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न सैलरी की चिंता, न छुट्टी का झंझट! 15 AI एजेंट्स से चल रही पूरी कंपनी, मीटिंग से लीगल तक सारे काम करा रहा फाउंडर

AI Employee Based Company: ये तो कमाल हो गया. न सैलरी देनी है और न ही कोई वीक ऑफ या छुट्टी, इस शख्‍स ने तो 15 AI एजेंट्स के बूते पूरी की पूरी कंपनी चलाकर दिखा दिया. तो क्‍या इंसानों की जरूरत आने वाले समय में खत्‍म हो जाएगी

न सैलरी की चिंता, न छुट्टी का झंझट! 15 AI एजेंट्स से चल रही पूरी कंपनी, मीटिंग से लीगल तक सारे काम करा रहा फाउंडर
A Company with 15 AI Employees Only: इस कंपनी में केवल एआई कर्मचारी काम करते हैं

Ai Vs Human: लंबे समय से ये बहस चली आ रही है कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस लोगों की नौकरी खा जाएगा या फिर कंपनियों में कम कर्मचारियों की जरूरत ही रह जाएगी. इस पर विरोधाभास भी है. लेकिन क्‍या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक पूरी कंपनी बिना किसी इंसानी कर्मचारी के चल सकती है? सुनने में यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन फ्लोरिडा के एक एंटरप्रेन्योर ने इसे हकीकत में बदल दिया है. डिफेंस टेक फाउंडर आरोन स्नीड (Aaron Sneed) अपनी पूरी कंपनी को चलाने के लिए इंसानों पर नहीं, बल्कि 15 AI एजेंट्स पर भरोसा कर रहे हैं.

'The Council': जब AI कर्मचारी करते हैं मीटिंग

आरोन ने 15 AI एजेंट्स की एक टीम बनाई है, जिसे उन्होंने 'The Council' (परिषद) नाम दिया है. इस टीम में एक "Chief of Staff" एजेंट भी है, जिसका काम यह तय करना है कि कौन सा काम सबसे पहले होगा. ये एजेंट्स आपस में 'वर्चुअल राउंडटेबल' मीटिंग करते हैं, प्रपोजल्स पर चर्चा करते हैं और एक-दूसरे की गलतियां भी निकालते हैं.

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HR से लेकर लीगल तक, सब AI के हाथ में

स्नीड ने अपनी कंपनी के अहम विभाग AI को सौंप दिए हैं. 

  • HR और लीगल: कागजी कार्रवाई और ड्राफ्टिंग.
  • सप्लाई चेन और क्वालिटी कंट्रोल: ऑपरेशन्स की निगरानी.
  • डेटा मैनेजमेंट: सूचनाओं का विश्लेषण.
खास बात ये है कि ये AI एजेंट 'जी-हजूरी' नहीं करते. इन्हें इस तरह ट्रेन किया गया है कि ये फाउंडर की बात पर सवाल उठाएं और संभावित गलतियों (Blind Spots) की ओर इशारा करें.

हफ्ते के 20 घंटे और लाखों की लागत

Sneed के मुताबिक, एक सोलो फाउंडर के लिए ये एजेंट्स किसी वरदान से कम नहीं हैं. इनसे न सिर्फ खर्च कम हुआ है, बल्कि उनके हफ्ते के 20 घंटे का समय भी बच रहा है. हर एजेंट को तैयार करने में उन्हें लगभग दो हफ्ते का समय लगा.

क्या अब इंसानों की जरूरत खत्म?

हालांकि स्नीड का मानना है कि AI पूरी तरह इंसान की जगह नहीं ले सकता. उदाहरण के लिए, उनका 'लीगल एजेंट' कागजात तो तैयार कर देता है, लेकिन आखिरी फैसले के लिए अभी भी एक वकील की सलाह ली जाती है. स्नीड एक 'हाइब्रिड मॉडल' का सपना देख रहे हैं, जहां इंसान और AI कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे, मशीनें बोरियत भरे काम करेंगी और इंसान दिमाग लगाएंगे.

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उन्होंने अपनी पूरी कंपनी 15 AI एजेंट्स पर चलायी है जो विभिन्न विभागों का काम संभालते हैं.
The Council 15 AI एजेंट्स की एक टीम है जो वर्चुअल मीटिंग करके कामों का प्रबंधन करती है.
AI एजेंट्स HR, लीगल, सप्लाई चेन, क्वालिटी कंट्रोल और डेटा मैनेजमेंट संभालते हैं.
नहीं, अंतिम निर्णयों के लिए इंसानों की सलाह जरूरी है; AI एक हाइब्रिड मॉडल में इंसानों के साथ काम करता है.
खर्च कम हुआ और हफ्ते के 20 घंटे समय की बचत हुई, साथ ही कामों की दक्षता बढ़ी.

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