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Share Market Crash: मार्केट में फिर भूचाल, 1000 अंक टूट सेंसेक्‍स, निवेशकों के 9 लाख करोड़ साफ, ये है कारण 

एक्‍सपर्ट का कहना है कि निवेशक बाजार के इस कमजोर दौर का फायदा उठाकर अच्छी क्वालिटी वाले स्टॉक जमा कर सकते हैं, खासकर ग्रोथ सेगमेंट में मौजूद लार्ज-कैप स्टॉक, जहां निवेश के लिए रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो फायदेमंद है.

Share Market Crash: मार्केट में फिर भूचाल, 1000 अंक टूट सेंसेक्‍स, निवेशकों के 9 लाख करोड़ साफ, ये है कारण 
शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट
(NDTV File Photo)

Stock Market Crash Today : हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन एक बार फिर मार्केट में भूचाल आ गया. कमजोरी के साथ खुले मार्केट में गुरुवार दोपहर बड़ी गिरावट देखने को मिली. दिन के करीब 2 बजे सेंसेक्‍स 1,000 अंकों से ज्‍यादा टूट गया. इस गिरावट के चलते मार्केट कैप से 9 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए. यानी निवेशकों के पोर्टफोलियो में इतना बड़ा नुकसान हो गया. 

दोपहर 12 बजे के बाद से ही मार्केट में गिरावट बढ़ने लगी थी. सेंसेक्‍स में 800 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट देखी जा रही थी, जबकि निफ्टी में भी 270 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट देखी गई. इसके बाद ये गिरावट बढ़ती चली गई. 

बाजार की शुरुआत ही कमजोर

आज सुबह मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले थे. सुबह 9:22 पर सेंसेक्स 160 अंक या 0.22 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 72,319 और निफ्टी 79 अंक या 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,541 पर ट्रेड कर रहा था. 

मार्केट में इतनी बड़ी गिरावट क्‍यों?

जानकारों के मुताबिक, FII की लगातार बिकवाली पिछले दो ट्रेडिंग दिनों में और तेज हो गई, इस दौरान विदेशी निवेशकों ने कुल 20,128 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए.

वहीं, दूसरी ओर एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड के बढ़कर 5.3 प्रतिशत होने के कारण, FII की बिकवाली जारी रह सकती है.

FII की गतिविधियों में एक विरोधाभास देखा जा रहा है कि एक्सचेंज के जरिए बिकवाली करने के बावजूद, वे लगातार प्राइमरी मार्केट में निवेश कर रहे हैं और महंगे मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयर भी खरीद रहे हैं.

एक्‍सपर्ट ने आगे कहा कि निवेशक बाजार के इस कमजोर दौर का फायदा उठाकर अच्छी क्वालिटी वाले स्टॉक जमा कर सकते हैं, खासकर ग्रोथ सेगमेंट में मौजूद लार्ज-कैप स्टॉक, जहां निवेश के लिए रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो फायदेमंद है.

इन शेयरों की हालत खराब 

शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक दबाव ऑटो शेयरों पर देखा जा रहा था. सूचकांकों में निफ्टी ऑटो टॉप लूजर था. इसके बाद निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी पीएसई, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान में थे. दूसरी ओर निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में मजबूती के साथ कारोबार हो रहा था. 

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा था. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 404 अंक या 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,936 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 197 अंक या 1.04 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,044 पर था. 

एशियाई बाजार का हाल

ज्यादातर एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा था. टोक्यो, ताइपे और सोल हरे निशान में थे, जबकि जकार्ता लाल निशान में था. अमेरिकी बाजार भी बुधवार को मिश्रित बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.86 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.24 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ. 

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