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पिता सिलाई कर चलाते हैं घर, बेटे ने NEET में 612 नंबर लाकर परिवार का सपना किया साकार

NEET UG Success Story: कानपुर के जतीन निषाद ने साबित कर दिया कि अगर कड़ी मेहनत की जाए तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है. गरीब परिवार से आने वाले जतीन ने नीट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6656 हासिल की है.

पिता सिलाई कर चलाते हैं घर, बेटे ने NEET में 612 नंबर लाकर परिवार का सपना किया साकार
नीट 2026 की सक्सेस स्टोरी

लाखों छात्रों के लिए NEET-UG सिर्फ एक प्रतियोगी परीक्षा नहीं, बल्कि डॉक्टर बनने के सपने की ओर बढ़ाया गया पहला महत्वपूर्ण कदम होती है. इसी सपने को अपनी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों के बल पर साकार किया है कानपुर के जतीन निषाद ने. साधारण परिवार से आने वाले जतीन ने NEET-UG परीक्षा में 612 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6656 प्राप्त की है और सफलता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है. पिता की मेहनत देखकर बेटे ने पढ़ाई में मन लगाया और अब डॉक्टर बनने का सपना साकार होने जा रहा है. 

टेलर पिता की मेहनत बनी सबसे बड़ी प्रेरणा

जतीन के पिता रवि शंकर निषाद एक बुटीक में टेलर का काम करते हैं, जबकि उनकी मां शानू निषाद गृहिणी हैं. परिवार की आर्थिक परिस्थितियां सीमित थी, लेकिन बेटे की पढ़ाई और उसके सपने के आगे परिवार ने कभी हिम्मत नहीं हारी. जतीन कहते हैं कि उनके पिता की मेहनत ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही.

NDTV  से बात करते हुए उन्होंने बताया, “मेरे पिता हर दिन कड़ी मेहनत करते हैं ताकि परिवार और मेरी पढ़ाई का खर्च उठा सकें. जब भी मैं उन्हें काम करते देखता था, मुझे लगता था कि मुझे भी अपने लक्ष्य के लिए पूरी मेहनत करनी चाहिए.”

कोचिंग, NCERT और लगातार अभ्यास से मिली सफलता

जतीन ने अपनी तैयारी न्यू लाइट इंस्टीट्यूट से की. कोचिंग के साथ-साथ जतीन ने नियमित रूप से NCERT की किताबों का अध्ययन, MCQ की प्रैक्टिस, लगातार रिवीजन और मॉक टेस्ट पर विशेष ध्यान दिया. 

दबाव था, लेकिन हार मानने का कभी नहीं आया ख्याल

पढ़ाई के दौरान उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती मानसिक दबाव और लाखों अभ्यर्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा थी. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने उपलब्ध साधनों का बेहतर उपयोग किया और कभी हार नहीं मानी. टेस्ट में अपेक्षा से कम अंक आने पर भी उन्होंने निराश होने के बजाय अपनी गलतियों का विश्लेषण किया और कमजोर विषयों पर अधिक मेहनत की.

रोजाना घंटों की पढ़ाई, फिजिक्स पर फोकस

जतीन का कहना है कि तैयारी के दौरान वह रोज करीब 6 घंटे कोचिंग और 5 से 6 घंटे घर पर पढ़ाई करते थे. हालांकि पढ़ाई के घंटे अक्सर बदलते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा कोई दिन नहीं जाने दिया जब कम से कम दो घंटे भी पढ़ाई न की हो. उन्होंने बताया कि फिजिक्स उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण विषय था. इससे बचने के बजाय उन्होंने रोजाना सवाल हल किए. इसी रणनीति ने इस विषय में उनकी पकड़ मजबूत हुई.

NEET परीक्षा में पारदर्शिता पर क्या बोले जतीन?

नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर जतीन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और पक्षपात रहित होनी चाहिए, ताकि हर मेहनती छात्र को उसकी मेहनत का उचित परिणाम मिल सके और परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का विश्वास बना रहे.

अब कार्डियोलॉजिस्ट बनने का है सपना

भविष्य की योजनाओं के बारे में जतीन बताते हैं कि उनका सपना कार्डियोलॉजिस्ट बनने का है. MBBS के बाद वह हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं. उनके अनुसार, हृदय संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और वह इस क्षेत्र में मरीजों का बेहतर इलाज कर समाज की सेवा करना चाहते हैं.

NEET कैंडिडेट्स को क्या दी सलाह?

अपने जैसे छोटे शहरों और साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए जतीन का संदेश है कि परिस्थितियों को अपनी कमजोरी न बनने दें. उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई, सही रणनीति, लगातार रिवीजन और खुद पर विश्वास ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है.  उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को अपनी परिस्थितियों के कारण खुद को कम नहीं आंकना चाहिए.

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