India UPI Cyprus launch: देश का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई दुनिया भर में धूम मचा रहा है. फ्रांस, यूएई और सिंगापुर के बाद अब इस लिस्ट में एक और यूरोपीय देश का नाम जुड़ने वाला है. जी हां. दरअसल साइप्रस में अगले साल यानी 2027 से यूपीआई ऑपरेशनल हो जाएगा. इस बड़े कदम से भारतीय पर्यटकों को तो फायदा होगा ही साथ में दोनों देश के बीच फाइनेंशियल कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी. विदेश मंत्रालय ने इस एग्रीमेंट के बारे में जानकारी दी. साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स इस समय भारत की यात्रा पर आए हुए हैं, इसी दौरान ये बड़ा ऐलान किया गया है.
मार्च 2026 में हुए सबसे ज्यादा यूपीआई
देश में यूपीआई के रिकॉर्ड की बात करें तो मार्च 2026 में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 22.64 बिलियन यानी 2,264 करोड़ रुपये की रही. वहीं ट्रांजैक्शन वैल्यू 29.53 लाख करोड़ की रही. वहीं अप्रैल 2026 की बात करें तो ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 22.35 बिलियन डॉलर और ट्रांजैक्शन वैल्यू 29.03 लाख करोड़ रुपये के रहे. आंकड़ों से साफ है कि देश का यूपीआई हर महीने रिकॉर्ड के साथ आगे बढ़ता जा रहा है.
यूपीआई के अलावा और क्या हुई डील?
भारत और साइप्रस के बीच अब सिर्फ यूपीआई तक ही साझेदारी सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा में भी बड़ा समझौता किया है. उन्होंने ‘द्विपक्षीय रक्षा सहयोग कार्यक्रम 2026' पर साइन किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और मजबूत होगा. साथ ही, साइप्रस के राष्ट्रपति ने भारत‑मध्य पूर्व‑यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) का खुलकर समर्थन किया है और कहा है कि साइप्रस इस योजना में भारत और यूरोप को जोड़ने वाला एक भरोसेमंद पुल बनेगा.
राष्ट्रपति निकोस की भारत यात्रा
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स 20 से 23 मई 2026 तक भारत के दौरे पर हैं. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई. बहुत कम लोग जानते होंगे कि साइप्रस भारत में सीधे विदेशी निवेश (FDI) के मामले में दुनिया का 9वां सबसे बड़ा देश है. वहीं, यूरोपीय संघ (EU) के अंदर नीदरलैंड के बाद साइप्रस दूसरा सबसे बड़ा निवेशक है. साल 2000 से लेकर अब तक साइप्रस ने भारत में लगभग 16 बिलियन डॉलर का निवेश किया है.
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