजरनेम' (Username) फीचर पेश किया है, उससे सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने गंभीरता दिखाई है. NDTV को सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि केंद्र सरकार वॉट्सऐप के इस फीचर की समीक्षा कर सकती है और जरूरत पड़ने पर वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) को नोटिस भी भेज सकती है. सरकार को आशंका है कि WhatsApp User ID की वजह से ऑनलाइन फ्रॉड के मामले बढ़ सकते हैं.

NDTV इंडिया ने वॉट्सऐप के यूजरआईडी फीचर को लेकर प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़े सवालों पर कल (मंगलवार, 30 जून) को एक रिपोर्ट भी की थी. इस फीचर के रोलआउट होने के बाद कई एक्‍सपर्ट्स ने इस पर सवाल उठाए थे. और अगले ही दिन आज (1 जुलाई बुधवार) को ये खबर आ गई कि केंद्र सरकार WhatsApp User ID फीचर के मामले का अध्ययन करेगी. 

सिक्‍योरिटी और प्राइवेसी चिंताओं पर जांच करेगी सरकार 

केंद्र सरकार वॉट्सऐप के 'यूजरनेम' फीचर की जांच करेगी. इस जांच के दो महत्‍वपूर्ण पहलु होंगे- सिक्‍योरिटी और प्राइवेसी यानी सुरक्षा और गोपनीयता. सरकार ये जांच करवाएगी कि ये फीचर करोड़ों वॉट्सऐप यूजर्स की प्राइवेसी का खयाल रखता है या नहीं. कहीं यूजरआईडी से प्राइवेट जानकारी लीक होने का खतरा तो नहीं! साथ ही सिक्‍योरिटी के पहलु पर ये जांचेगी कि इससे कहीं ऑनलाइन फ्रॉड होने की आशंका तो नहीं! 

सरकार को आशंका है कि WhatsApp यूजरनेम फीचर की वजह से ऑनलाइन फ्रॉड के मामले बढ़ सकते हैं और इसलिए सरकार  ने जांच में ऐसा कुछ पाया तो Meta को नोटिस भेजने पर भी विचार कर सकती है. 

वॉट्सएप यूजरआईडी फीचर पर एक्‍सपर्ट क्‍यों जता रहे चिंता? 

प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर जारी बहस के बीच एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि साइबर अपराधियों को अपनी पहचान छिपाकर ठगी करने का एक नया रास्ता मिल सकता है और कानून के लिए उनतक पहुंचना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. सीनियर IPS अधिकारी अरुण बोथरा का कहना है कि वॉट्सऐप का 'यूजरनेम-बेस्‍ड पहचान' वाला फीचर पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है. उन्होंने टेलीग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि इसी तरह के फीचर के कारण टेलीग्राम आज इन्वेस्टमेंट स्कैम और साइबर क्राइम की जांच में एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ है. 

ये भी पढ़ें: 30 को सैलरी आई, 1 को जेब खाली! लाख रुपये की तनख्वाह के बाद भी ये नौबत क्‍यों, Experts ने बताया मंत्र

अरुण बोथरा के मुताबिक, वॉट्सऐप का दायरा टेलीग्राम से बहुत बड़ा है. 85 करोड़ भारतीय इसके यूजर्स हैं और जब करोड़ों यूजर्स के पैमाने पर बात हो, तो ऐप में एक छोटा-सा बदलाव भी पब्लिक सेफ्टी पर बहुत बड़ा असर डाल सकता है.

दूसरी ओर एंटरप्रेन्योर और इन्फ्लुएंसर अंकुर वारिकू ने भी इसके व्यावहारिक खतरों पर गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि भारत में, बड़ी संख्‍या में लोग डिजिटल रूप से साक्षर नहीं हैं. ऐसे में ये फीचर एक बड़ी 'तबाही' साबित हो सकता है. उनके मुताबिक, साइबर क्रिमिनल्‍स मिलते-जुलते यूजरनेम से मैसेज कर पैसे मांग सकते हैं. ऐसे में आम इंसान धोखा खा जाएगा.' 

इसके पीछे दो बड़े कारण हैं. पहला कि देश में ज्यादातर लोग 'वेरिफाइड स्टेटस' के खेल को नहीं समझते. और दूसरी ये कि आप फोन कॉल करके ये वेरिफाई भी नहीं कर सकते कि सामने वाला असली है या नकली.

वॉट्सऐप इस फीचर के साथ एंटी-एब्यूज (दुरुपयोग रोकने वाले) सिस्टम को किस तरह मजबूत बनाने वाला है या आगे क्‍या कदम उठाने वाला है, इस बारे में अभी मेटा (Meta) की ओर से जानकारी सामने नहीं आई हैं. 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
WhatsApp, WhatsApp Username Feature, Whatsapp Username How To Set, WhatsApp Username Features Concern, WhatsApp Username Security Concern
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com