- इंफोसिस का तीसरी तिमाही का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 2.2% घटकर ₹6,654 करोड़ रहा
- नए लेबर कोड के तहत ग्रैच्युटी और लीव लायबिलिटी के लिए कंपनी को 1,289 करोड़ का वन-टाइम खर्च करना पड़ा
- कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 8.9% बढ़कर ₹45,479 करोड़ तक पहुंच गया है
Infosys Q3 Results: देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने बुधवार को अपने तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं. इस बार कंपनी के मुनाफे में थोड़ी गिरावट देखी गई है, जिसकी अहम वजह नए लेबर कोड से जुड़ा एक बड़ा वन-टाइम खर्च को माना जा रहा है. हालांकि, घबराने की बात नहीं है, क्योंकि कंपनी ने अपने रेवेन्यू गाइडेंस को बढ़ाकर निवेशकों को भविष्य के लिए एक पॉजिटिव संकेत भी दिया है. इस खबर में तीसरी तिमाही के नतीजों से जुड़ी 5 बड़ी बातों के बारे में बताते हैं.
1. मुनाफे में 2.2% की गिरावट
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इंफोसिस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 2.2% घटकर ₹6,654 करोड़ रहा. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹6,806 करोड़ का मुनाफा कमाया था.
2. लेबर कोड का झटका?
मुनाफे में इस कमी की सबसे बड़ी वजह नए लेबर कोड हैं. इसके प्रॉविजन की वजह से कंपनी को ग्रैच्युटी और लीव लायबिलिटी के लिए 1,289 करोड़ रुपये का वन टाइम प्रोविजन करना पड़ा. हालांकि, यह एक नॉन-कैश और वन-टाइम खर्च है, जिससे कंपनी के ऑपरेशन्स पर असर नहीं पड़ेगा.
3. रेवेन्यू में 9% का उछाल
मुनाफे के मोर्चे पर थोड़ी सुस्ती रही, लेकिन कमाई के मामले में इंफोसिस ने दम दिखाया. कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 8.9% बढ़कर ₹45,479 करोड़ हो गया.
4. रेवेन्यू गाइडेंस में सुधार
भविष्य के लिए इंफोसिस काफी पॉजिटिव नजर आ रही है. कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 2-3% से बढ़ाकर 3-3.5% कर दिया है, जिससे पता चलता है कि कंपनी के पास डील्स की कोई कमी नहीं है.
5. नई भर्तियां और AI पर जोर
कंपनी के सीईओ सलिल पारेख ने बताया कि Infosys Topaz (AI प्लेटफॉर्म) की वजह से कंपनी को नई और बड़ी डील्स मिल रही हैं. इस तिमाही में कंपनी ने 5,043 नए कर्मचारियों को जोड़ा है और पूरे साल में 20,000 फ्रेशर्स को हायर करने का टारगेट रखा है.
कंपनी पर बढ़ भरोसा
इंफोसिस को पिछले तिमाही में 14.3% के रेट से एम्पलाई छोड़ कर जा रहे थे, जो अब इस तिमाही में घटकर 12.3% हो गई है. साथ ही दिसंबर तिमाही में कर्मचारियों की कुल संख्या में 5,043 का इजाफा हुआ है. अब कंपनी में 3,37,034 कर्मचारी काम कर रहे हैं. इंफोसिस के नतीजे बाजार बंद होने के बाद सामने आए हैं, उससे पहले कंपनी का शेयर बीएसई पर 0.75% बढ़कर 1,609.9 रुपये पर बंद हुआ था.
भले ही वन-टाइम खर्च ने मुनाफे के आंकड़े थोड़े कम कर दिए हों, लेकिन बढ़ता रेवेन्यू और नए कर्मचारियों को अपने साथ जोड़ना, ये बात साबित करती हैं कि इंफोसिस की रफ्तार बरकरार है.
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