देश में एनपीएस यानी नेशनल पेंशन सिस्टम और यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) का मुद्दा लगातार गर्माया हुआ है. कर्मचारी 8वें वेतन आयोग में पुरानी पेंशन स्कीम बहाली की लगातार मांग कर रहे हैं. इसी बीच रेलवे बोर्ड ने नोटिफिकेशन के जरिए साफ कर दिया कि जिन कर्मचारियों ने एनपीएस में मिलने फायदों का इस्तेमाल कर लिया है या फिर लंपसम अमाउंट निकाल लिया है तो अब वो यूपीएस में स्विच नहीं कर सकते. इस खबर में समझने की कोशिश करते हैं कि रेलवे बोर्ड के इस आदेश का मतलब क्या है और यूपीएस के साथ एनपीएस का पूरा कैलकुलेशन क्या है?

रेलवे बोर्ड का अपडेट
मालूम हो कि सरकार ने जब यूपीएस का ऐलान किया था तब एनपीएस के अभी के कर्मचारियों को इसमें स्विच करने का ऑप्शन दिया था. लेकिन अब रेलवे ने साफ कर दिया कि ये ऑप्शन हर किसी के लिए नहीं है. यानी कोई कर्मचारी रिटायर हो चुका है और एनपीएस में मिलने वाला 60% लंपसम अमाउंट और 40% एन्युटी का फायदा ले लिया है तो अब वो कर्मचारी एनपीएस से यूपीएस में स्विच नहीं कर पाएगा.
क्यों लेना पड़ा ये फैसला?
रेलवे के अनुसार अभी हाल ही में जो कर्मचारी रिटायर हुए हैं वो एनपीएस से अपना पैसा निकालने के बाद भी यूपीएस में स्वीच कर रहे हैं. क्योंकि अब यूपीएस में फिक्स पेंशन की गारंटी मिलती है, तो लोग इसमें आना चाहते हैं. लेकिन अगर किसी कर्मचारी ने पहले ही एनपीएस का फायदा ले लिया है तो वो दुबारा दूसरी स्कीम का फायदा नहीं ले सकता. इसलिए रेलवे को ये बड़ा फैसला लेना पड़ा.
पुराने कर्मचारियों का क्या होगा?
रेलवे के अनुसार जो कर्मचारी 1 अप्रैल 2004 के बाद नौकरी में आए थे और यूपीएस लागू होने से पहले रिटायर हो चुके हैं, उन्हें यूपीएस का ऑप्शन तभी मिलेगा जब वो एनपीएस से मिली लंपसम अमाउंट और एन्युटी के पैसे को सरकार को रिफंड करा दें.
पेंशन की कैलकुलेशन
चलिए अब उस मुद्दे पर आते हैं जिसके जरिए कर्मचारी एनपीएस से यूपीएस में लगातार शिफ्ट हो रहे हैं. यानी एनपीएस और यूपीएस की कैलकुलेशन में अंतर क्या है? मान लीजिए, एक कर्मचारी राहुल 25 साल की सर्विस पूरा करने के बाद साल 2026 में रिटायर होते हैं. रिटायरमेंट के समय राहुल की बेसिक सैलरी के साथ डीए 80 रुपये हैं.
- यूपीएस की बात करें तो इसमें पिछले 12 महीनों की एवरेज बेसिक सैलरी का 50% हिस्सा पेंशन में मिलेगा. यानी राहुल की महीने की पेंशन 40 हजार रुपये हुई. इस 40 हजार के अमाउंट पर महंगाई के हिसाब से डीआर मिलेगा. साथ ही हर 6 महीने की सर्विस के बदले महीने की सैलरी का 10वां हिस्सा रिटायरमेंट पर अलग से मिलेगा. यानी 25 साल की सर्विस पर करीब लंपसम अमाउंट 4 लाख रुपये मिलेगा.
- वहीं, दूसरी तरफ एनपीएस में पेंशन मार्केट रिटर्न पर डिपेंड करती है. मान लीजिए राहुत का टोटल एपीएस फंड 60 लाख रुपये जमा हुआ. तो राहुल इसमें 60% हिस्सा यानी 36 लाख रुपये टैक्स फ्री कैश निकाल सकते हैं. बाकी के 40% यानी 24 लाख रुपये को राहुल को किसी इंश्योरेंस कंपनी में पेंशन के लिए लगाना होगा. मान लीजिए अगर एन्युटी पर 6% का एनुअल रिटर्न मिलता है, तो राहुल की महीने की पेंशन 24 लाख 6% यानी 12 हजार रुपये होगी.
अंतर पूरी तरह क्लियर है कि यूपीएस में राहुल जहां एक फिक्स 40 हजार रुपये की महीने की पेंशन ले रहे थे, वहीं एनपीएस में मार्केट के हिसाब से सिर्फ 12 हजार रुपये पेंशन के तौर पर मिल रहे हैं. इसी वजह से कर्मचारी यूपीएस में शिफ्ट होना चाह रहे हैं.
कौन कर्मचारी कर पाएंगे एनपीएस से यूपीएस में शिफ्ट
रेलवे के अनुसार, सिर्फ वही कर्मचारी जो अभी सर्विस में हैं, जिन्होंने एनपीएस से कोई विड्रॉल नहीं किया है, यूपीएस में स्विच कर सकते हैं. इनके लिए कोई भी नियम या पाबंदी नहीं है.
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