दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में आई भारी गिरावट से निवेशकों की अरबों डॉलर की संपत्ति डूब गई है. देश के इतिहास में बाज़ार में आए इस ज़बरदस्त उतार-चढ़ाव के बाद, कई छोटे निवेशक सोशल मीडिया पर अपनी आर्थिक बर्बादी की दुखद कहानियां साझा कर रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मेमोरी-चिप की मांग को लेकर आई तेज़ी के बाद, जून के आखिर से KOSPI की वैल्यू में 40% से ज़्यादा की गिरावट आई है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK Hynix में भारी बिकवाली से यह गिरावट और तेज़ हो गई, क्योंकि निवेशकों को AI से जुड़े खर्चों के लंबे समय तक चलने और चीनी चिप बनाने वाली कंपनियों से बढ़ते कॉम्पिटिशन पर शक होने लगा था.
तेज गिरावट से रिटेल निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. बुधवार को सोशल मीडिया पर निवेशकों के ऐसे स्क्रीनशॉट की बाढ़ आ गई, जिनमें उन्होंने अपने पोर्टफोलियो की वैल्यू में आई भारी गिरावट को शेयर किया था.
घर खरीदने के लिए रखे 15 साल की बचत गंवा दिए
सोशल मीडिया एक्स पर सबसे ज़्यादा शेयर की गई पोस्ट में से एक 'fintechgirl' नाम की यूज़र की थी. उन्होंने बताया कि एक सट्टेबाज़ी वाले निवेश में उनके अपार्टमेंट खरीदने के लिए रखे 300 मिलियन KRW (लगभग 2 करोड़ रुपये) डूब गए. इन्वेस्टर ने लिखा कि 15 साल तक बचत करने के बाद, परिवार ने 600 मिलियन KRW जमा किए और उसमें से कुछ पैसे डोंगटन में एक छोटे से अपार्टमेंट के लिए डाउन पेमेंट के तौर पर इस्तेमाल किए. अगली किस्त आने से पहले लगभग 500 मिलियन KRW बचे थे, तभी यूज़र ने सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स से दूसरों को फ़ायदा कमाते देख उस पैसे को इन्वेस्ट करने का फ़ैसला किया. शुरुआत में, ट्रेड सफल रहे.
यूज़र ने लिखा, "मैंने अपनी मेहनत की कमाई के 300 मिलियन KRW गंवा दिए, जो मेरे अपार्टमेंट की किस्त भरने के लिए थे. मेरा तो मन कर रहा है कि मैं अपनी जान दे दूं."
उन्होंने बताया कि कैसे 'कुछ छूट जाने के डर' (FOMO) की वजह से बाजार गिरने से पहले उन्होंने तेज़ी से और ज़्यादा रिस्की इन्वेस्टमेंट किए.
यह भावुक पोस्ट इस साल दक्षिण कोरिया के इक्विटी मार्केट में आए ज़बरदस्त उतार-चढ़ाव को दिखाती हैं.
Translation:
— fintechgirl 🇰🇷 (@fintergirl) July 29, 2026
I blew away 300 million KRW ($300,000) of hard-earned money meant for my apartment installment payment. I feel like dying.
At first, seeing everyone else make money off Samsung Electronics made me feel like I was the only fool left out, and every single day was… pic.twitter.com/yoQJAbWHt1
जून तक 116 प्रतिशत की तेजी जुलाई में धड़ाम
जनवरी से जून के बीच KOSPI में 116% की तेज़ी आई थी, क्योंकि इन्वेस्टर्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च को लेकर उम्मीद के चलते सेमीकंडक्टर कंपनियों में खूब पैसा लगाया था. 19 जून को यह इंडेक्स पहली बार 9,000 के स्तर को पार कर गया, जिससे कुछ समय के लिए दक्षिण कोरिया मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के हिसाब से दुनिया का छठा सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट बन गया.
हालांकि, जब इन्वेस्टर्स ने यह सवाल उठाना शुरू किया कि क्या AI से जुड़ा कैपिटल खर्च मौजूदा स्तर पर बना रहेगा, तो लोगों का नजरिया तेजी से बदल गया. इसके बाद टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बिकवाली का दौर जून के आखिर और जुलाई में और तेज हो गया, जिससे हाल के वर्षों में देश के मार्केट में सबसे बड़ी गिरावट (करेक्शन) देखने को मिली.
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