डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे प्रोफेशनल्स के साथ-साथ कंपनियों और बिजनेस फर्म्स के लिए ITR यानी इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख बढ़ा दी गई है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने वर्ष 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि को 31 अक्टूबर 2026 से 21 दिन आगे बढ़ा दिया है.
सीबीडीटी (CBDT) ने एक ताजा आदेश में कहा कि अब विशिष्ट कैटगरी (सीरियल नंबर 2) के टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है. इसके साथ ही, आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत इन मामलों में ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की तारीख भी 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है.
कौन लोग आते हैं सीरियल नंबर 2 के दायरे में?
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139 की उप-धारा (1) के स्पष्टीकरण 2 के अंतर्गत दी गई तालिका का 'सीरियल नंबर 2' उन टैक्सपेयर्स और संस्थाओं से संबंधित है, जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराना अनिवार्य होता है. इस कैटगरी में मुख्य रूप से प्रोफेशनल्स और व्यावसायिक इकाइयां शामिल होती हैं.
- कंपनियां : देश की सभी रजिस्टर्ड कंपनियां, चाहे उनका कारोबार या लाभ कितना भी हो, इस श्रेणी में आती हैं. कंपनियों के लिए अपने खातों का ऑडिट कराना और रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होता है.
- बिजनेस फर्म और प्रोपराइटरशिप: ऐसे कारोबारी या व्यापारी (जिनमें व्यक्तिगत व्यापारी, पार्टनरशिप फर्म और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप यानी LLP शामिल हैं) जिनके खातों का ऑडिट आयकर अधिनियम या अन्य किसी कानून के तहत किया जाना जरूरी है, वे इसी वर्ग में आते हैं.
- वर्किंग प्रोफेशनल्स: डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंसलटेंट और अन्य पेशेवर लोग, यदि उनके पेशे से होने वाली आय एक निश्चित सीमा से अधिक है और वे नियमों के तहत अपने खातों का ऑडिट करवाते हैं, तो वे भी इसी श्रेणी के अंतर्गत शामिल होते हैं.
- अन्य संस्थाएं: वे सभी ट्रस्ट, एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP), या बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI) जिनके खाते कानून के तहत ऑडिट के दायरे में आते हैं.
डेडलाइन बढ़ने से क्या होगा फायदा?
चूंकि इन व्यावसायिक इकाइयों और कंपनियों को अपने खातों का ऑडिट कराने के बाद ही ITR दाखिल करना होता है, इसलिए ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा बढ़ना और ITR फाइलिंग की तिथि आगे बढ़ना करदाताओं के लिए एक बड़ी राहत है. विस्तारित समय मिलने से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) और कर पेशेवरों को ऑडिट कार्य और रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा. विभाग की ओर से इस संबंध में औपचारिक नोटिफकेशन और विस्तृत आदेश अलग से जारी किया जा रहा है.
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