देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से देश की ऊर्जा जरूरतों और आत्मनिर्भरता को लेकर कई अहम बातें कहीं. पश्चिम एशिया संकट के बीच पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई को लेकर उठे सवालों का भी उन्होंने जिक्र किया. उन्होंने बताया कि मुश्किल हालात के बावजूद देश में तेल और गैस की कमी नहीं होने दी गई. इसके साथ ही पीएम मोदी ने गैस कनेक्शन, सोलर एनर्जी, पाइप वाली रसोई गैस और परमाणु ऊर्जा को लेकर सरकार की तैयारियों के बारे में बताया.
मिडिल ईस्ट संकट में भी नहीं हुई पेट्रोल-डीजल की कमी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब पश्चिम एशिया में संकट आया, तब कुछ लोगों ने लोगों को डराने की कोशिश की कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी नहीं मिलेगा. लेकिन सरकार के उठाए कदमों की वजह से आज देश में गैस, फ्यूल और यूरिया की कोई कमी नहीं है.देश में गैस, पेट्रोल और यूरिया की पर्याप्त सप्लाई है.
उन्होंने कहा कि आज के समय में एनर्जी सिक्योरिटी बहुत जरूरी है और सरकार ने इसे मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं.
1.75 करोड़ घरों तक पहुंची पाइप वाली गैस
पीएम मोदी ने बताया कि आज देश में 1.75 करोड़ घरों तक पाइप के जरिए रसोई गैस यानी पीएनजी पहुंच रही है.उन्होंने कहा कि हर साल औसतन छह गुनी ज्यादा रफ्तार से लोगों को गैस कनेक्शन दिए गए हैं. इससे ज्यादा से ज्यादा घरों तक पाइप वाली रसोई गैस पहुंचाने में मदद मिली है.
50 लाख से ज्यादा घर सौर ऊर्जा से रोशन
प्रधानमंत्री मोदी ने सोलर एनर्जी को लेकर कहा कि देश में अब 50 लाख से ज्यादा घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. सोलर एनर्जी और क्लीन एनर्जी पर बढ़ता फोकस देश की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने में मदद करेगा.एनर्जी सिक्योरिटी के लिए सोलर एनर्जी जैसे स्रोतों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है
रेलवे में बिजली के इस्तेमाल से घटा डीजल आयात
पीएम मोदी ने रेलवे के इलेक्ट्रिफिकेशन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रेलवे में बिजली का इस्तेमाल बढ़ने की वजह से डीजल का आयात कम हुआ है.उन्होंने बताया कि भारत ने हाइड्रोजन ट्रेन भी शुरू की है. इसका मकसद क्लीन एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और पारंपरिक फ्यूल पर निर्भरता कम करना है.
परमाणु ऊर्जा पर बड़ा लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि परमाणु ऊर्जा एनर्जी सिक्योरिटी के लिए काफी अहम है. भारत अब इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर यानी पीएफबीआर ने इसी साल क्रिटिकलिटी हासिल की है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 200 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है और पांच नए परमाणु रिएक्टर लगाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि संसद में शांति अधिनियम पास किया गया है और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु बिजली हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है.
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