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शेयर मार्केट पर क्यों भारी पड़ती है 'दुर्योधन वाली गलती'? कोटक के नीलेश शाह ने बताए निवेश के 4 जादुई नियम

Investment Rules: कोटक म्यूचुअल फंड के एमडी नीलेश शाह ने निवेशकों के लिए कमाई और वेल्थ क्रिएशन के 4 गोल्डन रूल्स शेयर किए, जानिए कैसे आप इन्हें अपनाकर मोटी कमाई कर सकते हैं.

शेयर मार्केट पर क्यों भारी पड़ती है 'दुर्योधन वाली गलती'? कोटक के नीलेश शाह ने बताए निवेश के 4 जादुई नियम
Investment Rules: नीलेश शाह से जानिए कैसे आप शेयर मार्केट से पैसा कमा सकते हैं.

Investment Rules: मिडिल ईस्ट में चल रही टेंशन के बीच भारतीय शेयर बाजार में इस समय काफी हलचल देखने को मिल रही है. बहुत से निवेशक जल्दी पैसा कमाकर अमीर बनना चाहते हैं, लेकिन सच ये है कि बाजार में वही लोग सफल होते हैं जो संयम रखते हैं और सही तरीके से निवेश करते हैं. एनडीटीवी प्रॉफिट से बात करते हुए कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एमडी और सीईओ नीलेश शाह ने निवेशकों को समझाया है कि पैसा बनाने का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि इसके लिए लंबी अवधि के लिए प्लानिंग जरूरी होती है. 

नीलेश शाह ने 4 मनी रूल्स' (Four Money Rules) साझा किए. साथ ही उन्होंने महाभारत के एक बड़े किरदार का उदाहरण देकर बताया कि कैसे आज का निवेशक शेयर बाजार में दुर्योधन वाली गलती दोहरा रहा है. इस खबर में आपको बताते हैं कि ये नियम क्या हैं और कैसे आप अपनी गलती को सुधार कर करोड़ों का फंड खड़ा कर सकते हैं.

क्या है दुर्योधन वाली गलती?

नीलेश शाह ने कहा कि महाभारत में दुर्योधन ने एक बड़ी बात कही है. "जानामि धर्मं ना च मे प्रवृत्तिः, जानाम्यधर्मं ना च मे निवृत्तिः" मतलब "मैं जानता हूँ कि सही क्या है, लेकिन मैं उस रास्ते पर चल नहीं सकता. मैं यह भी जानता हूं कि गलत क्या है, लेकिन मैं खुद को उसे करने से रोक नहीं पाता."

शाह ने आगे कहा कि, आज के समय में रिटेल निवेशकों का हाल भी बिल्कुल दुर्योधन जैसा ही है. हर निवेशक को पता है कि शेयर बाजार में सफलता का मंत्र क्या है. लगातार निवेश करना, लंबी अवधि का नजरिया और एसेट एलोकेशन. सभी को पता है कि बिना सोचे-समझे किसी पेनी स्टॉक में पैसा लगाना या टिप्स के भरोसे ट्रेडिंग करना गलत है. लेकिन इसके बाद भी, निवेशक खुद पर काबू नहीं रख पाते. वो शॉर्ट-कट के चक्कर में पड़ते हैं, पैनिक में आकर अपने अच्छे शेयर्स बेच देते हैं और बाजार के टॉप पर लालच में आकर फंस जाते हैं. इसे ही दुर्योधन सिंड्रोम कहा जाता है.

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नीलेश शाह के 4 मनी रूल्स

नीलेश शाह का कहना है कि उन्होंने मार्केट के कई उतार-चढ़ाव देखने के बाद ये समझा है कि "कीमत वो है जो आप चुकाते हैं, और वैल्यू वो है जो आपको मिलती है." चलिए अब आपको उनके 4 मनी रूल्स के बारे में जानकारी देते हैं.

एसेट एलोकेशन जरूरी

नीलेश शाह का पहला नियम है, कभी भी अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में ना रखें. बाजार कब करवट बदल ले, कोई नहीं जानता. इसलिए आपका पैसा इक्विटी, डेट, गोल्ड और रियल एस्टेट में बंटा होना चाहिए. जब इक्विटी बाजार नीचे जाएगा, तो सोना या डेट आपके पोर्टफोलियो को संभाल लेगा.

निवेश में बैलेंस जरूरी

शाह के अनुसार, हम लोग पैसे बचाने पर तो जोर देते हैं, लेकिन पैसे को बढ़ाने यानी वेल्थ क्रिएशन पर बात नहीं करते. बिना सोचे-समझे किए गए निवेश केवल जुआ बनकर रह जाते हैं. निवेश करने से पहले उस कंपनी या फंड के बारे में जानकारी जरूर जुटाएं.

अच्छे शेयर को डिस्टर्ब ना करें

नीलेश के अनुसार निवेशकों को अपने अच्छे निवेश को बार-बार डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए. कई लोग हर दिन अपने पोर्टफोलियो का रिटर्न देखते हैं और जरा सा उतार-चढ़ाव होने पर घबराकर शेयर बेच देते हैं या बदल देते हैं. नीलेश शाह की सलाह है कि अच्छे म्यूचुअल फंड या स्टॉक्स को 10 से 15 साल के लिए कंपाउंड होने दें.

एक्सपर्ट्स की सलाह जरूरी

शेयर बाजार को आज के समय में समझना बहुत मुश्किल है. ऐसे में खुद सीधे स्टॉक्स ना चुनें. म्यूचुअल फंड्स की मदद आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है. प्रोफेशनल फंड मैनेजर्स आपके पैसे को सही जगह और सही समय पर एलोकेट करते हैं, जिससे रिस्क बहुत कम हो जाता है.

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