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This Article is From Jan 15, 2026

₹50,000 की सैलरी से भी बन सकते हैं करोड़पति! जानें यह 'सीक्रेट' फॉर्मूला, ऐसे तैयार होगा 1 करोड़ का फंड

SIP calculator: क्या ₹50,000 की सैलरी से ₹1 करोड़ का फंड बनाना मुमकिन है? जवाब है हां! जानें कंपाउंडिंग की जादुई ताकत और निवेश का वो सटीक फॉर्मूला जिससे आप भी बन सकते हैं करोड़पति...

₹50,000 की सैलरी से भी बन सकते हैं करोड़पति! जानें यह 'सीक्रेट' फॉर्मूला, ऐसे तैयार होगा 1 करोड़ का फंड
SIP calculator for 1 crore: लंबे समय में पैसा बढ़ाने का सबसे भरोसेमंद तरीका म्यूचुअल फंड SIP को माना जाता है.
नई दिल्ली:

हर किसी का सपना होता है कि उसके बैंक बैलेंस में कम से कम 1 करोड़ रुपये हों, लेकिन कई लोग इसे सिर्फ एक सपना मानकर छोड़ देते हैं. अगर आपकी शुरुआती सैलरी ₹50,000 है, तो आपको लग सकता है कि इतनी रकम जुटाना नामुमकिन है. लेकिन सच तो यह है कि 'कंपाउंडिंग की ताकत' (Power of Compounding) छोटे निवेश से भी मोटा फंड बना सकता है. आइए जानते हैं कि कैसे आप अपनी मामूली सैलरी से  निवेश शुरू कर अगले कुछ सालों में ₹1 करोड़ का फंड तैयार कर सकते हैं....

₹50,000 महीने की सैलरी से भी बन सकते हैं करोड़पति 

₹50,000 महीने की सैलरी आज के समय में कई लोगों को कम लग सकती है. खासकर मुंबई, दिल्ली या बेंगलुरु जैसे शहरों में, जहां खर्च तेजी से बढ़ता है. लेकिन सच्चाई यह है कि इतनी सैलरी से भी करोड़पति बनने का सपना पूरा किया जा सकता है. बस तरीका सही होना चाहिए और शुरुआत वक्त पर होनी चाहिए.

करियर की शुरुआत में ज्यादातर युवा इसी रेंज की सैलरी से आगे बढ़ते हैं. फर्क सिर्फ इतना होता है कि कुछ लोग खर्च पहले सोचते हैं और निवेश बाद में, जबकि कुछ लोग निवेश को पहली प्राथमिकता बना लेते हैं. यही छोटा सा फर्क आगे चलकर बड़ा फंड तैयार कर देता है.

निवेश के स्मार्ट तरीके

लंबे समय में पैसा बढ़ाने का सबसे भरोसेमंद तरीका म्यूचुअल फंड SIP को माना जाता है. इसमें हर महीने एक तय रकम निवेश की जाती है और कंपाउंडिंग धीरे धीरे असर दिखाती है. 

मान लीजिए आप हर महीने 10,000 रुपये SIP में निवेश करते हैं और यह निवेश 21 साल तक जारी रहता है. अगर इस दौरान औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है, तो कुल निवेश रकम करीब 25.2 लाख रुपये होगी. इस पर अनुमानित रिटर्न लगभग 79.1 लाख रुपये बनता है और मैच्योरिटी पर फंड का आकार करीब 1.04 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.

लॉन्ग टर्म में अधिक फायदा

अगर आप हर महीने 20,000 रुपये निवेश कर पाते हैं और रिटर्न 12 प्रतिशत ही रहता है, तो यही 1 करोड़ रुपये का फंड लगभग 16 साल में तैयार हो सकता है. यानी रकम बढ़ाने से समय अपने आप कम हो जाता है.

करीब 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करने वालों के पास सबसे बड़ा फायदा समय का होता है. 20 से 30 साल का लंबा वक्त बाजार के उतार चढ़ाव को संभाल लेता है और कंपाउंडिंग ज्यादातर काम खुद कर देती है.
50,000 रुपये की सैलरी में भी कोशिश होनी चाहिए कि शुरुआत से ही 20 से 30 प्रतिशत रकम बचाई जाए. 

यानी हर महीने 10,000 से 15,000 रुपये. इसका सबसे आसान तरीका है सैलरी आते ही निवेश को ऑटो मोड पर डाल देना, ताकि खर्च से पहले बचत हो जाए.

इन बातों का दें ध्यान

जैसे जैसे इनकम बढ़े, लाइफस्टाइल तुरंत बदलने के बजाय निवेश की रकम बढ़ाना ज्यादा फायदेमंद रहता है. प्रमोशन, जॉब चेंज या स्किल अपग्रेड से मिलने वाली बढ़ी हुई सैलरी का कम से कम आधा हिस्सा निवेश में डालना लंबे समय में बड़ा फर्क पैदा करता है.

निवेश शुरू करने से पहले कुछ बेसिक तैयारी भी जरूरी है. कम से कम छह महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड होना चाहिए. साथ ही हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस भी जरूरी है, ताकि किसी अचानक खर्च के लिए निवेश तोड़ने की नौबत न आए.

कुल मिलाकर 50,000 रुपये की शुरुआती सैलरी आपके फाइनेंशियल फ्यूचर को सीमित नहीं करती. सही समय पर शुरुआत, हर महीने नियमित निवेश और लंबे वक्त तक धैर्य रखने से यही सैलरी आगे चलकर 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार कर सकती है.

नोट- (यह सिर्फ सामान्य जानकारी है. निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)

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