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Rupee Rises: डॉलर के मुकाबले 33 पैसे उछला रुपया, 93 से नीचे आया, मजबूती की 3 वजहें आपको खुश कर देंगी

Rupee Rises: इससे पहले गुरुवार को रुपये ने 2013 के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त (1.8 प्रतिशत) दर्ज की थी, क्योंकि बाजार ने RBI के इन फैसलों का स्वागत किया था.

Rupee Rises: डॉलर के मुकाबले 33 पैसे उछला रुपया, 93 से नीचे आया, मजबूती की 3 वजहें आपको खुश कर देंगी
Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ

Rupee: The Rising | डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ है. सोमवार को बाजार खुलते ही इसमें करीब 33 पैसे का उछाल देखा गया. बड़े दिनों के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 93 के लेवल से नीचे आया है, जो भारतीय करेंसी की मजबूती दिखाता है. इसे RBI के उठाए गए कदमों का असर बताया जा रहा है. सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपये में मजबूती देखी गई. सुबह 9:10 बजे रुपया 92.93 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद स्तर (93.10) के मुकाबले 0.2 प्रतिशत की बढ़त है.

रुपये में तेजी की 3 बड़ी वजहें?

रुपये की इस मजबूती को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से उठाए गए सख्त कदमों का असर बताया जा रहा है. 

  • सट्टेबाजी पर लगाम: RBI ने बैंकों और डीलरों को 'ऑफशोर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स' (विदेशों में होने वाले मुद्रा सौदे) देने पर पाबंदी लगा दी है. इससे रुपये की कीमत को लेकर होने वाली सट्टेबाजी (Speculation) कम हुई है.
  • नए कड़े नियम: केंद्रीय बैंक ने साफ कर दिया है कि अधिकृत डीलर अब प्रवासियों या निवासियों को रुपये से जुड़े 'नॉन-डिलीवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स' नहीं दे पाएंगे. 
  • फॉरेन करेंसी डील रूल्‍स: साथ ही बैंकों को अपने से जुड़ी कंपनियों (Related Parties) के साथ विदेशी मुद्रा सौदे करने से भी मना किया गया है.

इससे पहले गुरुवार को रुपये ने 2013 के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त (1.8 प्रतिशत) दर्ज की थी, क्योंकि बाजार ने RBI के इन फैसलों का स्वागत किया था.

आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है?

रुपये के मजबूत होने से विदेशों से सामान मंगाना (जैसे कच्चा तेल या इलेक्ट्रॉनिक्स) थोड़ा सस्ता होता है, जिससे देश में महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलती है. फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर है कि RBI की ये पाबंदियां रुपये को और कितना सहारा देती हैं.

... लेकिन चुनौतियां अभी भी बरकरार 

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, जानकारों का कहना है कि रुपया मजबूत तो हुआ है, लेकिन बाजार के जानकारों का कहना है कि खतरा अभी टला नहीं है. 

  1. ईरान-अमेरिका तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार तक का अल्टीमेटम दिया है, जिससे युद्ध का खतरा बना हुआ है.
  2. महंगा कच्चा तेल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (Brent Crude) 109.75 डॉलर के पार पहुंच गया है, जो भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए चिंता की बात है.
  3. शेयर बाजार की चाल: आज सुबह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान (गिरावट) में खुले. प्री ओपन में हल्‍का उछाल दिखा था, पर टिका नहीं. विदेशी निवेशकों (FIIs) ने पिछले कारोबारी दिन करीब 9,931 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर बाजार से पैसा निकाला है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर युद्ध का तनाव कम नहीं हुआ और तेल की कीमतें बढ़ती रहीं, तो रुपया वापस 94.00 के स्तर तक गिर सकता है. हालांकि, आरबीआई की मौजूदा सख्ती के चलते फिलहाल इसके 91.50 से 92.00 के दायरे में रहने की उम्मीद है.

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