नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO को मार्केट रेगुलेटर SEBI से इसी महीने नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिल सकता है. सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने ये जानकारी दी. चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में SEBI चीफ ने कहा कि नियामक जल्द ही एनएसई को NOC जारी कर सकता है. NOC मिलने से NSE के लिए IPO लाने का रास्ता साफ हो जाएगा और वो अपने पब्लिक इश्यू को जल्द बाजार में उतार सकता है. पांडे ने कहा, 'अप्रूवल महीने के आखिर से पहले मिल सकता है, जिसके बाद लिस्टिंग प्रोसेस को आगे बढ़ाना एनएसई पर निर्भर करेगा.'
अबतक क्यों अटका हुआ है IPO?
NSE का आईपीओ तथाकथित डार्क फाइबर केस की वजह से कई सालों से अटके हुए हैं. इस मामले में आरोप थे कि 2010 और 2014 के बीच कुछ हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स को तेज प्राइवेट कम्युनिकेशन लाइनों के जरिए एनएसई के को-लोकेशन सर्वर तक खास एक्सेस दिया गया था. आरोप है कि इससे आरोपी दूसरे बाजार भागीदारों की तुलना में अधिक तेजी से व्यापार कर पाते थे.
SEBI ने अप्रैल 2019 में एनएसई को कथित गैर-कानूनी मुनाफे के तौर पर 62.58 करोड़ रुपये वापस करने का निर्देश दिया और कुछ सीनियर अधिकारियों को मार्केट से जुड़े पदों पर रहने से रोक दिया. 2022 में, सेबी ने एक्सचेंज पर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया, लेकिन बाद में सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल ने इसे रद्द कर दिया. इसके अलावा,एनएसई ने पिछले साल जुलाई में बताया था कि लगभग 1.46 लाख रिटेल निवेशक के पास ग्रे (अनलिस्टेड) मार्केट में एक्सचेंज के शेयर हैं.
दिलचस्प बात यह है कि शेयर की कीमतों में काफी बढ़ोतरी के बावजूद रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है. लगभग 1.46 लाख निवेशकों के पास एनएसई के शेयर हैं, जिनकी कीमत 2 लाख रुपये से कम है.
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