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भारतीय निवेशकों के ₹9 लाख करोड़ डूबे, सोना-चांदी-क्रूड... सबकुछ महंगा; ईरान में तनाव का दुनियाभर में असर

पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है और इसका असर शेयर बाजार के साथ-साथ सोना-चांदी और क्रूड ऑयल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. सोमवार को दुनियाभर के बाजार लाल निशान के साथ खुले.

भारतीय निवेशकों के ₹9 लाख करोड़ डूबे, सोना-चांदी-क्रूड... सबकुछ महंगा; ईरान में तनाव का दुनियाभर में असर
नई दिल्ली:

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद सोमवार को जब पहली बार स्टॉक मार्केट खुला तो धड़ाम हो गया. भारत के दोनों स्टॉक एक्सचेंज- BSE और NSE में जबरदस्त गिरावट आई. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को BSE का सेंसेक्स 1,048 पॉइंट यानी 1.29% गिरा, जबकि NSE के निफ्टी में 312.95 पॉइंट यानी 1.24% की गिरावट आई. सेंसेक्स 80,238.85 और 24,865.70 पॉइंट पर बंद हुए. 

शनिवार को जब इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया था. इसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया. ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद हलचल और बढ़ गई. इस कारण मार्केट में पहले से ही गिरावट की आशंका थी. 

कितना नुकसान हुआ?

भारत में शेयर बाजार में गिरावट आने से निवेशकों को लाखों करोड़ रुपये की चपत लग गई. BSE पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैप 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गई. 

शुक्रवार को BSE पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैप 463 लाख करोड़ रुपये थी, जो सोमवार को घटकर 457 लाख करोड़ रुपये से थोड़ी कम हो गई. यानी, एक ही दिन में BSE पर निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो गया.

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इसी तरह, NSE पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैप में भी 2.5 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई. अगर दोनों स्टॉक एक्सचेंज को मिला लिया जाए तो सोमवार को मार्केट में गिरावट से निवेशकों को लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.

अमेरिका का बाजार भी हुआ लाल

पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण अमेरिका का बाजार भी लाल हो गया. सोमवार को अमेरिकी मार्केट खुलने के तुरंत बाद डाउ जोंस 483 पॉइंट्स यानी 1% नीचे था. S&P 500 और Nasdaq दोनों में लगभग 0.7% की गिरावट आई.

जिन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ा, उनमें एयरलाइंस शामिल हैं, क्योंकि कई कैरियर्स ने उड़ानें रोक दी हैं. डेल्टा और यूनाइटेड एयरलाइंस दोनों में 3% से ज्यादा की गिरावट आई. हालांकि, इस लड़ाई से डिफेंस स्टॉक्स में तेजी देखने को मिल रही है. लॉकहीड मार्टिन और RTX दोनों में 3% से ज्यादा की बढ़त हुई, जबकि क्रेटोस 9% बढ़ा और एरोविरोनमेंट 19% ऊपर था. 

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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद, इजराइल ने लेबनान में ईरान और हिज्बुल्लाह मिलिटेंट्स की एयर स्ट्राइक के बाद जवाबी हमले किए, जिससे यह डर और बढ़ गया कि पूरे इलाके में लड़ाई और बढ़ सकती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमले अगले चार हफ्तों तक जारी रह सकते हैं.

LPL फाइनेंशियल के चीफ टेक्निकल स्ट्रेटजिस्ट एडम टर्नक्विस्ट ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि मार्केट का नुकसान कंट्रोल में है क्योंकि इन्वेस्टर्स पिछले कुछ हफ्तों से टकराव की उम्मीद कर रहे थे.

एशियाई और यूरोपीय बाजार का क्या है हाल?

ईरान जंग के कारण दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है. 

एशिया में जापान के निक्केई में 1.35%, हॉन्ग कॉन्ग के हेंग सेंग में 2.14%, साउथ कोरिया के कोस्पी में 1% और ताईवान के ताईवान SE में 0.90% की गिरावट आई. हालांकि, चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.47% की तेजी आई.

कमोबेश यही हाल यूरोप में भी देखने को मिल रहा है. यूरोप के सभी बड़े स्टॉक मार्केट में सोमवार को गिरावट देखने को मिल रही है. STOXX यूरोप में 1.92% की गिरावट आ चुकी है. यूके के FTSE 250 में 1.32%, जर्मनी के DAX में 2.48%, इटली के FTSE MIB में 2.26% और फ्रांस के CAC 40 में 2.30% तक की गिरावट आई है.

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क्रूड ऑयल का क्या हुआ?

पश्चिमी एशिया में तनाव हो तो इसका असर कच्चे तेल पर पड़ना लाजिमी है. तनाव के चलते कई खाड़ी देशों ने कच्चे तेल का उत्पादन बंद कर दिया है. इस कारण कच्चे तेल की कीमतों में 8 फीसदी का उछाल आया है.

ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड सोमवार को 10% बढ़कर 82 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गया. कीमतें अभी और बढ़ सकती हैं, क्योंकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से ऑयल टैंकर के न गुजरने की चेतावनी दी है. होर्मुज स्ट्रेट पर अब तक तीन ऑयल टैंकरों पर हमला हो चुका है. होर्मुज स्ट्रेट से ही दुनिया की लगभग 20% तेल और गैस की सप्लाई होती है.

रॉयटरस के मुताबिक, वेल्स फार्गो के ओहसंग क्वोन ने चेतावनी दी है कि अगर क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा होता है, तो S&P 500 अपने पिछले क्लोजिंग से लगभग 13% तक टूट सकता है. 

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रुपया गिरा, सोना-चांदी में उछाल

पश्चिम एशिया में संकट गहराने से सोमवार को रुपया 41 पैसे की जोरदार गिरावट के साथ 91.49 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली और विदेशी कोषों की निकासी ने भारतीय मुद्रा पर दबाव को और बढ़ा दिया. 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट दिलीप परमार ने PTI से कहा, 'ईरान संकट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारतीय रुपये में जनवरी के आखिर के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट आई. रुपये पर दबाव बना हुआ है क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर जा रहे हैं, शेयर बाजार से विदेशी पूंजी निकल रही है, और इस बात का डर बढ़ रहा है कि महंगे आयात से व्यापार संतुलन को नुकसान होगा.'

वहीं, सोमवार को सोना और चांदी दोनों की कीमत में तेजी देखी गई. सोमवार को चांदी में 11.94% और सोना में 4.92% की तेजी आई.

शुक्रवार को 1 किलो चांदी की कीमत 2.68 लाख रुपये थी. सोमवार को यह 32 हजार रुपये महंगी होकर 3 लाख रुपये के पार चली गई. इसी तरह, 10 ग्राम सोना शुक्रवार को 1,64,700 रुपये पर बंद हुआ था. सोमवार को इसकी कीमत में 8,100 रुपये का उछाल आया और इसकी कीमत 1,72,800 रुपये पहुंच गई.

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