मॉरीशस की पेट्रोल-डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी ATF की पूरी जरूरत अब भारत पूरा करेगा. भारत और मॉरीशस के बीच एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए 5 साल की एक बड़ी डील हुई है. इस समझौते के तहत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी IOCL मॉरीशस के पेट्रोल-डीजल और ATF इन तीनों फ्यूल की 100 फीसदी सप्लाई करेगा.
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मॉरीशस यात्रा के दौरान इस समझौते पर मुहर लगी. ग्लोबल एनर्जी मार्केट में इस डील को भारत की एनर्जी सप्लाई क्षमता के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है.
IOCL और मॉरीशस की STC के बीच 5 साल का समझौता
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और मॉरीशस की स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन के बीच पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की बिक्री और खरीद के लिए 5 साल का लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट हुआ है.इस डील के तहत IOCL पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल (ATF) की सप्लाई को पूरा करेगा.
सरकार का कहना है कि इससे मॉरीशस में फ्यूल की किल्लत नहीं होगी. इसके साथ ही उसे अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में होने वाले बड़े उतार-चढ़ाव से भी राहत मिलेगी.
दक्षिण एशिया के बाहर IOCL की पहली बड़ी डील
यह समझौता इस मायने में भी खास है क्योंकि पिछले कई सालों में दक्षिण एशिया के बाहर किसी भारतीय सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी की यह पहली बड़ी लॉन्ग टर्म सप्लाई डील है. इस डील से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का दबदबा और बढ़ेगा, क्योंकि भारत पहले से ही दुनिया के बड़े रिफाइनिंग हब में से एक है.
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 21 अगस्त 2026 को अपनी दो दिन की मॉरीशस यात्रा पूरी की. इस दौरान 20 अगस्त को उन्होंने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई, तेल और गैस सेक्टर में सहयोग और बायोफ्यूल से जुड़े समझौतों पर सहमति बनी. इसी दौरान तेल और गैस डील को लेकर एक मेमोरेंडम (MoU) भी साइन किया गया.
बायोफ्यूल पर भी साथ काम करेंगे दोनों देश
भारत और मॉरीशस के बीच हुआ बड़ा तेल और गैस MoU सिर्फ फ्यूल सप्लाई के लिए नहीं है. इसके तहत दोनों देश पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई के साथ-साथ मॉरीशस के अधिकारियों को ट्रेनिंग और तकनीकी मदद भी देंगे.बायोफ्यूल के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे.
भारत में 23 रिफाइनरी,सालाना 267 मिलियन टन उत्पादन
भारत तेजी से दुनिया के बड़े रिफाइनिंग हब के तौर पर उभर रहा है. देश में इस समय 23 रिफाइनरी हैं, जहां हर साल करीब 267 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का उत्पादन होता है. मॉरीशस के साथ हुआ यह नया समझौता दुनिया भर में भारत की फ्यूल सप्लाई क्षमता और एक भरोसेमंद एनर्जी पार्टनर के तौर पर उसकी पहचान को और मजबूत बनाएगा.
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