विज्ञापन

Petrol-Diesel-Crude Oil: भारत 93 या 97 नहीं 106 डॉलर के भाव खरीद रहा कच्‍चा तेल, क्‍या पेट्रोल-डीजल पर भी होगा असर? 

Crude Prices Rise: होर्मूज स्‍ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बाधित होने के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ गई हैं. भारतीय बास्‍केट के लिए कच्‍चे तेल की लागत काफी बढ़ गई है. क्‍या पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ेंगे?

Petrol-Diesel-Crude Oil: भारत 93 या 97 नहीं 106 डॉलर के भाव खरीद रहा कच्‍चा तेल, क्‍या पेट्रोल-डीजल पर भी होगा असर? 
Crude Oil Prices: भारत को क्‍या भाव पड़ रहा कच्‍चा तेल?
Source: NDTV Graphics/Canva

Crude Oil Prices Jump: अमेरिका-ईरान में तनाव के चलते होर्मूज स्‍ट्रेट में तेल टैंकर वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और इस बीच क्रूड ऑयल के दाम उछलते जा रहे हैं. ब्रेंट क्रूड जहां 97 डॉलर/बैरल के करीब, जबकि WTI क्रूड 93 डॉलर/बैरल के करीब के करीब ट्रेड कर रहा है. भारत के लिए कच्‍चे तेल की लागत इससे भी कहीं ज्‍यादा पड़ रही है.

PPAC डेटा के अनुसार, भारत के लिए कच्‍चे तेल की कीमत 106.75 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है. जुलाई में भारत 82 डॉलर/बैरल के करीब तेल खरीद रहा था. यानी एक-सवा महीने के भीतर भारत के लिए कच्‍चे तेल की कीमत 25% चढ़ गई है. आशंका है कि यही हाल रहा तो आने वाले समय में तेल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ा सकती हैं. 

होर्मूज से बहुत कम जहाज गुजर पा रहे 

सोमवार को जारी शिपिंग डेटा के अनुसार, अमेरिका और ईरान के हमलों के बाद, होर्मुज जलडमरूमध्य होकर पिछले 10 दिनों में औसतन 10 मालवाहक जहाज ही हर दिन गुजर पाए. ये आंकड़ा मई के बाद से सबसे कम है. 

एनालिटिक्स फर्म केप्लर के अनुसार, रविवार को 10-दिवसीय मूविंग एवरेज 10 था, जो शुक्रवार को 15 से अधिक और शनिवार को लगभग 13 से कम था. शनिवार को केवल 2 जहाज ही यहां से गुजरे जबकि रविवार को 6 जहाज गुजरे, जिनमें से ज्‍यादातर जहाजों ने ईरानी मार्ग का उपयोग किया. 

कितनी बढ़ गई भारत के लिए लागत? 

मध्य पूर्व में तनाव का असर भारत की क्रूड ऑयल बास्केट पर भी दिख रहा है और इसकी औसत कीमत अब 4 महीने के उच्चतम स्तर 100.75 डॉलर पर पहुंच गई है. पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 7 सितंबर को भारत की क्रूड ऑयल बास्केट की कीमत 106.26 डॉलर प्रति बैरल थी. ये दिखाता है कि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के साथ-साथ भारत के लिए कच्चा तेल आयात करना महंगा होता जा रहा है.

जून-जुलाई की तुलना में 25 फीसदी महंगा हुआ क्रूड 

इससे पहले भारत के कच्चे तेल के बास्केट की औसत कीमत अगस्त में 90.19 डॉलर प्रति बैरल, जुलाई में 82.04 डॉलर प्रति बैरल और जून में 83.22 डॉलर प्रति बैरल थी. यानी जून-जुलाई की तुलना में ये 25 फीसदी महंगा हो गया है. 

वहीं, मई में अमेरिका-ईरान में युद्ध के चरम पर भारत के कच्चे तेल की बास्केट की औसत कीमत 106.23 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कच्चे तेल का दाम भी 100 डॉलर प्रति बैरल की तरफ पहुंच रहा है. दोपहर 2:20 पर बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.75 प्रतिशत बढ़कर 97.73 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.78 प्रतिशत की तेजी के साथ 93.11 डॉलर प्रति बैरल पर था. 

होर्मूज स्‍ट्रेट बाधित रहा तो पेट्रोल-डीजल पर भी होगा असर!

मध्य पूर्व में लगातार तनाव के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट बंद है, जिससे दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का आवागमन होता है. जानकारों के मुताबिक, आने वाले समय में इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है.

अमेरिका-ईरान के युद्ध के बीच में यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले करने के कारण स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है और युद्ध के बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है. 

विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई रणनीतिक और आर्थिक ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला कर दिया है. इन हमलों में अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और अभा व जिजान स्थित साऊदी अरामको की तेल सुविधाएं शामिल थीं.  

ये भी पढ़ें:  आठवें वेतन आयोग पर PM मोदी को पत्र- क्‍या पुराने पेंशनर्स को नहीं मिलेगा फिटमेंट फैक्‍टर का लाभ? दूर कर लें कन्फ्यूजन

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Crude Oil India, Crude Oil Futures, Brent Crude Price, WTI Crude Price, Crude Prices Jump
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com