Iran-Israel War Impact on Indian Market: पश्चिम एशिया से आ रही युद्ध की खबरों ने ग्लोबल इकोनॉमी के साथ भारतीय शेयर बाजार की नींद उड़ा दी है. शनिवार को इजरायल के ईरान पर किए गए हमले और उसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने जियो पॉलिटिकल टेंशन को चरम पर पहुंचा दिया है. एक्सपर्ट का मानना है कि इस जंग का सीधा असर आज सोमवार को बाजार खुलते ही देखने को मिल सकता है.
निवेशक हुए परेशान
इस हफ्ते मंगलवार को होली की वजह से बाजार बंद रहेगा, लेकिन छुट्टियों वाले इस हफ्ते की शुरुआत बहुत उतार-चढ़ाव भरी हो सकती है. स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के रिसर्च हेड संतोष मीणा के अनुसार, "भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कच्चा तेल सबसे बड़ी कमजोरी है. अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो यह महंगाई का खतरा पैदा हो सकता है."
कच्चे तेल में लगी आग
ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड पहले ही 2.87% उछलकर 72.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है. इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा ने कहा कि इस संकट से भारत में महंगाई का दबाव बढ़ेगा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है.
इन 5 फैक्टर्स पर टिकी रहेगी बाजार की नजर
- युद्ध लंबा खिंचा तो क्रूड 80 डॉलर के पार जा सकता है.
- निवेशक Q3 के जीडीपी आंकड़ों और महीने की ऑटो सेल के आंकड़ों पर अपना रुख साफ करेंगे.
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार को और नीचे धकेल सकती है.
- अमेरिका और चीन से आने वाले देश की इकोनॉमी से जुड़े आंकड़े रिस्क का माहौल बना सकते हैं.
- साथ ही पिछला हफ्ता पहले ही बाजार के लिए बुरा रहा है, जहां सेंसेक्स 1527 अंक टूट चुका है.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार का कहना है कि सोमवार यानी आज बाजार का रिएक्शन बहुत ही खराब हो सकता है. सारा दारोमदार इस बात पर है कि यह जंग कितनी लंबी खिंचती है. अगर टेंशन कम नहीं हुई तो भारत का बैलेंस ऑफ पेमेंट पर असर पड़ सकता है.
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