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LPG सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं मिलेगी! इंडेन ने ऐसे परिवारों को मोबाइल पर भेजा नोटिस, क्‍या आपको भी मिला है?

LPG Subsidies: इंडेन ने 10 लाख से अधिक आय वाले एलपीजी उपभोक्ताओं को सब्सिडी बंद करने का नोटिस भेजा है. जानें क्या है नियम और 7 दिनों के भीतर कैसे दर्ज करें अपनी आपत्ति.

LPG सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं मिलेगी! इंडेन ने ऐसे परिवारों को मोबाइल पर भेजा नोटिस, क्‍या आपको भी मिला है?
LPG Subsidy क्‍या छोड़नी होगी आपको, समझ लीजिए नियम

LPG Subsidy Notice: क्‍या आपकी सालाना आय 10 लाख रुपये से ज्‍यादा है और क्‍या आप अभी भी LPG कनेक्‍शन पर सरकारी सब्सिडी का लाभ लेते हैं? अगर हां तो ये सही नहीं है और आपको सब्सिडी छोड़ बाजार मूल्‍य पर गैस सिलेंडर लेना होगा. LPG सिलेंडर मुहैया कराने वाली तेल मार्केटिंग कंपनियां इसके लिए उपभोक्‍ताओं को मैसेज में नोटिस भेज रही है. अगर आपके पास भी 'इंडेन' या किसी अन्य तेल कंपनी (OMC) की ओर से ऐसा कोई मैसेज आया है, जिसमें आपकी आय का जिक्र है, तो सावधान हो जाइए. 

दरअसल, केंद्र सरकार ने एलपीजी सब्सिडी (LPG Subsidy) के नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. अब उन उपभोक्ताओं की सब्सिडी रोकी जा रही है, जिनकी या उनके परिवार के किसी सदस्य की वार्षिक कर योग्य आय (Gross Taxable Income) 10 लाख रुपये से अधिक है.

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड से हो रही पहचान

हाल ही में कई उपभोक्ताओं को मिले इस मैसेज में स्पष्ट कहा गया है कि उपलब्ध आयकर रिकॉर्ड के अनुसार, उपभोक्ता या उनके साथ जुड़े परिवार के सदस्य की आय 10 लाख रुपये की निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है. तेल कंपनियां अब सीधे इनकम टैक्स विभाग के डेटा का उपयोग कर रही हैं ताकि यह पहचान की जा सके कि कौन से उपभोक्ता सब्सिडी के पात्र हैं और कौन नहीं.

सालाना 10 लाख की आय वालों के लिए क्‍या है नियम?

केंद्र सरकार ने दिसंबर 2015 में यह नियम लागू किया था कि जिन उपभोक्ताओं की वार्षिक आय (Self or Spouse) 10 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें बाजार मूल्य पर रसोई गैस खरीदनी होगी और उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा. हालांकि, शुरुआत में यह नियम 'सेल्फ-डिक्लेरेशन' (स्व-घोषणा) पर आधारित था, लेकिन अब डेटा एकीकरण के जरिए इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है.

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गलत जानकारी हो तो क्या करें?

अगर आपको लगता है कि आपकी आय 10 लाख रुपये से कम है और आपको यह मैसेज गलती से मिला है, तो आपके पास बचाव के लिए केवल 7 दिनों का समय है:

  • टोल-फ्री नंबर: आप तुरंत 1800-2333-555 पर संपर्क कर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.
  • ऑनलाइन पोर्टल: अपनी संबंधित तेल कंपनी (जैसे IndianOil के लिए दिए गए लिंक) के ग्रीवेंस पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें.
  • समय सीमा: यदि आप 7 दिनों के भीतर जवाब नहीं देते हैं, तो आपकी सब्सिडी स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी.

'गिव इट अप' और सब्सिडी का गणित

सरकार का तर्क है कि संपन्न परिवारों को सब्सिडी छोड़ देनी चाहिए ताकि उस पैसे का उपयोग 'उज्ज्वला योजना' जैसे कार्यक्रमों के जरिए गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन देने में किया जा सके. वर्तमान में, सब्सिडी केवल पात्र उपभोक्ताओं को ही सीधे उनके बैंक खातों (DBTL) में भेजी जाती है.

यह नियम केवल व्यक्तिगत आय पर नहीं, बल्कि पति/पत्नी की संयुक्त आय या लिंक किए गए परिवार के सदस्य पर भी लागू हो सकता है. मैसेज में दिए गए आधिकारिक लिंक की जांच जरूर कर लेनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध या फर्जी लिंक पर क्लिक न करें.

आयकर रिटर्न (ITR) में दर्शाई गई 'ग्रॉस टैक्सेबल इनकम' ही इस कटौती का मुख्य आधार है. सरकार का ये कदम सब्सिडी के गलत इस्‍तेमाल को रोकने और इसे केवल जरूरतमंदों तक सीमित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास बताया जा रहा है. 

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