विज्ञापन

War Impact on Share Market: जंग के बाद धड़ाम हुए ये दिग्गज शेयर, पहले हर पोर्टफोलियो में होते थे शामिल

Iran-Israel War Impact on Share Market: ईरान-इजरायल जंग के चलते भारतीय शेयर बाजार में उठा पटक मची है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने ऑटो, पेंट और बैंकिंग सेक्टर की कमर तोड़ दी है. जानें कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा टूटे.

War Impact on Share Market: जंग के बाद धड़ाम हुए ये दिग्गज शेयर, पहले हर पोर्टफोलियो में होते थे शामिल

Iran-Israel War Impact on Share Market: ईरान और इजरायल की जंग से भारतीय शेयर बाजार में बड़ा उठा पटक का दौर देखा जा रहा है. टेंशन शुरू होने के पहले दिन से 9 मार्च तक मार्केट में निवेशकों के 27 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं. कच्चे तेल की कीमतें हर दिन रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रही हैं. इससे निवेशकों के मन में लगातार डर पैदा हो रहा है. नतीजन जो शेयर कभी मार्केट के दमदार माने जाते थे, आज उनमें बिकावली का दौर जारी है. 

Iran-Israel War Impact on Share Market

Iran-Israel War Impact on Share Market

जंग के बाद इन शेयरों में दिखी बड़ी गिरावट

ऑटो, बैंकिंग, पेंट और टायर, एविएशन और लॉजिस्टिक्स के साथ रियल्टी और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लगातार कम हो रहा है. आपको अलग-अलग सेक्टर्स के बड़े शेयरों का पिछले 5 दिनों का हाल बताते हैं. 

  • टाटा मोटर्स (-7.10%)
  • महिंद्रा एंड महिंद्रा (-1.26%)
  • एसबीआई (-5.55%)
  • पीएनबी (-6.34%)
  • एशियन पेंट्स (-1.08%)
  • नेरोलैक पेंट्स (-3.83%)
  • एमआरएफ (-1.93%)
  • इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (-1.41%)
Iran-Israel War Impact on Share Market

Iran-Israel War Impact on Share Market

तेल कंपनियों पर बड़ा असर

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते बीपीसीएल, एचपीसीएल और इंडियन ऑयल जैसी तेल कंपनियों के शेयरों में 8% से ज्यादा की गिरावट आई है. अगर तेल की कीमतें कॉस्ट के हिसाब से नहीं बढ़ाईं गईं हैं, नतीजन ऑयल कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ रहा है. 

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों पर असर

बीएसई मिडकैप इंडेक्स में करीब 3% की गिरावट आई, जबकि बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 3% से ज्यादा गिरे हैं. इससे पता चल रहा है कि बाजार में निवेशक बड़े जोखिम से खुद को बचा रहे हैं. 

उठा पटक जारी रहने की आशंका

बाजार एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहेगा क्योंकि निवेशक दुनिया में हो रहे तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं. अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल ऊपर रहता है तो इसका भारत की अर्थव्यवस्था पर नेगिटिव असर पड़ सकता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com