- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पुराने टैरिफ नियमों को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है.
- 24 फरवरी से नया 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लागू होगा, जिससे भारत के कुछ सेक्टरों को फायदा होगा.
- टेक्सटाइल, अपैरल, ऑर्गेनिक केमिकल, मशीनरी, लेदर और प्लास्टिक सेक्टर को नए टैरिफ से लाभ मिलने की उम्मीद है.
अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी में हुए एक बड़े बदलाव ने भारतीय बाजारों में हलचल मचा दी है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पुराने टैरिफ नियमों को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है, जिसके बाद अब 24 फरवरी से नया 15% ग्लोबल टैरिफ लागू हो रहा है. इस बदलाव का असर भारत से बाहर जाने वाले सामान पर अलग-अलग तरह से पड़ेगा, जिससे कुछ बिजनेस को फायदा होगा तो कुछ को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.
इन सेक्टरों की खुली किस्मत, अब होगा तगड़ा फायदा
NDTV Profit की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और भारत के बीच इस महीने की शुरुआत में जो ट्रेड डील हुई थी, उसके हिसाब से कई भारतीय सामानों पर 18% का टैक्स लग रहा था, जिसे अब घटाकर 15% कर दिया गया है. इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर को मिलेगा, जिसका एक्सपोर्ट करीब $8-9 बिलियन रहने का अनुमान है.

इसके साथ ही ऑर्गेनिक केमिकल ($5 बिलियन), मशीनरी ($3 बिलियन), लेदर और फुटवियर ($2-3 बिलियन) और प्लास्टिक- रबर ($2 बिलियन) जैसे सेक्टर्स के लिए भी अमेरिकी मार्केट में अपनी जगह बनाना अब पहले से सस्ता और आसान हो जाएगा.
ज्वेलरी और हैंडीक्राफ्ट बिजनेस पर पड़ेगा बुरा असर
जहां कुछ सेक्टर्स के लिए राहत की खबर है, वहीं जेम्स और ज्वेलरी (Gems & Jewellery) के साथ-साथ हैंडीक्राफ्ट (Handicraft) के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं. पहले इन दोनों ही सेक्टर्स को टैक्स से छूट मिली हुई थी और उन पर 0% टैक्स लगता था, लेकिन अब इन्हें भी 15% का भारी टैक्स देना होगा. जानकारों का मानना है कि करीब $9-10 बिलियन के ज्वेलरी एक्सपोर्ट और $1-2 बिलियन के हैंडीक्राफ्ट बिजनेस पर इस नए टैक्स का सीधा असर पड़ेगा, जिससे अमेरिकी बाजार में इनकी कीमतें बढ़ सकती हैं और अमेरिका में यह सामान महंगा हो जाएगा.

दवा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर नहीं होगा कोई असर
अच्छी बात यह है कि भारत के कुछ सबसे जरूरी सेक्टर्स को इन नए टैक्स नियमों से पूरी तरह बाहर रखा गया है. फार्मास्युटिकल्स यानी दवाइयां और एनर्जी सेक्टर को नए टैरिफ से कोई खतरा नहीं है, जिससे भारत का लगभग $9 बिलियन का जेनरिक दवाओं का एक्सपोर्ट बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा.
इसी तरह, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर, जिसका एक्सपोर्ट लगभग $8 बिलियन है, पर भी इन नए नियमों का कोई असर नहीं पड़ेगा. इसके अलावा चाय, कॉफी, मसाले और आम जैसे फलों को भी इस भारी टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है.
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