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खादी ग्रामोद्योग ने वित्त वर्ष 24 में की1.55 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बिक्री, 10.17 लाख नए रोजगार के अवसर

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के चेयरमैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से खादी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लोगों का खादी के उत्पादों पर विश्वास बढ़ा है.

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खादी ग्रामोद्योग ने वित्त वर्ष 24 में की1.55 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बिक्री, 10.17 लाख नए रोजगार के अवसर
वित्त वर्ष 2013-14 में खादी कपड़े की बिक्री 1,081.04 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 6,496 करोड़ रुपये हो गई है.
नई दिल्ली:

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने वित्त वर्ष 2023-24 में 15.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 1.55 लाख करोड़ रुपये की बिक्री हासिल की है. इस दौरान ग्रामीण इलाकों में 10.17 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं. सरकार की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है.

मोदी सरकार में खादी और ग्रामीण इंडस्ट्री के उत्पादों की ब्रिकी पांच गुना बढ़ी

केवीआईसी के चेयरमैन मनोज कुमार ने कहा कि पिछले 10 वर्षों के मोदी सरकार के कार्यकाल में खादी और ग्रामीण इंडस्ट्री के उत्पादों की ब्रिकी पांच गुना बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 1,55,673.12 करोड़ रुपये हो गई है, जो कि 2013-14 में 31,154.2 करोड़ रुपये थी.

मनोज कुमार ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2013-14 के मुकाबले वित्त वर्ष 2023-24 में बिक्री में 400 प्रतिशत, उत्पादन में 314.79 प्रतिशत, नए रोजगार सृजन में 80.96 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है. केवीआईसी का यह योगदान भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 2047 एक विकसित भारत बनाने में एक अहम भूमिका निभाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से खादी उत्पादों को बढ़ावा 

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से खादी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लोगों का खादी के उत्पादों पर विश्वास बढ़ा है. आज के समय में खादी भारतीय युवाओं के बीच एक नई स्टेटस सिंबल के रूप में उभरा है. खादी और ग्रामीण इंडस्ट्री के उत्पादों की मांग बाजार में बढ़ रही है, जिसका असर हमारे प्रदर्शन पर भी दिख रहा है.

पिछले 10 वर्षों में खादी कपड़े के उत्पादन में 295% की वृद्धि

केवीआईसी के चेयरमैन ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में खादी और ग्राम उद्योग के प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम मिलने लगे हैं. ये आंकड़े दिखाते हैं कि 'मेक इन इंडिया' और 'वोकल फॉर लोकल' जैसे अभियानों से स्वदेशी उत्पादों पर लोगों का विश्वास बढ़ा है. पिछले 10 वर्षों में खादी कपड़े के उत्पादन में अप्रत्याशित 295 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

वित्त वर्ष 2013-14 में खादी कपड़े का उत्पादन 811.08 करोड़ रुपये था, जो कि वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 3,206 करोड़ रुपये हो गया है. वित्त वर्ष 2022-23 में खादी कपड़े का उत्पादन 2,915 करोड़ रुपये पर था. खादी कपड़े की मांग में भी इस दौरान उछाल देखने को मिला है.

वित्त वर्ष 2013-14 में खादी कपड़े की बिक्री 1,081.04 करोड़ रुपये पर थी, जो कि 2023-24 में बढ़कर 6,496 करोड़ रुपये हो गई है. इस दौरान बिक्री में 500 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है.

वित्त वर्ष 2022-23 में 5,942 करोड़ रुपये के खादी कपड़े की बिक्री

वित्त वर्ष 2022-23 में 5,942 करोड़ रुपये के खादी कपड़े की बिक्री हुई थी. केवीआईसी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय के तहत आता है. इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में अधिकतम रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है.
 

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