बाइक टैक्सी एग्रीगेटर्स (Ola, Uber, Rapido) की मनमानी के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. महाराष्ट्र सरकार ने गूगल और एप्पल से कहा है कि वे उबर, ओला और रैपिडो जैसे ऐप्स को अपने ऐप स्टोर से हटा दें. वजह ये है कि ये कंपनियां राज्य में बिना वैलिड पर्मिशन के बाइक टैक्सी सर्विस चला रही हैं. सरकार के साइबर विभाग ने IT एक्ट के तहत इन कंपनियों को नोटिस भेजा है और ऐप्स को ब्लॉक करने को कहा है.
ईवी बाइक पॉलिसी का नहीं हुआ पालन
साथ ही, सरकार को यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता की बात कही. उनका कहना है कि ड्राइवर की सही जांच नहीं हो रही, बीमा से जुड़ी समस्याएं हैं और राज्य की ईवी बाइक टैक्सी नीति का पालन भी नहीं किया जा रहा है. इससे यात्रियों की सुरक्षा कहीं ना कहीं कमजोर होती है.
इससे पहले अस्थायी लाइसेंस किए थे रद्द
मार्च 2026 में महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और आसपास के इलाकों में चल रही अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं पर सख्ती दिखाई. जो कंपनियां नियमों का पालन नहीं कर रही थीं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. कई कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए.
सरकार के अनुसार, नियमों के तहत मुंबई महानगर क्षेत्र में उबर, रैपिडो और ओला जैसी तीन कंपनियों को 30 दिनों के लिए अस्थायी लाइसेंस दिया गया था. इन कंपनियों को इस अवधि के अंदर सभी जरूरी नियमों और शर्तों का पालन करके स्थायी लाइसेंस हासिल करना था, यानी उन्हें तय समय में अपनी सर्विस को सरकारी नियमों के अनुसार पूरी तरह सही साबित करना जरूरी था. लेकिन वो इसमें फेल हो गईं.
नियमों का उल्लंघन
परिवहन विभाग के मुताबिक कुछ कंपनियों ने नियमों की पूर्ति किए बिना ही अवैध रूप से बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू कर दीं. इसके अलावा कई स्थानों पर बाइक टैक्सी चालकों से जुड़े सड़क दुर्घटनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शिकायतें भी सामने आईं. इन शिकायतों के बाद विभाग ने संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए और कुछ मामलों में पुलिस थानों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी.
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