भारत का शेयर बाजार एक बार फिर ग्लोबल निवेशकों की नजर में आ सकता है. डीएसपी नेत्र की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की इकोनॉमी मजबूत बनी हुई है और अगर निवेशक सिर्फ टेक शेयरों तक सीमित नहीं रहते, तो भारत में बड़ा निवेश आ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, उभरते बाजारों में भारत सबसे मजबूत विकल्पों में से एक बनकर सामने आया है. इसकी वजह यह है कि भारत का वैल्यूएशन अभी भी अपने लंबे समय के औसत के करीब है, जबकि कई दूसरे बड़े बाजार काफी महंगे हो चुके हैं.
भारत का वैल्यूएशन अब भी संतुलित
डीएसपी नेत्र की रिपोर्ट के अनुसार, एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स फिर से 2021 के स्तर पर पहुंच गया है. लेकिन इस तेजी का फायदा सिर्फ कुछ बाजारों और चुनिंदा शेयरों को ही मिला है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन चार बाजारों का एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में 5% से ज्यादा वेटेज है, उनमें भारत का वैल्यूएशन अपने लंबे समय के औसत से 2.39% नीचे है. वहीं ताइवान करीब 85% और दक्षिण कोरिया करीब 71% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. यह एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स के 24.71% कुल प्रीमियम से भी काफी ज्यादा है.
टेक सेक्टर ने अकेले संभाला पूरा बाजार
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल ताइवान और दक्षिण कोरिया का शानदार प्रदर्शन उनकी पूरी इकोनॉमी में बड़े सुधार की वजह से नहीं हुआ. इसकी सबसे बड़ी वजह एआई से जुड़े सेमीकंडक्टर सेक्टर में आई तेज तेजी रही. एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में टेक्नोलॉजी सेक्टर का वेटेज दिसंबर 2025 में 28.3% था, जो मई 2026 तक बढ़कर 44.2% हो गया. वहीं कम्युनिकेशन सर्विसेज, कंज्यूमर साइक्लिकल और हेल्थकेयर जैसे ज्यादातर दूसरे सेक्टरों की हिस्सेदारी घट गई. रिपोर्ट में बताया गया है कि इंडेक्स के 25.3% सालाना रिटर्न में अकेले टेक्नोलॉजी सेक्टर का योगदान 25.6 प्रतिशत अंक रहा.
सिर्फ तीन कंपनियों पर टिका बड़ा हिस्सा
रिपोर्ट के मुताबिक, इंडेक्स में हुई कुल बढ़त का करीब 72% फायदा सिर्फ तीन सेमीकंडक्टर कंपनियों से आया. इनमें टीएसएमसी, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स शामिल हैं. ये तीनों कंपनियां मिलकर पूरे बेंचमार्क का करीब 30% हिस्सा रखती हैं. डीएसपी का कहना है कि इतनी ज्यादा निर्भरता की वजह से एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स अब एआई और सेमीकंडक्टर शेयरों में आने वाले किसी भी बड़े बदलाव के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो गया है.
भारत में फिर लौट सकता है विदेशी निवेश
रिपोर्ट में भारत को उभरते बाजारों में सबसे आकर्षक निवेश विकल्पों में से एक बताया गया है. इसमें कहा गया है कि हाल के समय में भारत का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर जरूर रहा है, लेकिन देश की इकोनॉमी मजबूत है और शेयर बाजार का वैल्यूएशन भी लंबे समय के औसत के करीब है. डीएसपी का मानना है कि अगर ग्लोबल निवेशक टेक शेयरों से आगे बढ़कर दूसरे सेक्टरों में भी निवेश करना शुरू करते हैं, तो भारत में एक बार फिर बड़े स्तर पर पूंजी का प्रवाह देखने को मिल सकता है.
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