देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) ने मंगलवार को बताया कि उसे आयकर विभाग (Income Tax Authority) की ओर से 5,786 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट असेसमेंट ऑर्डर (टैक्स डिमांड नोटिस) मिला है. हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस नोटिस का उसके वित्तीय कामकाज या परिचालन प्रदर्शन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा.
क्या है पूरा मामला?
ये मामला वित्त वर्ष 2022-23 से जुड़ा है. आयकर विभाग ने कंपनी द्वारा दाखिल की गई आय (Returned Income) की समीक्षा के बाद उसमें कुछ बदलाव और खर्चों को अस्वीकार (Disallowances) करने का प्रस्ताव दिया है. टैक्स अधिकारियों के अनुसार, कंपनी की घोषित आय में करीब 57,864 मिलियन रुपये (5,786 करोड़ रुपये) का अंतर पाया गया है.
कंपनी का अगला कदम
शेयर बाजार को दी गई जानकारी में मारुति सुजुकी ने कहा कि वह इस ड्राफ्ट ऑर्डर के खिलाफ विवाद समाधान पैनल (Dispute Resolution Panel) के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराएगी. यह एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत कंपनियां टैक्स विभाग के प्रस्तावों को चुनौती दे सकती हैं.
शेयर बाजार और कंपनी का प्रदर्शन
बड़े टैक्स नोटिस से इतर बात करें तो निवेशकों का भरोसा कंपनी पर बना हुआ है. मंगलवार को मारुति सुजुकी के शेयर 1.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 12,986 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे.
कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन की बात करें तो सेल्स में अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में मारुति ने 14.35 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेची हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 3.9% अधिक है. तीसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) 3,794 करोड़ रुपये रहा.
कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी राहुल भारती ने संकेत दिया है कि चौथी तिमाही के नतीजे सकारात्मक रहने की उम्मीद है. उद्योग जगत के लिए शुरुआती अनुमान के अनुसार गाड़ियों की बिक्री में लगभग 7% की बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
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