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नो सैलरी हाइक, छंटनी का खतरा... Zoho वाले श्रीधर वेम्‍बू का 'जहाज' डूबने लगा क्‍या? अमेरिका से भारतीय युवाओं को बुला रहे थे, अब हाथ जोड़ रहे 

Zoho Sridhar Vembu Salary Hike Freeze: सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो ने इस साल कर्मचारियों की सैलरी-हाइक नहीं करने का फैसला किया है. को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने AI के बढ़ते खर्चों के बीच कहा है कि हमारे लिए प्रार्थना करें.

नो सैलरी हाइक, छंटनी का खतरा... Zoho वाले श्रीधर वेम्‍बू का 'जहाज' डूबने लगा क्‍या? अमेरिका से भारतीय युवाओं को बुला रहे थे, अब हाथ जोड़ रहे 
एआई ने बढ़ाई लागत, कर्मचारियों की इस वर्ष नहीं बढ़ेगी सैलरी
Source: NDTV Graphics/Canva

अमेरिका में भारत और दूसरे देशों के प्रोफेशनल्‍स के वीजा को लेकर सख्‍त नियमों और विवादों के बीच भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) भारतीय प्रतिभाओं से स्‍वदेश लौट आने की अपील करते दिखे थे. अब कुछ दिन बाद ही अपनी कंपनी में AI के बढ़ते खर्चों का हवाला देते हुए उन्‍होंने फाइनेंशियल संकट का संकेत दिया है. जोहो ने इस बार कर्मचारियों को सैलरी-हाइक यानी इंक्रीमेंट नहीं देने का फैसला लिया है. वहीं कर्मचारियों में छंटनी का भी डर बना हुआ है. 

श्रीधर वेम्बू ने दिया संकट का संकेत! 

सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने मंगलवार को कहा कि कंपनी ने बढ़ती लागत और अनिश्चित कारोबारी परिस्थितियों के कारण इस वर्ष कर्मचारियों की सैलरी-हाइक नहीं करने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि कंपनी ने अपने मार्केटिंग बजट में भी कटौती की है. 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में वेम्बु ने कहा कि सॉफ्टवेयर उद्योग का कारोबारी परिदृश्य अनिश्चित बना हुआ है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग ने लागत में भारी वृद्धि कर दी है.

वेम्‍बू बोले- मैं माफी मांगता हूं 

उन्होंने बताया कि डेटा सेंटरों के लिए आवश्यक सर्वर की कीमतों में लगभग 4 गुना बढ़ोतरी हुई है. साथ ही एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे परिचालन खर्च में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी कारोबार के लिए चुनौती बनी हुई हैं.

वेम्बू ने कहा, 'हमने अपने मार्केटिंग बजट में कटौती की है. हमने कर्मचारियों को भी बताया है कि इस वर्ष सामान्य सैलरी हाइक देना संभव नहीं होगा. मैं इसे टाल नहीं पाने के लिए उनसे माफी मांगता हूं.'

उन्होंने आगे कहा कि कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी से बचने की पूरी कोशिश करेगी, लेकिन सॉफ्टवेयर उद्योग में रोजगार का दृष्टिकोण फिलहाल चुनौतीपूर्ण दिखाई देता है. उन्होंने बताया कि जोहो ने पिछले 18 महीनों से कर्मचारी संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की है.

वेम्बू ने बताया कि अधिकांश कर्मचारी मौजूदा परिस्थितियों को समझते हैं और इसके लिए उन्होंने उनका आभार भी व्यक्त किया.

'अगले 3 से 5 वर्ष तय करेंगे कि...'

वेम्‍बू ने कहा, 'हम खुद को नए सिरे से तैयार करने की प्रक्रिया में हैं. अगले 3 से 5 वर्ष तय करेंगे कि हमारा यह बदलाव कितना सफल रहा.'

इसी वर्ष मई में श्रीधर वेम्बू ने एआई को लेकर तकनीकी कंपनियों के बढ़ते वैल्यूएशन पर भी चिंता जताई थी. उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर निवेशकों का उत्साह कई बड़ी टेक कंपनियों के मूल्यांकन को ऐसे स्तर तक ले गया है, जिसमें डॉट-कॉम बुलबुले जैसी स्थितियां दिखाई देती हैं.

उन्होंने उस समय एनवीडिया, एप्पल, अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा प्लेटफॉर्म्स और माइक्रोन टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियों का उल्लेख करते हुए कहा था कि इनमें से कई कंपनियां अपने सालाना रेवेन्‍यू की तुलना में बहुत ऊंचे वैल्‍युएशन पर कारोबार कर रही हैं.

वेम्बु ने डॉट-कॉम दौर के बाद दिए गए स्कॉट मैकनीली के एक बयान का भी हवाला दिया था, जिसमें कहा गया था कि यदि निवेशक किसी कंपनी के वार्षिक राजस्व के दस गुना मूल्य पर निवेश करते हैं, तो उस मूल्यांकन को उचित साबित करने के लिए कंपनी को लंबे समय तक असाधारण प्रदर्शन करना होगा.

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