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पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को दी टॉफी, तो पीयूष गोयल ने बताया भारतीय बाजार का दम!

पीएम मोदी का इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी गिफ्ट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के तेजी से बढ़ते टॉफी और कन्फेक्शनरी मार्केट के दिलचस्प आंकड़े शेयर किए.

पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को दी टॉफी, तो पीयूष गोयल ने बताया भारतीय बाजार का दम!

इंटरनेट पर जब भी पीएम मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की कोई फोटो या वीडियो आती है, वो फौरन वायरल हो जाती है. इस बार पीएम मोदी ने मेलोनी को भारत की मशहूर मेलोडी टॉफी का एक पूरा पैकेट गिफ्ट किया, जिसके बाद ये पल सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. इसी दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी बताया कि भारत का टॉफी और कन्फेक्शनरी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इसमें लगातार पॉजिटिव ग्रोथ बनी हुई है. 

सिर्फ स्वाद नहीं, बिजनेस भी है 'चॉकलेटी'

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इस दिलचस्प पल को भारत की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समझाया. उन्होंने बताया कि अब चॉकलेट और टॉफी का बाजार सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये तेजी से बढ़ता हुआ एक बड़ा बिजनेस बन गया है. दुनिया भर के निवेशक भी इस मार्केट में दिलचस्पी ले रहे हैं. मेक इन इंडिया और देश में बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग की वजह से भारतीय ब्रांड्स अब ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.

क्यों तेजी से भाग रहा है भारत का टॉफी मार्केट?

एक्सपर्ट के अनुसार आने वाले समय में भारत का टॉफी और चॉकलेट मार्केट तेजी से बढ़ने वाला है. इसकी कई वजहें हैं. अब लोग सिर्फ सस्ती टॉफी नहीं, बल्कि महंगी और बेहतर क्वालिटी वाली चॉकलेट और अलग-अलग फ्लेवर की कैंडीज खरीदना पसंद कर रहे हैं. साथ ही, गांव और छोटे शहरों में भी पैकेट वाली टॉफी की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसके अलावा, त्योहारों और खास मौकों पर अब लोग पारंपरिक मिठाई के साथ चॉकलेट गिफ्ट करना भी पसंद करने लगे हैं, जिससे इस बाजार को और बढ़ावा मिला है. वहीं भारतीय ब्रांड्स अब विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं और कई देशों में एक्सपोर्ट हो रहे हैं, जिससे भारत का कन्फेक्शनरी मार्केट और मजबूत हो रहा है.

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क्या है पारले कंपनी की फाइनेंशियल कंडीशन

पारले (Parle) कंपनी के लिए पिछला साल (FY25) मिला-जुला रहा. कंपनी की कमाई तो बढ़ी, लेकिन मुनाफा कम हो गया. इसे आप तीन आसान बातों से समझ सकते हैं. 

  • पहली ये कि बिस्कुट और टॉफी-चॉकलेट बनाने वाली कंपनी पारले की कुल बिक्री करीब 8.5% बढ़कर ₹15,568 करोड़ हो गई. अगर इसमें दूसरी कमाइयों को भी जोड़ दें, तो कंपनी की कुल इनकम ₹16,190.98 करोड़ रही.
  • दूसरी बात ये कि भले ही कंपनी की सेल बढ़ी, लेकिन उसका नेट प्रॉफिट लगभग 39% घट गया. ये पिछले साल के मुकाबले गिरकर ₹979.53 करोड़ पर आ गया. ऐसा क्यों? आसान शब्दों में कहें तो कंपनी के बिस्कुट-टॉफियां तो खूब बिकीं, लेकिन कच्चा माल महंगा होने या बिजनेस चलाने का खर्च बढ़ने की वजह से जेब में बचने वाला मुनाफा कम हो गया.

सोशल मीडिया पर आई मीम्स की बाढ़

पीएम मोदी के इस खास गिफ्ट ने ना सिर्फ भारत और दूसरे देश के बीच की दोस्ती को आसान और अपनापन भरे अंदाज़ में दिखाया, बल्कि भारत के मशहूर पार्ले-जी बिस्किट को दुनिया भर में चर्चा में ला दिया. 

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