अमेरिकी शेयरों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों को फिनटेक प्लेटफॉर्म Stockal पर बड़ा झटका लगा है. करीब 30 निवेशकों ने आरोप लगाया है कि उनके US स्टॉक पोर्टफोलियो में बिना अनुमति खरीद-बिक्री की गई. इस मामले में अनुमानित नुकसान ₹100 करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है. हालांकि, Stockal की पैरेंट कंपनी Borderless ने कहा है कि शुरुआती जांच में किसी भी खाते से पैसे निकाले जाने की जानकारी नहीं मिली है. आइए समझते हैं क्या है पूरा मामला?
Apple, Nvidia समेत बड़े शेयर बेचे गए
यह मामला 15 अक्टूबर को अमेरिकी बाजार में कारोबार के दौरान सामने आया. निवेशकों के पोर्टफोलियो में मौजूद Apple, Nvidia, Amazon, Tesla, Alphabet और AMD जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर बेच दिए गए. इन शेयरों से मिले पैसों का इस्तेमाल चीन की कंपनी Zhibao Technology Inc. के शेयर खरीदने में किया गया. यह कंपनी अमेरिका के Nasdaq बाजार में ZBAO नाम से लिस्टेड है. इसके शेयर कम कारोबार वाले माइक्रोकैप स्टॉक हैं.
26 अकाउंट में हुई अनऑथराइज्ड एंट्री
Borderless ने 4 नवंबर को LinkedIn पर जारी बयान में बताया कि उसके अमेरिकी ब्रोकरेज और कस्टडी पार्टनर DriveWealth ने भारतीय समय के अनुसार 16 अक्टूबर को 13 ग्राहकों के खातों में अनऑथराइज्ड ट्रेडिंग की जानकारी दी थी. कंपनी के मुताबिक, किसी थर्ड पार्टी ने वैलिड लॉगिन क्रेडेंशियल के जरिए 26 ग्राहक खातों को एक्सेस कर लिया था. इनमें से 13 खातों में शेयर बेचकर दूसरे स्टॉक खरीदे गए. जैसे ही इस बात की जानकारी मिली, कंपनी ने तुरंत उन सभी खातों को ब्लॉक कर दिया ताकि कोई और गड़बड़ी न हो सके.
सोशल इंजीनियरिंग अटैक की आशंका
Borderless का कहना है कि उसकी जांच में प्लेटफॉर्म, इंटरफेस, इंफ्रास्ट्रक्चर या इंटरनल सिस्टम में किसी तरह की सेंधमारी का सबूत नहीं मिला है. कंपनी को शक है कि निवेशकों के साथ सोशल इंजीनियरिंग अटैक हुआ हो सकता है. इसके लिए कुछ हफ्ते पहले किसी दूसरी कंपनी के डेटा लीक में सामने आई जानकारी का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. हालांकि, इस कनेक्शन की अभी पुष्टि नहीं हुई है. कंपनी ने जांच के लिए स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स को भी नियुक्त किया है.
Stockal और DriveWealth के बीच जिम्मेदारी पर सवाल
इस मामले में Stockal और DriveWealth के बीच भी जिम्मेदारी को लेकर विवाद सामने आया है. Stockal का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म में सेंधमारी के सबूत नहीं मिले हैं और ग्राहकों के ईमेल या लॉगिन डिटेल्स फिशिंग जैसे तरीकों से चोरी हुए हो सकते हैं.वहीं, DriveWealth ने 30 अक्टूबर को एक प्रभावित निवेशक को भेजे लेटर में कहा कि अनऑथराइज्ड एक्सेस Stockal के इंटरफेस के जरिए हुई थी और सुरक्षा में कमी भारतीय प्लेटफॉर्म की तरफ हो सकती है. DriveWealth ने यह भी आरोप लगाया कि Stockal ने प्रभावित अकाउंट को फ्रीज करने के निर्देश दिए थे ,उसके मुताबिक, बिना अनुमति के शेयरों की खरीद-फरोख्त से जुड़े खतरों को लेकर उसने लगातार चिंता जताई थी.
ग्राहकों को राहत देने की कोशिश
Borderless ने कहा है कि वह प्रभावित निवेशकों के संपर्क में है और DriveWealth के साथ मिलकर लेनदेन की जांच कर रहा है. कंपनी ने अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन और अकाउंट सुरक्षा के उपाय भी लागू किए हैं. उसके मुताबिक, अभी तक अनऑथराइज्ड ट्रेडिंग सिर्फ 13 खातों तक सीमित मिली है और बाकी प्लेटफॉर्म या दूसरे ग्राहकों के खातों पर खतरे का कोई सबूत नहीं मिला है.
कंपनी ने साफ किया कि ग्राहकों की मदद करना उसकी प्राथमिकता है, लेकिन यह किसी तरह की कानूनी जिम्मेदारी या लापरवाही स्वीकार करना नहीं है. Borderless ने कहा कि वह संबंधित अधिकारियों और रेगुलेटर्स के साथ सहयोग कर रही है. जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आए तथ्यों के आधार पर जानकारी अपडेट की जा सकती है.
यह भी पढ़ें | 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के 1 साल पूरे, सैलरी-पेंशन से लेकर फिटमेंट फैक्टर तक पर जानिए 5 बड़े अपडेट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं