आज है ITR फाइल करने की आखिरी तारीख: गलती से चूके तो लगेगा जुर्माना, इन बातों का रखें खास ख्याल
प्रोफेशनल्स और नॉन-ऑडिट बिजनेस टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख आज यानी 31 अगस्त है. आकलन वर्ष 2026-27 (AY 2026-27) के लिए ITR-3 या ITR-4 दाखिल करने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर अपना रिटर्न सबमिट और वेरीफाई जरूर कर लें, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके.
आयकर विभाग (Income Tax Department) के अनुसार, इस साल अब तक 7 करोड़ से ज्यादा ITR फाइल किए जा चुके हैं. जिन लोगों का बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम है और जिनका ऑडिट नहीं होना है, वे आज हर हाल में अपना रिटर्न दाखिल कर दें.
31 अगस्त की डेडलाइन चूके तो क्या होगा?
चार्टर्ड अकाउंटेंट अमित कुमार ने इस बारे में बताया कि अगर कोई टैक्सपेयर आज यानी 31 अगस्त की समय सीमा से चूक जाता है, तो वह इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 की धारा 139(4) के तहत 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) फाइल कर सकता है. हालांकि, लेट फाइलिंग करने पर आपको जुर्माना देना पड़ सकता है और कई टैक्स बेनिफिट्स का नुकसान भी उठाना पड़ सकता है.
फ्रीलांसर्स और प्रोफेशनल्स न करें ये गलतियां
- गलत ITR फॉर्म न चुनें: बिजनेस या प्रोफेशनल कमाई होने पर ITR-1 और ITR-2 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. इसके लिए आपको ITR-3 या ITR-4 भरना होता है.
- सेक्शन 44ADA को लेकर कन्फ्यूज न रहें: कई फ्रीलांसर्स ये मान लेते हैं कि वे सेक्शन 44ADA के तहत आते हैं, जबकि यह नियम केवल कानूनी, मेडिकल, इंजीनियरिंग, अकाउंटेंसी और तकनीकी कंसल्टेंसी जैसे चुनिंदा प्रोफेशनल्स के लिए ही है.
- सही टैक्स रिजीम चुनने में गलती न करें: ओल्ड टैक्स रिजीम यानी पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने के लिए ITR फाइल करने से पहले फॉर्म 10-IEA भरना अनिवार्य होता है. अगर आप इसे छोड़ देते हैं, तो पोर्टल अपने आप नई टैक्स व्यवस्था चुन लेता है.
- खर्चों का सही हिसाब रखने में गलती न करें: कई लोग पर्सनल खर्चों को बिजनेस खर्च दिखा देते हैं, वहीं इंटरनेट, सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन, लैपटॉप-फोन की डिप्रेशिएशन और वर्क फ्रॉम होम के बिजली-किराये जैसे वैध खर्चों का क्लेम करना भूल जाते हैं.
- बैंक में आए पैसे को ही कुल आय मान लेने की गलती: केवल बैंक में ट्रांसफर हुई नेट रकम ही आपकी आय नहीं है. TDS या प्लेटफॉर्म चार्ज कटने से पहले की कुल राशि (Gross Receipt) को आय के रूप में दिखाना चाहिए.
- AIS और Form 26AS से मिलान जरूर करें: रिटर्न दाखिल करने से पहले अपनी आय और टीडीएस का मिलान एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और फॉर्म 26AS से जरूर कर लें, वरना आयकर विभाग का नोटिस मिल सकता है.
इन बातों का ध्यान रखने के अलावा प्रोफेशनल्स विदेशी आय की जानकारी छिपाने की गलती कतई ना करें. विदेशी क्लाइंट्स से मिलने वाली फीस या विदेशों में मौजूद बैंक खातों व संपत्तियों की सही जानकारी शेड्यूल FSI और FA में देनी जरूरी होती है.
ये भी पढ़ें: 35 रुपये किलो वाला प्याज दिल्ली-नोएडा में कहां-कहां मिलेगा?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं