जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते लगातार दो दिन तक गिरावट के बाद आज तीसरे दिन बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी संभलता नजर आया. मार्केट हल्की गिरावट के साथ खुला, लेकिन 15 मिनट के भीतर ही रिकवरी देखने को मिली. BSE सेंसेक्स में 190 अंकों की बढ़त देखी गई, वहीं दूसरी ओर NSE निफ्टी 50 में करीब 22 अंकों का उछाल देखा गया. सेंसेक्स 72,733 के पार चला गया, वहीं निफ्टी 50 भी 22,735 के पार पहुंच गया. हालांकि बाद में दोनों सूचकांक थोड़े नीचे आए.
25 शेयरों वाले सेंसेक्स पैक में लगभग आधे शेयर हरे निशान पर कारोबार करते दिखे. शुरुआती कारोबार में TCS, टेक महिंद्रा और HCL टेक जैसे आईटी शेयरों में 1.5% से 3% तक का उछाल देखने को मिला. वहीं सनफार्मा, टाइटन, इटरनल, भारती एयरटेल जैसे शेयरों में 0.62 फीसदी से 1.34 फीसदी तक की गिरावट देखी गई.
सेंसेक्स पैक में टीसीएस, इंडिगो, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, एचयूएल, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट,एलएंडटी, एमएंडएम, एसबीआई, आईटीसी और टाटा स्टील गेनर्स थे. एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, एनटीपीसी,टाइटन, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल और बजाज फिनसर्व लूजर्स थे.

स्मॉलकैप और मिडकैप में खरीदारी
लार्जकैप की अपेक्षा स्मॉलकैप और मिडकैप में खरीदारी देखी जा रही थी. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 219 अंक या 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,585 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 99 अंक या 0.52 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,300 पर था.
सूचकांकों में निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी पीएसई, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी गेनर्स थे. निफ्टी मेटल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी फार्मा लूजर्स थे.
वैश्विक बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा था. टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और ताइपे हरे निशान में थे. वहीं, सोल, बैंकॉक और हांगकांग लाल निशान में थे. अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को लाल निशान में बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.26 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.09 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ.
क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
IANS ने एक्सपर्ट्स के हवाले से बताया कि सितंबर में अब तक निफ्टी में आई 5.67 प्रतिशत की भारी गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और यूएस बॉन्ड यील्ड का बढ़ना था. जब एफआईआई ने बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू की, तो पिछले कुछ दिनों में यह गिरावट और तेज हो गई.
पिछले चार ट्रेडिंग दिनों में एफआईआई ने 24,054 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जो कि बहुत बड़ी बिकवाली है. 10-साल के यूएस बॉन्ड यील्ड के 5.2 प्रतिशत के आसपास रहने को देखते हुए, एफआईआई की यह बिकवाली एक समझदारी भरा कदम है.
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय निवेशकों के नजरिए से, मार्केट में आई यह तेज गिरावट एक मौका है. अच्छी ग्रोथ की संभावनाओं वाली लार्ज-कैप कंपनियों के वैल्यूएशन अब आकर्षक स्तर पर आ गए हैं.
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